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होम आइसोलेशन पूरा होने के बाद लोग सोशल दबाव में करवा रहे दोबारा सैंपलिंग, 25 फीसदी मिल रहे संक्रमित

Thu, 27 May 2021 11:13 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 27 May 2021 11:13 PM IST
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After the completion of home isolation, people are undergoing social re-sampling, 25% are getting infected.
होम आइसोलेट कोरोना संक्रमितों पर सोशल दबाव भारी पड़ रहा है। अपनों से मिलने का डर और लोगों के बीच दोबारा मेल-मिलाप शुरू करने से पहले कोरोना जांच करवाना महंगा पड़ रहा है। रोजाना 25 फीसद लोग दोबारा संक्रमित मिल रहे है। यानी की कोरोना के कोई लक्षण न होने के बावजूद दोबारा जांच करवाने के बाद संक्रमित मिल रहे हैं।
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यहां तक कि कई लोग एक बार संक्रमित होने के 5 से 6 दिन बाद ही दोबारा टेस्ट करवा रहे है। जिले में रोजाना 100 से 150 लोग ऐसे हैं जो एक बार संक्रमित होने के बाद निगेटिव रिपोर्ट के चक्कर में जांच करवा रहे है। जबकि डॉक्टरों का कहना है कि अगर जांच करवाते हैं तो तीन माह तक दोबारा संक्रमित मिल सकते है। यानि की वायरस डेड हो जाता है लेकिन शरीर से जल्द नहीं निकलता है। आईसीएमआर की गाइडलाइन भी है कि अगर 10 दिन पूरे होने से तीन दिन पहले बुखार या कोई लक्षण नहीं है और दवाई खाने की जरूरत नहीं पड़ी है तो कोरोना जांच करवाने की जरूरत नहीं है। आप बिल्कुल स्वस्थ है।
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कोई बच्चों के पास जाने से तो कोई कार्यालय मांग रहा निगेटिव रिपोर्ट
नागरिक अस्पताल में दोबारा जांच करवाने पहुंचे शहर के शिव नगर निवासी राजकुमार का कहना है कि वह 10 दिन पहले संक्रमित हुआ था लेकिन बच्चों के बीच जाने से डर लगता है, इसलिए जांच करवाने आया है। हुडा सेक्टर तीन निवासी रजनी ने बताया कि वह निजी कार्यालय में काम करती है, प्रबंधन निगेटिव रिपोर्ट मांग रहा है। इसके अलावा साथी भी मिलने से कतरा रहे है।
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जिले में मिल चुके संक्रमित केस
क्षेत्र संक्रमित मिल चुके
फतेहाबाद 4435
टोहाना 2315
रतिया शहर 994
रतिया ग्रामीण 1833
भट्टू 2595
बड़ोपल 931
भूना 2127
जाखल 1373
दावे के चार दिन बाद भी नहीं शुरू हुआ पोस्ट कोविड सेंटर
पोस्ट कोविड सेंटर नागरिक अस्पताल में डीसी के दावे के चार दिन बाद भी शुरू नहीं हुआ है। आयुष विभाग में पोस्ट कोविड सेंटर शुरू होना था लेकिन विभाग ने यहां स्टोर की गई दवाइयां ही नहीं उठाई। वीरवार सुबह सीएमओ ने रिपोर्ट मांगी तो अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में यहां रखी दवाइयों को हटाने का काम शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि यहां रखी दवाइयों को करीब एक माह से ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए आयुर्वेद सेंटरों में भेजा ही नहीं था। वीरवार दोपहर बाद दवाइयों को हटाकर खाली किया गया है। शुक्रवार से दावा किया जा रहा है कि शुरू हो जाएगा। यहां पर कोरोना को मात दे चुके लोगों को अगर कोई दिक्कत आ रही है तो उनका उपचार किया जाएगा।

कोट
रोजाना करीब 20 से 25 केस ऐसे आ रहे हैं जिनमें पहले संक्रमित आ चुके और दोबारा जांच करवा रहे हैं और फिर संक्रमित मिल रहे है। उन्हें कोई लक्षण भी नहीं है। अगर 8, 9, और 10 वें दिन बुखार नहीं आया और दवाई लेने की जरूरत नहीं पड़ी है तो जांच करवाने की जरूरत नहीं है। वायरस शरीर में तीन माह तक रह सकता है। इसलिए दोबारा जांच न करवाएं। अगर किसी को 11-12 वें दिन बुखार आ रहा है या कोई अन्य लक्षण है तो ही जांच करवाएं।
-मेजर डॉ. शरद तुली, नोडल अधिकारी, फ्लू क्लीनिक।
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