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नहाने का शौक बना ‘जानलेवा’
fatehabad
Updated Tue, 03 Jun 2014 11:45 PM IST
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गर्मियों के दिनों में युवाओं को नहरों और तालाबों में नहाने का शौक भारी पड़ रहा है। नहर में नहाने के दौरान अनट्रेंड युवा जरा सी चूक से मौत का ग्रास बन रहे हैं। पिछले एक माह में ही एक दर्जन से ज्यादा ऐसे मामले हो चुके हैं। जिले में इतनी मौत हो जाने के बावजूद प्रशासन पूरी तरह मौन है। न तो नहरों के किनारों पर गश्त की जा रही है और न ही चेतावनी भरे बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
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ग्रामीणों क्षेत्रों में युवा गर्मी से बचने के लिए अपने साथियों के साथ नहरों पर नहाने चले जाते हैं। नहरों में पानी की गति तेज होने के कारण वे उसकी चपेट में आ जाते हैं। प्रशासन इस बात से भली-भांति परिचित है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया। अभी पूरी गर्मी बाकी है। इस बीच यदि प्रशासन समय रहते नहीं चेता तो न जाने कितने युवा नहर में डूबने से अपनी जान गंवा बैठेंगे।
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हालांकि नहरों पर नहाना प्रशासन के नजरिये से प्रतिबंधित है, लेकिन जिले में सभी छोटी-बड़ी नहरों पर रोजाना दोपहर को दर्जनों लड़के नहर पर साफ देखे जा सकते हैं। ऐसे में होने वाली मौतों का जिम्मेदार किसे ठहराया जाए। मई माह में लगभग 15 युवा नहरों में डूबने से अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रशासन मात्र उनका पोस्टमार्टम करवाकर शव को उनके परिजनों के हवाले कर देता है।
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आश्वासन देकर भूल गईं एसडीएम
अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। एसडीएम शालिनी चेतल ने भी इसे एक गंभीर मुद्दा माना था। उन्होंने कहा था कि वह इस बात को अधिकारियों की होने वाली बैठक में रखेंगी, लेकिन शायद बैठक के दौरान वह इस मुद्दे को भूल गई और अब तक प्रशासन ने कोई नियम नहीं बनाए। यहां फिर वही सवाल उठता है कि यदि प्रशासन इस तरह लापरवाही बरतता रहा तो इन मौतों का जिम्मेदार किसे माना जाए।
नहरों पर गश्त हो तो रुक सकती हैं आत्महत्या
नहरों में डूबकर जान देने वालों की भी कमी नहीं है। यदि नहर के किनारों पर गश्त करवाई जाए तो डूबकर मरने वाले कई लोगों को बचाया जा सकता है।
पानी में डूबने से इनकी गई जान
11 मई को भाखड़ा नहर में दो बच्चे जिगर और भावुक के शव बरामद किए गए
12 मई को टोहाना के गांव दमकोरा से गुजरने वाली फतेहाबाद ब्रांच नहर से कमलेश देवी का शव बरामद किया
14 मई को भाखड़ा नहर से 22 वर्षीय अज्ञात युवक का शव मिला
19 मई को फतेहाबाद ब्रांच नहर से एक शव बरामद किया गया
20 मई को टोहाना के गांव बलियाला निवासी एक ग्रंथी लखविंद्र सिंह की मौत नहर में डूबने से हुई
21 मई को बादलगढ़ निवासी अत्तरसेम की जिंदगी भी नहर के पानी के बहाव ने निगल ली
22 मई को ग्रंथी लखविंद्र की तलाश के दौरान गोताखोरों ने नहर से ही दो अज्ञात शव बरामद किए थे
28 मई को तलवाड़ी गांव के पास एक 19 वर्षीय युवती ने गांव की नहर में छलांग लगा दी थी। हालांकि ग्रामीणों ने उसे बचा लिया था
29 मई को रतिया के गांव भूंदड़वास निवासी दो युवक नहर में नहाते समय पानी के बहाव में बह गए और मौत के मुंह में चले गए
31 मई को भट्टूृकलां के गांव ढ़ाबीकलां में बने एक जलघर में डूबने से 24 वर्षीय मंगल सिंह की मौत हो गई
01 जून को गांव भोड़ाहोशनाक में सिद्ध मुख नहर में डूबने से 23 वर्षीय विशाल की मौत हो गई थी
02 जून को दरियापुर के जलघर में डूबने से 20 वर्षीय युवक भी अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठा।
कोट
नहरों की दीवार पर लिखवाया जाएगा कि इस नहर की गहराई इतनी है, यहां नहाना खतरनाक है। नहाते हुए पकड़े जाने पर दंड का प्रावधान भी है। इसके अलावा जिन गांवों में से बड़ी नहरें गुजरती हैं, उन गांवों में नहरी विभाग के एसडीओ को लेकर चेकिंग करने की योजना है। मैं अभी सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को फोन कर नहाने वाले युवकों पर कार्रवाई करने और बोर्ड लगाने की बात करती हूं।
- शालिनी चेतल, एसडीएम, फतेहाबाद
बड़ी नहरों पर हमने एहतियात के तौर पर बोर्ड लगवाए हुए हैं। नहाने के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं ह्रै।
- एसके जनेवा, कार्यकारी अभियंता, नहरी विभाग फतेहाबाद