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जाति प्रमाण पत्र बनवाने का झंझट होगा खत्म, पीपीपी में दर्ज होगी डेढ़ लाख परिवारों की जाति
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परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में अब जल्द जाति भी दर्ज होने जा रही है। पीपीपी में जाति दर्ज होने के बाद किसी को भी जाति प्रमाण पत्र बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकारी योजना के लाभ परिवार पहचान पत्र में दर्ज जाति के आधार पर मिल जाएगा। आवेदनकर्ता को सिर्फ पीपीपी देना होगा, इसमें दर्ज डाटा पोर्टल खुद ही उठा लेगा। परिवार पहचान पत्र में ऑनलाइन ही जाति दर्ज करने के लिए जिले के पटवारियों को एनआईसी की तरफ से प्रशिक्षण दे दिया गया है। अब पटवारी अपने क्षेत्र के परिवारों के परिवार पहचान पत्र में जाति दर्ज करेंगे।
जिले में 1 लाख 54 हजार परिवारों के परिवार पहचान पत्र में पटवारी जाति दर्ज करेंगे। इसको लेकर पटवारियों को लॉगइन आईडी भी जारी की गई है। अहम बात यह है कि पहले बन चुके परिवार पहचान पत्र में पटवारी खुद ही जाति वेरिफाई करके दर्ज कर देंगे। पीपीपी में अपडेट करवाने की जरूरत नहीं है। पटवारियों को अपने क्षेत्र का डाटा एक क्लिक पर मिलेगा। पटवारियों को लॉगइन आईडी दिए गए हैं। अपना मोबाइल नंबर दर्ज करते ही उन्हें अपने क्षेत्र का डाटा मिल जाएगा। इसके बाद वह अपने क्षेत्र के परिवारों की पीपीपी खोलकर उसमें जाति वेरिफाई करके दर्ज कर सकेंगे।
ये मिलेगा फायदा
अगर किसी को पेंशन के लिए आवेदन करना है या फिर किसी अन्य सरकारी योजना के लिए आवेदन करना है तो उसे परिवार पहचान पत्र देना होगा। इसके अलावा अन्य दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। संबंधित विभाग जैसे ही पोर्टल पर पीपीपी नंबर डालेगा तो पूरा विवरण सामने आ जाएगा।
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6469 परिवारों ने 25 हजार से कम बताई वार्षिक आय, जांच शुरू
जिले में 6469 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने परिवार पहचान पत्र में अपनी वार्षिक आय 25 हजार से भी कम बताई है। ऐसे परिवारों की प्रशासन इनकम वेरिफिकेशन का कार्य करवा रहा है। इसके लिए सभी बूथों पर 700 टीमें बनाई गई है। 1527 परिवारों का इनकम वेरिफिकेशन का कार्य पूरा हो चुका है। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने बताया कि इस कार्य के लिए 700 लोकल टीमें बनाई गई है, जोकि घर-घर जाकर इनकम वेरिफिकेशन का कार्य कर रही है। इन टीमों के बाद दो तरह की टीमें उस आंकड़ा को सत्यापित करने का काम करती है। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने इसको लेकर शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने पास उपलब्ध डाटा की सही-सही जानकारी दर्ज की जाए। अगर टीम को किसी प्रकार की कोई दिक्कत है तो वे राजस्व विभाग से भी जानकारी ले सकते हैं। एडीसी ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे परिवार पहचान पत्र में इनकम वेरिफिकेशन कार्य में टीमों का सहयोग करें और अपने परिवार की सही इनकम की जानकारी टीम को दें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।
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जिले में 1 लाख 54 हजार परिवारों के परिवार पहचान पत्र में पटवारी जाति दर्ज करेंगे। इसको लेकर पटवारियों को लॉगइन आईडी भी जारी की गई है। अहम बात यह है कि पहले बन चुके परिवार पहचान पत्र में पटवारी खुद ही जाति वेरिफाई करके दर्ज कर देंगे। पीपीपी में अपडेट करवाने की जरूरत नहीं है। पटवारियों को अपने क्षेत्र का डाटा एक क्लिक पर मिलेगा। पटवारियों को लॉगइन आईडी दिए गए हैं। अपना मोबाइल नंबर दर्ज करते ही उन्हें अपने क्षेत्र का डाटा मिल जाएगा। इसके बाद वह अपने क्षेत्र के परिवारों की पीपीपी खोलकर उसमें जाति वेरिफाई करके दर्ज कर सकेंगे।
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ये मिलेगा फायदा
अगर किसी को पेंशन के लिए आवेदन करना है या फिर किसी अन्य सरकारी योजना के लिए आवेदन करना है तो उसे परिवार पहचान पत्र देना होगा। इसके अलावा अन्य दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। संबंधित विभाग जैसे ही पोर्टल पर पीपीपी नंबर डालेगा तो पूरा विवरण सामने आ जाएगा।
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6469 परिवारों ने 25 हजार से कम बताई वार्षिक आय, जांच शुरू
जिले में 6469 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने परिवार पहचान पत्र में अपनी वार्षिक आय 25 हजार से भी कम बताई है। ऐसे परिवारों की प्रशासन इनकम वेरिफिकेशन का कार्य करवा रहा है। इसके लिए सभी बूथों पर 700 टीमें बनाई गई है। 1527 परिवारों का इनकम वेरिफिकेशन का कार्य पूरा हो चुका है। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने बताया कि इस कार्य के लिए 700 लोकल टीमें बनाई गई है, जोकि घर-घर जाकर इनकम वेरिफिकेशन का कार्य कर रही है। इन टीमों के बाद दो तरह की टीमें उस आंकड़ा को सत्यापित करने का काम करती है। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने इसको लेकर शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने पास उपलब्ध डाटा की सही-सही जानकारी दर्ज की जाए। अगर टीम को किसी प्रकार की कोई दिक्कत है तो वे राजस्व विभाग से भी जानकारी ले सकते हैं। एडीसी ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे परिवार पहचान पत्र में इनकम वेरिफिकेशन कार्य में टीमों का सहयोग करें और अपने परिवार की सही इनकम की जानकारी टीम को दें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।