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रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा पटवारी
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Fri, 02 Oct 2015 12:18 AM IST
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टीम इसी विभाग के एक कानूनगो दलबीर सिंह को भी रिकॉर्ड सहित अपने साथ
ले गई। हालांकि विजिलेंस ने फिलहाल सिर्फ आत्माराम को ही आरोपी बताया है।
विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपिंदर शर्मा ने बताया कि आरोपी पटवारी टोहाना के गांव दीवाना निवासी शेरसिंह से जमीन के हिस्से करवाने के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था।
शेर सिंह ने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी। जिसके बाद एक विशेष टीम बनाकर उपायुक्त से अनुमति लेकर कार्रवाई की गई। टीम में बीडीपीओ अनुभव मेहता को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट बनाकर भेजा गया था।
इंस्पेक्टर शर्मा के मुताबिक शिकायतकर्ता को हजार हजार के दस नोटों पर पाउडर लगाकर भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने शेर सिंह से नोट पकड़े, पहले से तैयार खड़ी विजिलेंस की टीम ने उक्त आरोपी आत्माराम को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी पटवारी के हाथ धुलवाने पर उसके हाथ लाल हो गए।
ये थी शिकायत
दीवाना गांव के शेर सिंह ने शिकायत में बताया कि उनके दादा की छह एकड़ जमीन थी जिसको लेकर उसके पिता एवं ताऊ के बीच विवाद चल रहा था। जिसका कोर्ट से दोनों के बीच फैसला हो गया।
इसके तहत उसके पिता एवं ताऊ को बराबर बराबर जमीन बांटी जानी थी। इसके लिए वो पिछले छह माह से आरोपी कर्मचारी के पास चक्कर काट रहा था कि सरकारी रिकॉर्ड में उसके पिता एवं ताऊ की जमीन के हिस्से कर दे।
आरोप है कि पहले तो कई दिन तक वो शेर सिंह को चक्कर कटवाता रहा। इसके बाद पिछले दिनों आत्माराम ने शेर सिंह से इस काम को करवाने की एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
इसके बाद शेर सिंह ने विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह को शिकायत दी। वीरवार को छापा मारने की सारी कार्यवाई अमल में लाई गई।
छापा मारने वाली विशेष टीम का नेतृत्व खुद इंस्पेक्टर भूपिंदर शर्मा कर रहे थे। ड्यूटी मैजिस्ट्रेट अनुभव मेहता के अलावा इस टीम में गोपाला राम, सदानंद, ध्यान सिंह, जिले सिंह, रामफल, विनोद, बलकार सिंह एवं बलराम आदि शामिल थे।
विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपिंदर शर्मा ने बताया कि आरोपी पटवारी टोहाना के गांव दीवाना निवासी शेरसिंह से जमीन के हिस्से करवाने के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था।
शेर सिंह ने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी। जिसके बाद एक विशेष टीम बनाकर उपायुक्त से अनुमति लेकर कार्रवाई की गई। टीम में बीडीपीओ अनुभव मेहता को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट बनाकर भेजा गया था।
इंस्पेक्टर शर्मा के मुताबिक शिकायतकर्ता को हजार हजार के दस नोटों पर पाउडर लगाकर भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने शेर सिंह से नोट पकड़े, पहले से तैयार खड़ी विजिलेंस की टीम ने उक्त आरोपी आत्माराम को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी पटवारी के हाथ धुलवाने पर उसके हाथ लाल हो गए।
ये थी शिकायत
दीवाना गांव के शेर सिंह ने शिकायत में बताया कि उनके दादा की छह एकड़ जमीन थी जिसको लेकर उसके पिता एवं ताऊ के बीच विवाद चल रहा था। जिसका कोर्ट से दोनों के बीच फैसला हो गया।
इसके तहत उसके पिता एवं ताऊ को बराबर बराबर जमीन बांटी जानी थी। इसके लिए वो पिछले छह माह से आरोपी कर्मचारी के पास चक्कर काट रहा था कि सरकारी रिकॉर्ड में उसके पिता एवं ताऊ की जमीन के हिस्से कर दे।
आरोप है कि पहले तो कई दिन तक वो शेर सिंह को चक्कर कटवाता रहा। इसके बाद पिछले दिनों आत्माराम ने शेर सिंह से इस काम को करवाने की एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
इसके बाद शेर सिंह ने विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह को शिकायत दी। वीरवार को छापा मारने की सारी कार्यवाई अमल में लाई गई।
छापा मारने वाली विशेष टीम का नेतृत्व खुद इंस्पेक्टर भूपिंदर शर्मा कर रहे थे। ड्यूटी मैजिस्ट्रेट अनुभव मेहता के अलावा इस टीम में गोपाला राम, सदानंद, ध्यान सिंह, जिले सिंह, रामफल, विनोद, बलकार सिंह एवं बलराम आदि शामिल थे।