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Fatehabad News: बंदर पकड़ने के लिए 2200 रुपये में मानी एजेंसी, पहले दिन 54 पकड़े

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jul 2024 02:09 AM IST
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Agency agrees to catch monkeys for Rs 2200, 54 caught on first day
फतेहाबाद में एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा पकड़े गए बंदर
फतेहाबाद। नगर परिषद ने बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी एजेंसी को दे दिया है। एजेंसी ने बंदरों को पकड़ने के लिए 90 रुपये और रेट घटा दिए। एजेंसी अब प्रति बंदर पकड़ने का 2,200 रुपये लेगी। एजेंसी ने वर्क ऑर्डर मिलते ही वीरवार को काम भी शुरू कर दिया और पहले दिन शहर से 54 बंदर पकड़े।
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जींद की नैन फाउंडेशन एजेंसी ने शहर के अनाजमंडी, रतिया रोड, मॉडल टाउन, भट्टू रोड क्षेत्र में टीम को भेजा। इस दौरान टीम ने दोपहर तक 54 बंदरों को पकड़ा। बंदरों को पकड़ने के बाद डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल करवाया। टीम अब इन बंदरों को यमुनानगर क्षेत्र में छोड़कर आएगी। वहीं नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान जारी रहेगा, शहरवासी भी बंदर की समस्या की जानकारी दे सकते हैं, वहां टीम भेजी जाएगी।
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बता दें कि नगर परिषद ने बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर लगाया था। बताया जा रहा है कि तीन एजेंसियां आई थीं, दो शर्तें पूरी नहीं कर पाईं। नैन फाउंडेशन जींद ने 2444 रुपये प्रति बंदर के मांगे। नगर परिषद अधिकारियों ने दर कम करने के लिए एजेंसी को पत्र लिखा। एजेंसी पहले 2290 रुपये में और 2200 रुपये में प्रति बंदर पकड़ने के लिए तैयार हुई हैं। पिछले साल जो ठेका दिया गया था, उसमें एजेंसी को 2150 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से भुगतान किया गया था। पहले करीब 357 बंदर पकड़े जा चुके हैं।
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बंदरों के कारण हो चुके हैं हादसे
शहर में बंदरों के कारण हुए हादसे में दो महिलाओं की टांगें टूट चुकी हैं। दोनों ही मामलों में महिलाओं पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया था। इसके चलते छत से गिरने से टांग टूट गई थी।

कोट
एजेंसी ने बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है। पहले दिन 54 बंदर पकड़े गए हैं, ये अभियान नियम अनुसार जारी रहेगा। अगर कहीं बंदरों को लेकर समस्या है तो नगर परिषद में सूचना दे सकते हैं।
-राजेंद्र सोनी, ईओ नगर परिषद
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