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परिषद की अंतिम बैठक, 20 मिनट में एजेंडा पास
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Fri, 12 Jun 2015 12:25 AM IST
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गिने-चुने प्रस्तावों में किसी भी मुद्दे को लेकर पार्षद आपस में नहीं
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टकराए। जाते हुए परिषद को कमाई व खुद के फायदे के लिए दुकानदारों के माध्यम
से मांग पत्र जरूर अधिकारियों को दिलवा दिए।
बोर्ड की बैठक तय समय से करीब 20 मिनट की देरी से शुरू हुई। सबसे पहले पंचकूला की तर्ज पर पार्कों के रखरखाव के लिए समितियों के गठन पर चर्चा हुई। पार्षद राजू मुंजाल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि समितियों के गठन से लोगों को परेशानी होगी, क्योंकि हर शख्स को पार्क में कार्यक्रम करवाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
लोग पार्कों को सरकारी की बजाय निजी प्रॉपर्टी समझकर हक जताएंगे। ईओ ओपी सिहाग ने उन्हें विश्वास दिलवाया कि पार्षद की अनुशंसा पर वार्ड के मौजूद लोगों में चार व्यक्तियों की कमेटी बनाएंगे।
पार्क की देखदेख के लिए के बदले में समिति व परिषद मिलकर तीन रुपये स्क्वायर मीटर के हिसाब से माली को भुगतान करेगी। कार्य सही नहीं पाए जाने पर समिति को माली हटाने का भी अधिकार होगा।
पार्षद ललित गोयल ने कहा कि शहर के 13 पार्कों की देखरेख के लिए चार माली रखे जाने चाहिए। इससे पार्कों में हरियाली रहेगी। पेड़-पौधों की समय-समय पर देखभाल की जा सकेगी।
ईओ ने कहा कि मालियों से इस कार्य का एग्रीमेंट करेंगे, जिससे वह काम करने से नहीं मुकर सके। पार्षद ज्योति मेहता ने कहा कि ऑटो मार्केट की दुकान खाली पड़े है, हाईवे पर मिस्त्री काम कर रहे हैं। इससे हाईवे पर जाम लगता है। हादसे की भी आशंका रहती है।
मिस्त्रियों को मार्केट में शिफ्ट करने से कमेटी को आय होगी। ऑटो मार्केट की दुकानों की भी वैल्यू बढ़ेगी। उन्हाेंने ईओ से मांग की कलेक्टर दुकानों के रेट तय कर दें ताकि दुकानदार कीमत भरकर दुकानों की रजिस्ट्री नाम करवा सके। इससे कमेटी को करोड़ों की आय होगी।
बैठक में तत्कालीन वीरेंद्र नारंग, जसवंत कागड़ा, सुरेंद्र मिड्ढा, सुभाष नायक, मदन बंसल, रमेश गिल्होत्रा, दर्शन नागपाल, कुलवंत सवाना, शंकुतला, सुरेंद्र पपीहा, सचिव दीपक सूरा, एमई हरीकिशन शर्मा, जेई सुखविंद्र धूड़िया आदि मौजूद थे।
नंदीशाला के लिए लेंगे सहयोग
शहर में आवारा पशुओं की तादाद निरंतर बढ़ने से आए दिन हादसे होते रहते है। इससे शहरवासी खासी परेशान है। सीएम की मंशा का पता चलने के बाद मताना पंचायत ने गोशाला/नंदीशाला बनाने के लिए 36 कैनाल जगह देने की हामी भर दी है।
यहां पशुओं के लिए शैड, पानी, चारे, डॉक्टर व स्टाफ के लिए अलग से रूम बनाने के लिए सरकार व एमपी से सहयोग मांगंगे। हर महीने गौशाला का खर्च रविवार को भूना रोड पर लगने वाले पशु मेले में आने वाले व्यापारियों से 50-100 रुपये की रसीद काटकर पूरा किया जाएगा।
जवाहर चौक पर भारी वाहन का प्रवेश निषेध
जवाहर चौक से शहीद ऊधमसिंह चौक तक जाने वाले मार्ग पर लगने वाले जाम से निजात दिलवाने के लिए रोड पर बेरिकेट्स लगाए जाएंगे। साथ ही भारी वाहनों का प्रवेश बंद किया जाएगा।
इस काम में कमेटी ट्रैफिक पुलिस की मदद लेगी। वर्तमान में सुबह व शाम के समय बाजार के इस व्यस्तम मार्ग पर आए दिन जाम लगता है, जिससे एरिया के दुकानदारों, ग्राहकों व वाहन चालकों को परेशानी होती है।
ढूंढा कमाई का नया जरिया
करोड़ों रुपये के बकाया हाउस टैक्स व ऑटो मार्केट के दुकानदारों से किराया वसूलने में नाकाम रही नगर परिषद ने कमाई का नया जरिया ढूंढ निकाला है। नवनिर्मित पार्किंग के शुरू होने के बाद छत को कमेटी ने किराए पर देने की योजना बनाई है।
