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Fatehabad News: पॉलिसी में तीसरी बार बदलाव के बाद गेहूं की उठान के लिए आईं 82 एजेंसियां
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फतेहाबाद की अनाज मंडी में पड़ी गेहूं की ढेरी।
फतेहाबाद। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। मंडियों में लेबर व उठान के लिए छह बार टेंडर लगने के बाद अब जाकर एजेंसी ने टेंडर भरने शुरू किए हैं। इससे पहले पांच बार मंडियों में उठान व लेबर के टेंडर लगवाए गए थे, लेकिन इन टेंडरों के खुलने के दौरान कोई भी ठेकेदार इनमें शामिल नहीं हुआ।
अब जाकर एजेंसी टेंडर के लिए आवेदन कर रही है। बुधवार को खाद्य व आपूर्ति विभाग के माध्यम से लगवाए गए टेंडरों में ठेकेदारों को शामिल करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इससे पहले सरकार ने मंडी से गेहूं उठान के लिए बनी लेबर व उठान पॉलिसी में नई शर्त लगाई थी। इस शर्त के कारण कोई भी ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ।
पहले उठान में देरी होने पर प्रति ट्रक 100 रुपये जुर्माना था, लेकिन नई शर्त में प्रति ट्रक पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया। इसका प्रदेश भर के मंडी के ठेकेदारों ने विरोध कर सरकार से इस शर्त को वापस लेने की मांग की थी। इसके अतिरिक्त पहले उठान के लिए 72 घंटे का समय होता था, लेकिन नई शर्त के अनुसार यह समय भी 48 घंटे किया गया था। इस पॉलिसी में अन्य और शर्तें भी थीं, जिसका ठेकेदार विरोध कर रहे थे। लगातार टेंडर लगाने के बाद भी ठेकेदार टेंडर में भाग नहीं ले रहे थे। इसके बाद सरकार की ओर से पॉलिसी में बदलाव किए गए।
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गेहूं की खरीद के लिए निर्धारित किए गए हैं 52 केंद्र
सरकार की ओर से जिले में गेहूं की खरीद के लिए 52 मंडियां व खरीद केंद्र निर्धारित किए गए हैं। विभाग की ओर से सभी खरीद केंद्र के लिए टेंडर लगाए गए थे, लेकिन जिले की 37 मंडियों के लिए ठेकेदारों ने टेंडर डाला है। जिले के 15 खरीद केंद्रों के लिए किसी भी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया है, आवेदन न आने की स्थिति में विभाग इन 15 खरीद केंद्रों को लेकर फिर से टेंडर लगाएगा।
अप्रैल के तीसरे सप्ताह में उठान में होती है परेशानी
मंडियों में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हो जाती है। 10 अप्रैल तक मंडियों में गेहूं कम ही मात्रा में आती है। इसके बाद 10 से 20 अप्रैल तक ज्यादा गेहूं की आवक होती है। इस दौरान हर वर्ष मंडियों में समय से उठान नहीं होने और आवक ज्यादा होने के कारण जाम के हालात होते हैं।
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अब जाकर एजेंसी टेंडर के लिए आवेदन कर रही है। बुधवार को खाद्य व आपूर्ति विभाग के माध्यम से लगवाए गए टेंडरों में ठेकेदारों को शामिल करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इससे पहले सरकार ने मंडी से गेहूं उठान के लिए बनी लेबर व उठान पॉलिसी में नई शर्त लगाई थी। इस शर्त के कारण कोई भी ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ।
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पहले उठान में देरी होने पर प्रति ट्रक 100 रुपये जुर्माना था, लेकिन नई शर्त में प्रति ट्रक पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया। इसका प्रदेश भर के मंडी के ठेकेदारों ने विरोध कर सरकार से इस शर्त को वापस लेने की मांग की थी। इसके अतिरिक्त पहले उठान के लिए 72 घंटे का समय होता था, लेकिन नई शर्त के अनुसार यह समय भी 48 घंटे किया गया था। इस पॉलिसी में अन्य और शर्तें भी थीं, जिसका ठेकेदार विरोध कर रहे थे। लगातार टेंडर लगाने के बाद भी ठेकेदार टेंडर में भाग नहीं ले रहे थे। इसके बाद सरकार की ओर से पॉलिसी में बदलाव किए गए।
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गेहूं की खरीद के लिए निर्धारित किए गए हैं 52 केंद्र
सरकार की ओर से जिले में गेहूं की खरीद के लिए 52 मंडियां व खरीद केंद्र निर्धारित किए गए हैं। विभाग की ओर से सभी खरीद केंद्र के लिए टेंडर लगाए गए थे, लेकिन जिले की 37 मंडियों के लिए ठेकेदारों ने टेंडर डाला है। जिले के 15 खरीद केंद्रों के लिए किसी भी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया है, आवेदन न आने की स्थिति में विभाग इन 15 खरीद केंद्रों को लेकर फिर से टेंडर लगाएगा।
अप्रैल के तीसरे सप्ताह में उठान में होती है परेशानी
मंडियों में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हो जाती है। 10 अप्रैल तक मंडियों में गेहूं कम ही मात्रा में आती है। इसके बाद 10 से 20 अप्रैल तक ज्यादा गेहूं की आवक होती है। इस दौरान हर वर्ष मंडियों में समय से उठान नहीं होने और आवक ज्यादा होने के कारण जाम के हालात होते हैं।