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किसान संगठनों ने प्रदर्शन कर 20 जगह फूंका प्रधानमंत्री का पुतला
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर किसानों व मजदूरों ने जिले में 20 स्थानों पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। शहर में लालबत्ती चौक पर इकट्ठे होकर काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता कल्याण सिंह ने की। मुख्य वक्ता रामकुमार बहबलपुरिया ने कहा कि मोदी सरकार के सात साल के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। रही सही कसर कृषि के तीन काले कानूनों व मजदूरों के चार लेबर कोड ने पूरी कर दी है।
इन कानूनों को वापस करवाने के लिए किसानों को दिल्ली के बॉर्डर पर धरना दिए 6 महीने पूरे हो गए हैं, लेकिन सरकार आंदोलनकारियों की बात सुनने की बजाय आंदोलन को कुचलने और उन पर अनेक तरह के अनर्गल आरोप लगाने में व्यस्त है। दूसरी ओर कोराना महामारी के दौर में कहीं भी इलाज की समुचित व्यवस्था सरकार नहीं कर पाई है। अनियोजित लॉकडाउन के कारण मेहनत-मजदूरी करने वालों और छोटे दुकानदारों पर बहुत बुरी मार पड़ी है। केंद्र सरकार के कानून, कोरोना महामारी और बिना किसी योजना लगाए गए लॉकडाउन के कारण पूरी जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।
इन जगह हुआ प्रदर्शन
फतेहाबाद - फतेहाबाद, भोडियाखेड़ा, भूथन कलां, दरियापुर, बीघड़, ढाणी इस्सर
टोहाना - टोहाना, समैण, कन्हड़ी
रतिया - रतिया में दो जगह
कुलां - धारसूल
भूना - भूना
भट्टू - भट्टू, खाबड़ा कलां, ढाबी कलां, ढाबी खुर्द, पीलीमंदोरी, ढांड
जाखल - जाखल
टोहाना में भाकियू महिला प्रदेशाध्यक्ष ने बढ़ाया हौसला
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर किसानों ने क्षेत्र के गांव समैण, कन्हड़ी व शहर के टाउन पार्क के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों ने गांव समैण व शहर के वाल्मीकि चौक पर इकट्ठे होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला फूंका। इससे पूर्व किसानों ने शहर के टाउन पार्क से चंडीगढ़ रोड के रास्ते काले झंडे लेकर विरोध मार्च निकाला। शहर के कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष सुमन हुड्डा ने शिरकत की जबकि गांव समैण में किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र घासी राम नैन पहुंचे।
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भूथन कलां में किसानों ने निकाला विरोध मार्च
गांव भूथन कलां में भी काले झंडे लेकर बस स्टैंड से गांव के मेन चौक तक विरोध मार्च निकाला गया और नीम वाले चौक में मोदी सरकार का पुतला दहन किया गया। इसमें किसानों, मजदूरों दुकानदारों के अलावा बच्चों और महिलाओं ने भी भाग लिया। एडवोकेट चंद्रभान और मास्टर राजेंद्र कुलडिय़ा ने कहा कि पिछले 7 साल में मोदी सरकार ने देश को पूंजीपतियों के हवाले करने के लिए कई कानून बनाए हैं। कॉरपोरेट के हितों की रक्षा के लिए और देश की खेती किसानी को बर्बाद करने के लिए तीन काले कृषि कानून बनाए गए हैं। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार यह सारे कानून वापस नहीं ले लेती।
आम आदमी पार्टी ने किया किसानों का समर्थन
आम आदमी पार्टी ने किसानों का समर्थन करते हुए काला दिवस मनाया। आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने घरों, प्रतिष्ठानों व वाहनों पर काले झंडे लगाकर सरकार की जनविरोधी व किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की। केंद्र सरकार से मांग की कि वह हठधर्मिता छोड़कर किसान संगठनों के साथ बातचीत कर उनकी समस्या का समाधान करें ताकि 6 माह से दिल्ली बॉर्डर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसान खुश होकर वापस अपने घर लौट सके।
निर्माण मजदूरों ने भी मनाया काला दिवस