यहां पर संबंधित व्यक्ति को पार्क बनाने के साथ रेस्टारेंट बनाने की स्वीकृति मिलेगी। निर्माण उसी को करवाया होगा। कमेटी बड़ी रकम सिक्योरिटी के रूप में जमा करवाएगी। लंबे समय के लिए जगह लीज पर देंगे। इससे परिषद को हर महीने लाखों रुपये की इनकम होगी।
बोर्ड की बैठक तय समय से करीब 20 मिनट की देरी से शुरू हुई। सबसे पहले पंचकूला की तर्ज पर पार्कों के रखरखाव के लिए समितियों के गठन पर चर्चा हुई। पार्षद राजू मुंजाल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि समितियों के गठन से लोगों को परेशानी होगी, क्योंकि हर शख्स को पार्क में कार्यक्रम करवाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
लोग पार्कों को सरकारी की बजाय निजी प्रॉपर्टी समझकर हक जताएंगे। ईओ ओपी सिहाग ने उन्हें विश्वास दिलवाया कि पार्षद की अनुशंसा पर वार्ड के मौजूद लोगों में चार व्यक्तियों की कमेटी बनाएंगे।
पार्क की देखदेख के लिए के बदले में समिति व परिषद मिलकर तीन रुपये स्क्वायर मीटर के हिसाब से माली को भुगतान करेगी। कार्य सही नहीं पाए जाने पर समिति को माली हटाने का भी अधिकार होगा।
पार्षद ललित गोयल ने कहा कि शहर के 13 पार्कों की देखरेख के लिए चार माली रखे जाने चाहिए। इससे पार्कों में हरियाली रहेगी। पेड़-पौधों की समय-समय पर देखभाल की जा सकेगी।
ईओ ने कहा कि मालियों से इस कार्य का एग्रीमेंट करेंगे, जिससे वह काम करने से नहीं मुकर सके। पार्षद ज्योति मेहता ने कहा कि ऑटो मार्केट की दुकान खाली पड़े है, हाईवे पर मिस्त्री काम कर रहे हैं। इससे हाईवे पर जाम लगता है। हादसे की भी आशंका रहती है।
मिस्त्रियों को मार्केट में शिफ्ट करने से कमेटी को आय होगी। ऑटो मार्केट की दुकानों की भी वैल्यू बढ़ेगी। उन्हाेंने ईओ से मांग की कलेक्टर दुकानों के रेट तय कर दें ताकि दुकानदार कीमत भरकर दुकानों की रजिस्ट्री नाम करवा सके। इससे कमेटी को करोड़ों की आय होगी।
बैठक में तत्कालीन वीरेंद्र नारंग, जसवंत कागड़ा, सुरेंद्र मिड्ढा, सुभाष नायक, मदन बंसल, रमेश गिल्होत्रा, दर्शन नागपाल, कुलवंत सवाना, शंकुतला, सुरेंद्र पपीहा, सचिव दीपक सूरा, एमई हरीकिशन शर्मा, जेई सुखविंद्र धूड़िया आदि मौजूद थे।
नंदीशाला के लिए लेंगे सहयोग
शहर में आवारा पशुओं की तादाद निरंतर बढ़ने से आए दिन हादसे होते रहते है। इससे शहरवासी खासी परेशान है। सीएम की मंशा का पता चलने के बाद मताना पंचायत ने गोशाला/नंदीशाला बनाने के लिए 36 कैनाल जगह देने की हामी भर दी है।
यहां पशुओं के लिए शैड, पानी, चारे, डॉक्टर व स्टाफ के लिए अलग से रूम बनाने के लिए सरकार व एमपी से सहयोग मांगंगे। हर महीने गौशाला का खर्च रविवार को भूना रोड पर लगने वाले पशु मेले में आने वाले व्यापारियों से 50-100 रुपये की रसीद काटकर पूरा किया जाएगा।
जवाहर चौक पर भारी वाहन का प्रवेश निषेध
जवाहर चौक से शहीद ऊधमसिंह चौक तक जाने वाले मार्ग पर लगने वाले जाम से निजात दिलवाने के लिए रोड पर बेरिकेट्स लगाए जाएंगे। साथ ही भारी वाहनों का प्रवेश बंद किया जाएगा।
इस काम में कमेटी ट्रैफिक पुलिस की मदद लेगी। वर्तमान में सुबह व शाम के समय बाजार के इस व्यस्तम मार्ग पर आए दिन जाम लगता है, जिससे एरिया के दुकानदारों, ग्राहकों व वाहन चालकों को परेशानी होती है।
ढूंढा कमाई का नया जरिया
करोड़ों रुपये के बकाया हाउस टैक्स व ऑटो मार्केट के दुकानदारों से किराया वसूलने में नाकाम रही नगर परिषद ने कमाई का नया जरिया ढूंढ निकाला है। नवनिर्मित पार्किंग के शुरू होने के बाद छत को कमेटी ने किराए पर देने की योजना बनाई है।
यहां पर संबंधित व्यक्ति को पार्क बनाने के साथ रेस्टारेंट बनाने की स्वीकृति मिलेगी। निर्माण उसी को करवाया होगा। कमेटी बड़ी रकम सिक्योरिटी के रूप में जमा करवाएगी। लंबे समय के लिए जगह लीज पर देंगे। इससे परिषद को हर महीने लाखों रुपये की इनकम होगी।