फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Bus repairs are delayed due to lack of mechanics

Fatehabad News: मैकेनिक की कमी से बसों की मरम्मत में हो रही देरी

Tue, 11 Nov 2025 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Tue, 11 Nov 2025 11:38 PM IST
विज्ञापन
Bus repairs are delayed due to lack of mechanics
फतेहाबाद के पुराना बस स्टैंड में बनी वर्कशॉप में मरम्मत के लिए खड़ी बसें। संवाद
फतेहाबाद। शहर का नया बस स्टैंड शुरू हुए तीन साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन रोडवेज की वर्कशॉप (कर्मशाला) अभी भी पुराने बस स्टैंड परिसर में ही चल रही है। इससे न सिर्फ जगह की कमी महसूस हो रही है, बल्कि मैकेनिक के भारी टोटे के कारण बसों की मरम्मत का काम भी धीमी गति से चल रहा है।
विज्ञापन


इस अव्यवस्था का सीधा असर बसों के सुचारु संचालन पर पड़ रहा है, जिससे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो के बेड़े में बसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में डिपो में 145 से अधिक बसें हैं, लेकिन इन सभी की मरम्मत और रखरखाव के लिए वर्कशॉप अभी भी पुरानी, छोटी जगह पर ही सीमित है।
विज्ञापन


पुराने बस स्टैंड पर बसों की पार्किंग और वर्कशॉप का काम एक साथ चलने से हमेशा भीड़-भाड़ और अव्यवस्था बनी रहती है। मरम्मत के लिए खड़ी जर्जर हो चुकीं बसों से समस्या और बढ़ गई है। वर्कशॉप की सबसे बड़ी समस्या स्थायी और अनुभवी मैकेनिकों की कमी है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 1993 के बाद से कार्यशाला के लिए कोई स्थायी भर्ती नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस समय के बाद से अब तक 85% से अधिक स्थायी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब कार्यशाला में सिर्फ नाममात्र के ही स्थायी कर्मचारी बचे हैं। इलेक्ट्रीशियन, टायरमैन, गियर बॉक्स और इंजन ठीक करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सिर्फ एक-एक स्थायी कर्मचारी तैनात है।



---

प्रशिक्षुओं के सहारे चल रहा काम

कर्मचारियों की कमी के चलते बसों को ठीक करने का जिम्मा अब मुख्य रूप से ग्रुप-डी के कर्मचारियों और आईटीआई से विभिन्न ट्रेड से पास हो चुके प्रशिक्षुओं के जिम्मे चल रहा है। स्थायी कर्मचारियों को इन्हें सिखाने तक का समय नहीं मिल पाता, जिससे काम की गुणवत्ता और गति दोनों प्रभावित होती हैं। अनुभवी कर्मचारियों की कमी के चलते बसें समय पर ठीक नहीं हो पाती हैं, जिसके कारण कई बार जरूरी रूट भी प्रभावित होते हैं।



---

नए बस स्टैंड पर नहीं मिली जगह



कर्मशाला को नए बस स्टैंड पर शिफ्ट करने की तैयारी काफी समय से चल रही है, लेकिन अब तक नए वहां पर वर्कशॉप के लिए जगह आवंटित नहीं हो पाई है। नए बस स्टैंड के साथ ही वर्कशॉप के लिए रोडवेज की ओर से 5 एकड़ जगह मांगी हुई है। नए बस स्टैंड के पास की जमीन एचएसवीपी की है। अभी तक रोडवेज को एचएसवीपी की ओर से जमीन ही नहीं मिली है। जिस कारण काफी समय से वर्कशॉप को शिफ्ट करने का मामला अटका हुआ है। वहीं रोडवेज अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने मुख्यालय को कर्मचारियों की डिमांड भेजी है।


--------------------

बिल्डिंग क्लर्क सुनील गुर्जर ने बताया कि मंगलवार को रोडवेज अधिकारियों सहित एचएसवीपी के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। एचएसवीपी के अधिकारियों ने बताया है कि जगह देने का निर्णय मुख्यालय की ओर से होगा। दोबारा पत्राचार करके मुख्यालय से इस मामले में रिपोर्ट पूछी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed