फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   At 1:00 am the police picked up kashi from the fast and brought him to the hospital

रात एक बजे पुलिस ने काशी को जबरन अनशन से उठाकर अस्पताल पहुंचाया

Thu, 25 Jul 2019 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2019 12:09 AM IST
विज्ञापन
At 1:00 am the police  picked up kashi from the fast and brought him to the hospital
At 1:00 am the police picked up kashi from the fast and brought him to the hospital - फोटो : Fatehabad
पिछले 19 दिनों से नशे के खिलाफ अनशन पर बैठे प्रवीन काशी को मंगलवार रात करीब एक बजे शहर पुलिस ने जबरदस्ती धरने से उठाकर नागरिक अस्पताल में दाखिल करवा दिया। काशी का आरोप है कि शहर थानाध्यक्ष सुरेंद्र कंबोज ने नियमों को ताक पर रखकर उनका और उनके साथियों का मोबाइल भी कब्जे में ले लिया। वहीं सुबह 9 बजे तक उपचार शुरू न होने पर प्रवीण काशी बिना किसी को बताए पपीहा पार्क में वापस अनशन स्थल पर आकर बैठ गए। इस बीच अस्पताल में उनसे मिलने पहुंचे डीसी धीरेंद्र खड़गटा को जब बेड पर प्रवीण काशी नहीं मिले तो उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों को लताड़ लगाई कि उनकी लापरवाही के चलते एक अनशनकारी अस्पताल से गायब हो गया और किसी को खबर तक नहीं हुई।
विज्ञापन

शहीद सुखदेव के नाती भी एसएचओ को सस्पेंड करने की मांग के साथ अनशन पर बैठे
नशे के खिलाफ अनशन कर रहे प्रवीण काशी को रात करीब एक बजे धरने से जबरन उठाने की सूचना मिलते ही शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर भी पपीहा पार्क में अनशन स्थल पर पहुंचे और सांझा कमेटी की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में पुलिस के रवैये पर ऐतराज जताया और एसएचओ सुरेंद्र कंबोज के निलंबन की मांग की। इस दौरान शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर ने ऐलान किया कि जब तक एसएचओ सुरेंद्र कंबोज को निलंबित नहीं किया जाता तब तक वो भी प्रवीण काशी के साथ अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने ये भी मांग रखी कि आखिर किस अधिकारी के निर्देश पर एसएचओ ने नियमों के खिलाफ जाकर अनशनकारी प्रवीन काशी को आधी रात को जबरन उठाया।
विज्ञापन

मंगलवार रात को ही तीन नशा मुक्ति केंद्रों पर बनी थी सहमति, बुधवार सुबह खोलना था अनशन
प्रवीण काशी के अनशन का संचालन कर रहे सांझा कमेटी के सदस्य एवं जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने बताया कि विशाल नैयर की सीएम हाएस में दीपक मंगला से बात हुई थी और तीन नशा मुक्ति केंद्रों पर सरकार ने सहमति दे दी थी। इसकी सूचना बाकायदा ड्यूटी पर तैनात खुफिया विभाग के कर्मचारियों को भी दी गई लेकिन इसके बावजूद ना जाने क्यों आधी रात को एसएचओ कंबोज अपनी टीम के साथ आए और काशी को उठाकर जबरन अस्पताल ले गए। इस दौरान उनके साथ साथियों के मोबाइल भी उनसे ले लिए गए। उनके एक साथी ने अस्पताल में ही एक अन्य मरीज का मोबाइल लेकर बाकी साथियों को इस घटनाक्रम की सूचना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुबह तहसीलदार विजय मेहता पहुंचे, पांच नशा मुक्ति केंद्रों का दिया प्रस्ताव
रात के पुलिसिया ड्रामा और सुबह प्रवीण काशी द्वारा बिना किसी को बताए वापिस अनशन स्थल पर आने के बाद प्रशासन ने नई रणनीति के तहत तहसीलदार विजय मेहता को अनशनकारी प्रवीण काशी और उनके साथियों से बात करने भेजा। पहली बार पहुंचे तहसीलदार ने शांति से प्रवीण काशी और विशाल नैयर से बातचीत की और दोबारा डीसी से भी बात की। इसके बाद दोबारा अनशन स्थल पर पहुंचे तहसीलदार विजय मेहता ने काशी को बताया कि प्रशासन भट्टू, टोहाना, जाखल, रतिया और फतेहाबाद में नशा मुक्ति केंद्र शुरू करने को तैयार है और इसकी कमेटी में उनके दो सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा लेकिन उनके इस आश्वासन पर भी धरना खत्म नहीं हुआ।

एसएचओ बोले- मंगलवार तफ्तीश पर गया था, रात लेट आया, आते ही कार्रवाई की
शहर थानाध्यक्ष सुरेंद्र कंबोज पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने आधी रात को काशी को जबरन उठाकर अस्पताल पहुंचाया। सुरेंद्र कंबोज का इस बारे में कहना है कि वो मंगलवार को किसी मामले की जांच के लिए बाहर थे और देर रात लौटे थे। इस बीच उनके कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग का पत्र आया हुआ था कि काशी की तबियत खराब है तो उनकी जान बचाने के लिए ही उन्हें अनशन पर से ले जाकर अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed