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Fatehabad News: उधार का चारा, बड़ा मुश्किल गुजारा
Thu, 19 Feb 2026 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 19 Feb 2026 10:49 PM IST
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जिले की एक गोशाला में गोवंश की हालत । संवाद
फतेहाबाद। गो, गंगा और गीता को सर्वाेपरि मानने वाली सरकार में जिले की गायों को भरपेट चारा नहीं मिला है। कारण जिले की गोशालाओं में पिछले आठ माह से ग्रांट नहीं मिली है। जिलेभर की अधिकांश गोशालाओं में चारा और अन्य आवश्यक सामग्री की भारी कमी ने स्थिति को गंभीर बना दिया है।
गोशाला प्रबंधन ने बताया कि हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि उन्हें कुछ समय बाद गोवंश को खुले में छोड़ने की नौबत आ सकती है। कई गोशालाएं पिछले महीनों से उधार में चारा खरीद रही हैं, लेकिन लेनदारों से विवाद न होने के कारण कुछ राहत है। फिलहाल गोशालाएं केवल आने वाले दान और भेंटों के भरोसे ही खर्च चला रही हैं। यदि समय रहते ग्रांट जारी नहीं की गई तो स्थिति और अधिक गंभीर होने की आशंका है। संवाद
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कई गोशालाओं में एक हफ्ते का चारा बचा
जिले में लगभग 68 गोशालाएं और नंदीशाला पंजीकृत हैं। इनको हरियाणा गोसेवा आयोग की ओर से सीधी ग्रांट जारी होती है। ग्रांट जारी न होने से पिछले लंबे समय से अधिकतर गोशालाओं में उधार चारा मंगवाया जा रहा है। कई गोशालाएं ऐसी हैं जिनका चारे का भंडार समाप्त होने को है। इनमें अब महज एक-आध हफ्ते का ही चारा बचा है। जिन गोशालाओं के पास अपनी जमीन नहीं है, वहां पर तो सूखे चारे का भी संकट गहरा रहा है। इसके अलावा गोशालाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह देने के लिए भी आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है।
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अगस्त में सीएम ने बांटी थी ग्रांट, वो पिछली उधारी में खत्म हुई
पिछले साल अगस्त में मुख्यमंत्री नायब सैनी जिले के गांव बड़ोपल में आए थे। उस दौरान उन्हाेंने जिले की सभी गोशालाओं को ग्रांट के चेक वितरित किए थे। वो ग्रांट जनवरी, फरवरी और मार्च माह के लिए थी, जो कि गोशालाओं की पुरानी उधारी चुकाने में ही खर्च हो गई थी। अब एक बार ग्रांट का मामला अटकने के चलते हालात एक बार फिर वही हो गए हैं।
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जिले में गोशालाओं का लेखा-जोखा
फतेहाबाद जिले में पंजीकृत गोशाला : 68
कुल पशु : 35000
गाय के लिए प्रतिदिन चारा खर्च : 20 रुपये
गाय-नंदी के बच्चे के लिए प्रतिदिन चारा खर्च : 10 रुपये
नंदी के लिए प्रतिदिन चारा खर्च : 25 रुपये
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काफी लंबे समय से गोशाला के लिए ग्रांट जारी नहीं हुई है। इसके चलते गोशाला का सारा सिस्टम बिगड़ गया है। पशुओं के लिए चारे का प्रबंधन नहीं कर पा रहे और न ही कर्मचारियों को तनख्वाह आदि का इंतजाम हो पा रहा है। सरकार से आग्रह है कि जल्द से जल्द गोशालाओं की ग्रांट जारी करें ताकि इन बेजुबानों का भला हो सके।
-रामसिंह, अध्यक्ष, गोशाला मेहूवाला
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फतेहाबाद जिले की गोशालाओं व नंदीशाला में ग्रांट की फाइल हरियाणा गोसेवा आयोग को भेजी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही ग्रांट जारी हो जाएगी। इससे चारा और अन्य बुनियादी जरूरतों की कमी महसूस नहीं होगी। हम अपने स्तर पर पशुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए नियमित रूप से गोशालाओं में जाकर उनके स्वास्थ्य की जांच करते रहते हैं।
-डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, फतेहाबाद।
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गोशालाओं को बहुत जल्द ग्रांट जारी कर दी जाएगी। इसके लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब किसी भी समय मुख्यमंत्री इस बारे में आवश्यक निर्देश जारी कर देंगे।
-श्रवण कुमार गर्ग, चेयरमैन, हरियाणा गोसेवा आयोग।
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गोशाला प्रबंधन ने बताया कि हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि उन्हें कुछ समय बाद गोवंश को खुले में छोड़ने की नौबत आ सकती है। कई गोशालाएं पिछले महीनों से उधार में चारा खरीद रही हैं, लेकिन लेनदारों से विवाद न होने के कारण कुछ राहत है। फिलहाल गोशालाएं केवल आने वाले दान और भेंटों के भरोसे ही खर्च चला रही हैं। यदि समय रहते ग्रांट जारी नहीं की गई तो स्थिति और अधिक गंभीर होने की आशंका है। संवाद
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कई गोशालाओं में एक हफ्ते का चारा बचा
जिले में लगभग 68 गोशालाएं और नंदीशाला पंजीकृत हैं। इनको हरियाणा गोसेवा आयोग की ओर से सीधी ग्रांट जारी होती है। ग्रांट जारी न होने से पिछले लंबे समय से अधिकतर गोशालाओं में उधार चारा मंगवाया जा रहा है। कई गोशालाएं ऐसी हैं जिनका चारे का भंडार समाप्त होने को है। इनमें अब महज एक-आध हफ्ते का ही चारा बचा है। जिन गोशालाओं के पास अपनी जमीन नहीं है, वहां पर तो सूखे चारे का भी संकट गहरा रहा है। इसके अलावा गोशालाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह देने के लिए भी आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है।
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अगस्त में सीएम ने बांटी थी ग्रांट, वो पिछली उधारी में खत्म हुई
पिछले साल अगस्त में मुख्यमंत्री नायब सैनी जिले के गांव बड़ोपल में आए थे। उस दौरान उन्हाेंने जिले की सभी गोशालाओं को ग्रांट के चेक वितरित किए थे। वो ग्रांट जनवरी, फरवरी और मार्च माह के लिए थी, जो कि गोशालाओं की पुरानी उधारी चुकाने में ही खर्च हो गई थी। अब एक बार ग्रांट का मामला अटकने के चलते हालात एक बार फिर वही हो गए हैं।
जिले में गोशालाओं का लेखा-जोखा
फतेहाबाद जिले में पंजीकृत गोशाला : 68
कुल पशु : 35000
गाय के लिए प्रतिदिन चारा खर्च : 20 रुपये
गाय-नंदी के बच्चे के लिए प्रतिदिन चारा खर्च : 10 रुपये
नंदी के लिए प्रतिदिन चारा खर्च : 25 रुपये
काफी लंबे समय से गोशाला के लिए ग्रांट जारी नहीं हुई है। इसके चलते गोशाला का सारा सिस्टम बिगड़ गया है। पशुओं के लिए चारे का प्रबंधन नहीं कर पा रहे और न ही कर्मचारियों को तनख्वाह आदि का इंतजाम हो पा रहा है। सरकार से आग्रह है कि जल्द से जल्द गोशालाओं की ग्रांट जारी करें ताकि इन बेजुबानों का भला हो सके।
-रामसिंह, अध्यक्ष, गोशाला मेहूवाला
फतेहाबाद जिले की गोशालाओं व नंदीशाला में ग्रांट की फाइल हरियाणा गोसेवा आयोग को भेजी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही ग्रांट जारी हो जाएगी। इससे चारा और अन्य बुनियादी जरूरतों की कमी महसूस नहीं होगी। हम अपने स्तर पर पशुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए नियमित रूप से गोशालाओं में जाकर उनके स्वास्थ्य की जांच करते रहते हैं।
-डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, फतेहाबाद।
गोशालाओं को बहुत जल्द ग्रांट जारी कर दी जाएगी। इसके लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब किसी भी समय मुख्यमंत्री इस बारे में आवश्यक निर्देश जारी कर देंगे।
-श्रवण कुमार गर्ग, चेयरमैन, हरियाणा गोसेवा आयोग।

जिले की एक गोशाला में गोवंश की हालत । संवाद