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Fatehabad News: आयुष्मान कार्ड धारक के लिए निशुल्क है एंटी रेबीज इंजेक्शन

Sat, 28 Sep 2024 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 28 Sep 2024 01:32 AM IST
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Anti rabies injection is free for Ayushman card holders
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में एआरवी इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों का रजिस्ट्रेशन करते हुए स्टाफ
फतेहाबाद। कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। शहर में ही चार माह में 751 लोगों को कुत्तों ने काट लिया। लोग नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे हैं। ये वह लोग हैं जिन्होंने पहली डोज लगवाई है। एंटी रेबीज की चार डोज लगाई जाती हैं।
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यही नहीं बंदर, बिल्ली और चूहे के काटने पर भी लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि समय रहते टीकाकरण जरूरी है। 15 से 20 साल बाद भी रेबीज के लक्षण आ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयुष्मान कार्ड, बीपीएल कार्ड धारक के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन की निशुल्क व्यवस्था है। इसके अलावा अन्य से 100 रुपये प्रति इंजेक्शन लिए जाते हैं। फिलहाल सरकारी अस्पताल में वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध है।
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नागरिक अस्पताल में ये लोग पहुंचे एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने
वजह अगस्त जुलाई जून मई
कुत्ते के काटने 151 190 205 205
बंदर के काटने 2 4 2 2
चूहे के काटने 0 0 0 1
बिल्ली के काटने 0 2 2 0
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समय पर टीकाकरण न होना बन सकता है मौत का कारण
विशेषज्ञों की माने तो कुत्ते या अन्य किसी जानवर के काटने के बाद रेबीज बीमारी फैलने की आशंका हर समय बनी रहती है। रेबीज एक जानलेवा बीमारी है। यदि समय रहते टीकाकरण न हो तो यह मौत का कारण भी बन जाता है। वैक्सीन लगवाने के तुरंत बाद बीमारी से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। 40 से 50 फीसदी तक पहली डोज में ही एंटीबॉडी बन जाती है। चार डोज लगने के बाद रेबीज का खतरा न के बराबर हो जाता है।
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ये है रेबीज के लक्षण
- शरीर में थकावट रहना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- मन में अजीबोगरीब ख्याल आना, मन विचलित रहना
- कान में आवाज सुनाई देना
- पानी और हवा से डर लगना
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कुत्ते या फिर किसी अन्य जानवर के काटने पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। वैक्सीन का पूरा कोर्स करना चाहिए। सरकारी अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध हैं। वैक्सीन न लगवाने से इसके लक्षण 10 से 15 साल बाद भी आ सकते हैं।
- डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
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