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Fatehabad News: जर्जर हो चुके खाल में लगाया सीमेंटेड मोगा, तीन गांव के किसानों को राहत
Fri, 06 Dec 2024 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 06 Dec 2024 01:03 AM IST
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फतेहाबाद। जिले के गांव मताना में जर्जर हो चुके सिंचाई के खाल की जगह पर सीमेंटेड मोगा लगाया गया है। इससे किसानों को राहत मिली है। धांगड़ शाखा से निकलने वाले इस खाल का निर्माण कई साल पहले हुआ था। यह खाल पिछले कई वर्षों से पूरी तरह से जर्जर हो चुका था। इस कारण किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
फसलों को पर्याप्त पानी न मिलने के कारण अनाज के उत्पादन में कमी होने लगी। इससे परेशान किसानों ने तत्कालीन विधायक दुड़ाराम से खाल के निर्माण की मांग रखी। इसलिए तत्कालीन विधायक ने 23 लाख रुपये का बजट मंजूर करवा कर विधायक निधि से इसका निर्माण करवाया है।
इंद्र वर्मा, चंद्रप्रकाश शर्मा, देशराज, विष्णु ज्याणी, रामकुमार खलेरी, कपूर सिंह, रामधारी और जयचंद आदि किसानों ने खाल के निर्माण कार्य पर खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि उनके खेत गांव मताना, धांगड़ और बड़ोपल की सीमा से लगते हैं लेकिन उनके खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचता था। किसानों ने अधिकारियों के समक्ष कई बार मांग भी की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद किसानों ने यह मामला तत्कालीन विधायक दुड़ाराम को बताया था। विधायक ने बजट मंजूर करवा कर यह कार्य पूरा करवाया है। अब सीमेंट के मोगे लगने से खेतों तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचने की उम्मीद है।
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-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- सीमेंट के मोगे दबने से खेतों तक पूरा पानी पहुंचने की उम्मीद है। इस मोगे को देखरेख की जरूरत नहीं है। कई वर्षों की मांग पूरी हुई है। वर्षों पुराने जर्जर खाल से मुक्ति मिली है। - अनिल कुमार, निवासी, गांव मताना।
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गांव मताना, धांगड़ और बड़ोपल की सीमा पर लगते खेतों तक पहले सिंचाई के लिए नहर से भेजा गया पूरा पानी नहीं पहुंच पाता था। अब सीमेंटेड मोगे लगने से यह समस्या सुलझने की उम्मीद है। - गंगा सिंह, स्थानीय ग्रामीण।
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विभागीय अधिकारियों से इस खाल को पक्का करने की मांग की गई थी। अब बने सीमेंट के मोगे की मियाद कई वर्षों तक होती है। इसलिए किसान इससे लंबे समय तक सिंचाई कर सकेंगे। -
दलबीर वर्मा, सरपंच, गांव मताना।
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फसलों को पर्याप्त पानी न मिलने के कारण अनाज के उत्पादन में कमी होने लगी। इससे परेशान किसानों ने तत्कालीन विधायक दुड़ाराम से खाल के निर्माण की मांग रखी। इसलिए तत्कालीन विधायक ने 23 लाख रुपये का बजट मंजूर करवा कर विधायक निधि से इसका निर्माण करवाया है।
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इंद्र वर्मा, चंद्रप्रकाश शर्मा, देशराज, विष्णु ज्याणी, रामकुमार खलेरी, कपूर सिंह, रामधारी और जयचंद आदि किसानों ने खाल के निर्माण कार्य पर खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि उनके खेत गांव मताना, धांगड़ और बड़ोपल की सीमा से लगते हैं लेकिन उनके खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचता था। किसानों ने अधिकारियों के समक्ष कई बार मांग भी की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद किसानों ने यह मामला तत्कालीन विधायक दुड़ाराम को बताया था। विधायक ने बजट मंजूर करवा कर यह कार्य पूरा करवाया है। अब सीमेंट के मोगे लगने से खेतों तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचने की उम्मीद है।
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गांव मताना, धांगड़ और बड़ोपल की सीमा पर लगते खेतों तक पहले सिंचाई के लिए नहर से भेजा गया पूरा पानी नहीं पहुंच पाता था। अब सीमेंटेड मोगे लगने से यह समस्या सुलझने की उम्मीद है। - गंगा सिंह, स्थानीय ग्रामीण।
विभागीय अधिकारियों से इस खाल को पक्का करने की मांग की गई थी। अब बने सीमेंट के मोगे की मियाद कई वर्षों तक होती है। इसलिए किसान इससे लंबे समय तक सिंचाई कर सकेंगे। -
दलबीर वर्मा, सरपंच, गांव मताना।