लॉकडाउन में आर्थिक संकट से जूझ रहे भवन निर्माण मजदूरों ने किसानों के समर्थन में काला दिवस मनाया और अपने घरों व वाहनों पर काले झंडे लगाकर मोदी सरकार के पुतले फूंके। भवन निर्माण कामगार यूनियन के आह्वान पर मजदूरों ने गांव डूल्ट, बुवान, धोलू, भूना, जांडली कलां, गोरखपुर व शहर के मोहल्लों में काला दिवस मनाया। यूनियन के जिला प्रधान ओमप्रकाश अनेजा, जिला सचिव मुकेश डुल्ट, जगीर सिंह, धर्मपाल आदि नेताओं ने मांग की कि निर्माण मजदूर की सुविधा राशि बिना शर्त जारी हो। निर्माण मजदूरा के कोरोना पॉजिटिव होने पर मुफ्त इलाज किया जाए। कृषि के तीनों कानूनों को रद्द किया जाए। फसल की खरीद के लिए एमएसपी का कानून बनाया जाए। प्रदर्शन में सुभाष, ओमप्रकाश, सुल्तान, उमा, कृष्णा, धोलू से मुंशी, प्रकाश, बलवीर, रामफल, भूना से साहब सिंह, कावल सिंह, अमन, सीता राम आदि ने भाग लिया।
भट्टू तहसील के 6 गांवों में मनाया गया काला दिवस
किसान सभा, सीटू, जनवादी नौजवान सभा व खेत मजदूर यूनियन द्वारा गावं खाबड़ाकलां, ढाबी कलां, ढाबी खुर्द, पीलीमंदोरी, भट्टू व ढांड में किसान-मजदूरों, नौजवानों व महिलाओं ने हाथों में काला झंडा लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। भट्टूमंडी व ढाबी खुर्द में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले का दहन किया गया। कार्यक्रम का संचालन नौजवान सभा के जिला प्रधान सतबीर सिंह आजाद ने किया। मुख्य वक्ता विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि शांतिपूर्ण किसान आंदोलन को 6 महीने पूरे हो चुके हैं। सात साल पहले नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई थी और इन सात सालों में कई जनविरोधी फैसले लिए हैं। इस मौके पर रोहताश डूडी, मनोहर लाल, कृष्ण, मास्टर हनुमान, सूरजमल जाखड़, रामस्वरूप सिधू, विजय सिंह, शीशपाल, कमला सिधु, बिशन सिंह, सतबीर सिंह, सुभाष मेहरा, कृष्ण कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।
शव यात्रा निकालकर किसानों ने फूंका पीएम का पुतला
किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कुलां क्षेत्र के किसानों ने प्रधानमंत्री के पुतले की शव यात्रा निकाली, जिसमें महिलाओं ने भी भाग लिया। बाद में धारसूल गांव के बस स्टैंड पर जाकर प्रधानमंत्री का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही किसान बाइक व गाडिय़ों पर टोहाना के लिए रवाना हुए।
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इन कानूनों को वापस करवाने के लिए किसानों को दिल्ली के बॉर्डर पर धरना दिए 6 महीने पूरे हो गए हैं, लेकिन सरकार आंदोलनकारियों की बात सुनने की बजाय आंदोलन को कुचलने और उन पर अनेक तरह के अनर्गल आरोप लगाने में व्यस्त है। दूसरी ओर कोराना महामारी के दौर में कहीं भी इलाज की समुचित व्यवस्था सरकार नहीं कर पाई है। अनियोजित लॉकडाउन के कारण मेहनत-मजदूरी करने वालों और छोटे दुकानदारों पर बहुत बुरी मार पड़ी है। केंद्र सरकार के कानून, कोरोना महामारी और बिना किसी योजना लगाए गए लॉकडाउन के कारण पूरी जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।
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इन जगह हुआ प्रदर्शन
फतेहाबाद - फतेहाबाद, भोडियाखेड़ा, भूथन कलां, दरियापुर, बीघड़, ढाणी इस्सर
टोहाना - टोहाना, समैण, कन्हड़ी
रतिया - रतिया में दो जगह
कुलां - धारसूल
भूना - भूना
भट्टू - भट्टू, खाबड़ा कलां, ढाबी कलां, ढाबी खुर्द, पीलीमंदोरी, ढांड
जाखल - जाखल
टोहाना में भाकियू महिला प्रदेशाध्यक्ष ने बढ़ाया हौसला
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर किसानों ने क्षेत्र के गांव समैण, कन्हड़ी व शहर के टाउन पार्क के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों ने गांव समैण व शहर के वाल्मीकि चौक पर इकट्ठे होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला फूंका। इससे पूर्व किसानों ने शहर के टाउन पार्क से चंडीगढ़ रोड के रास्ते काले झंडे लेकर विरोध मार्च निकाला। शहर के कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष सुमन हुड्डा ने शिरकत की जबकि गांव समैण में किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र घासी राम नैन पहुंचे।
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भूथन कलां में किसानों ने निकाला विरोध मार्च
गांव भूथन कलां में भी काले झंडे लेकर बस स्टैंड से गांव के मेन चौक तक विरोध मार्च निकाला गया और नीम वाले चौक में मोदी सरकार का पुतला दहन किया गया। इसमें किसानों, मजदूरों दुकानदारों के अलावा बच्चों और महिलाओं ने भी भाग लिया। एडवोकेट चंद्रभान और मास्टर राजेंद्र कुलडिय़ा ने कहा कि पिछले 7 साल में मोदी सरकार ने देश को पूंजीपतियों के हवाले करने के लिए कई कानून बनाए हैं। कॉरपोरेट के हितों की रक्षा के लिए और देश की खेती किसानी को बर्बाद करने के लिए तीन काले कृषि कानून बनाए गए हैं। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार यह सारे कानून वापस नहीं ले लेती।
आम आदमी पार्टी ने किया किसानों का समर्थन
आम आदमी पार्टी ने किसानों का समर्थन करते हुए काला दिवस मनाया। आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने घरों, प्रतिष्ठानों व वाहनों पर काले झंडे लगाकर सरकार की जनविरोधी व किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की। केंद्र सरकार से मांग की कि वह हठधर्मिता छोड़कर किसान संगठनों के साथ बातचीत कर उनकी समस्या का समाधान करें ताकि 6 माह से दिल्ली बॉर्डर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसान खुश होकर वापस अपने घर लौट सके।
निर्माण मजदूरों ने भी मनाया काला दिवस
लॉकडाउन में आर्थिक संकट से जूझ रहे भवन निर्माण मजदूरों ने किसानों के समर्थन में काला दिवस मनाया और अपने घरों व वाहनों पर काले झंडे लगाकर मोदी सरकार के पुतले फूंके। भवन निर्माण कामगार यूनियन के आह्वान पर मजदूरों ने गांव डूल्ट, बुवान, धोलू, भूना, जांडली कलां, गोरखपुर व शहर के मोहल्लों में काला दिवस मनाया। यूनियन के जिला प्रधान ओमप्रकाश अनेजा, जिला सचिव मुकेश डुल्ट, जगीर सिंह, धर्मपाल आदि नेताओं ने मांग की कि निर्माण मजदूर की सुविधा राशि बिना शर्त जारी हो। निर्माण मजदूरा के कोरोना पॉजिटिव होने पर मुफ्त इलाज किया जाए। कृषि के तीनों कानूनों को रद्द किया जाए। फसल की खरीद के लिए एमएसपी का कानून बनाया जाए। प्रदर्शन में सुभाष, ओमप्रकाश, सुल्तान, उमा, कृष्णा, धोलू से मुंशी, प्रकाश, बलवीर, रामफल, भूना से साहब सिंह, कावल सिंह, अमन, सीता राम आदि ने भाग लिया।
भट्टू तहसील के 6 गांवों में मनाया गया काला दिवस
किसान सभा, सीटू, जनवादी नौजवान सभा व खेत मजदूर यूनियन द्वारा गावं खाबड़ाकलां, ढाबी कलां, ढाबी खुर्द, पीलीमंदोरी, भट्टू व ढांड में किसान-मजदूरों, नौजवानों व महिलाओं ने हाथों में काला झंडा लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। भट्टूमंडी व ढाबी खुर्द में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले का दहन किया गया। कार्यक्रम का संचालन नौजवान सभा के जिला प्रधान सतबीर सिंह आजाद ने किया। मुख्य वक्ता विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि शांतिपूर्ण किसान आंदोलन को 6 महीने पूरे हो चुके हैं। सात साल पहले नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई थी और इन सात सालों में कई जनविरोधी फैसले लिए हैं। इस मौके पर रोहताश डूडी, मनोहर लाल, कृष्ण, मास्टर हनुमान, सूरजमल जाखड़, रामस्वरूप सिधू, विजय सिंह, शीशपाल, कमला सिधु, बिशन सिंह, सतबीर सिंह, सुभाष मेहरा, कृष्ण कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।
शव यात्रा निकालकर किसानों ने फूंका पीएम का पुतला
किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कुलां क्षेत्र के किसानों ने प्रधानमंत्री के पुतले की शव यात्रा निकाली, जिसमें महिलाओं ने भी भाग लिया। बाद में धारसूल गांव के बस स्टैंड पर जाकर प्रधानमंत्री का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही किसान बाइक व गाडिय़ों पर टोहाना के लिए रवाना हुए।