फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Administration woke up after Chief Minister's strictness on flood arrangements

Fatehabad News: बाढ़ प्रबंधों पर मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जागा प्रशासन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2024 01:24 AM IST
विज्ञापन
Administration woke up after Chief Minister's strictness on flood arrangements
जाखल क्षेत्र में निरीक्षण करते डीसी राहुल नरवाल, एसई ओमप्रकाश बिश्नोई व अन्य अ​धिकारी।
फतेहाबाद। मुख्यमंत्री नायब सैनी की सख्ती के बाद बाढ़ से बचाव के प्रबंधों को लेकर आखिरकार प्रशासन गंभीर हो गया है। अभी तक हाथ पर हाथ धरे बैठे अधिकारियों ने फील्ड में उतर कर हालात देखने शुरू कर दिए हैं। बुधवार को डीसी राहुल नरवाल ने पहले अधिकारियों के साथ अपने कैंप कार्यालय में बैठक की। इसके बाद डीसी ने अधिकारियों की टीम के साथ बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
विज्ञापन

डीसी ने अयाल्की, रतिया-बुढ़लाडा रोड पर बने पुल, घासवा हेड, चिम्मो साइफन, शक्करपुरा रंगोई नाला, चांदपुरा साइफन, चांदपुरा बांध, रंगोई नाला साइफन, जोया नाला और बलियाला हेड का निरीक्षण किया। डीसी ने 30 जून तक बाढ़ बचाव तथा जलभराव की निकासी से संबंधित कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष जुलाई महीने में घग्गर नदी में आई बाढ़ के कारण जिले के 124 गांवों में जलभराव हो गया था। ढाणियों व मकानों में दरारें आ गई थीं। पूरी तरह जलभराव खत्म होने में 40 दिन से भी ज्यादा समय लगा था।
विज्ञापन


अधिकारियों को 18 दिन में युद्धस्तर पर करना होगा काम
डीसी ने सिंचाई विभाग, पंचायत विभाग, राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग व पुलिस अधिकारियों के साथ फील्ड में जाकर जायजा लेते हुए 30 जून तक बाढ़ प्रबंधों से संबंधित सारे काम पूरे करने के निर्देश दिए। अब मात्र 18 दिनों में युद्धस्तर पर अधिकारियों को काम करवाना होगा। जिले में मानसून के दस्तक देने के साथ से पहले रंगोई नाले की सफाई से लेकर तटबंधों को मजबूत करना होगा। डीसी के मुताबिक जाखल, रतिया, कुलां, फतेहाबाद व टोहाना के करीब 114 गांवों में बाढ़ का अधिक खतरा है। यहां उन्होंने संबंधित बीडीपीओ को रिंग बांध मजबूत करने के निर्देश दिए। जिले में उपलब्ध संसाधनों को भी तैयारी पर रखने के लिए कहा गया है। बाढ़ राहत के लिए लघु सचिवालय, रतिया तथा टोहाना में स्थापित किए गए कंट्रोल रूम को फिर से सक्रिय किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले साल की तबाही से उभर नहीं पाए किसान, मुआवजे के लिए दे रहे धरना
जिले में पिछले साल बाढ़ के कारण 92000 एकड़ में लगी धान, नरमा, ज्वार व पशुओं की चारे की फसल चौपट हो गई थी। किसान पिछले साल के बाढ़ के भयंकर मंजर को अभी तक भूल नहीं पाए हैं। जिन किसानों ने ज्यादा मार झेली वह अभी तक उभर नहीं पाए हैं। प्रशासन ने चार करोड़ रुपये से ज्यादा मुआवजा बांटने का दावा किया है। मगर इसके बावजूद जाखल क्षेत्र के किसान मुआवजा नहीं मिलने की शिकायतें कर रहे हैं। पिछले चार महीनों से जाखल उपतहसील कार्यालय में धरना देकर किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन का दावा- 30 जून तक कर लेंगे पूरी तैयारी

जिले में 13 ड्रेन हैं, जिनकी सफाई शुरू करवा दी गई है। घग्गर नदी में ज्यादा पाने आने पर रंगोई नाले में पानी डाला जाता है। इस नाले की क्षमता बढ़ाने पर काम किया गया है। रंगोई नाले की सफाई चल रही है। 30 जून तक यह सारा कार्य पूरा किया जाना है।


प्रशासन के पास बाढ़ प्रबंधों की सामग्री
- 13 डीजल चालित पंप सेट हैं।
- बिजली चालित 83 पंपसेट हैं।
- 39 वर्टिकल टरबाइन हैं।
- 26 किलोमीटर की पाइपलाइन उपलब्ध हैं।
कोट
जिले में बाढ़ संभावित क्षेत्रों का बुधवार को अधिकारियों के साथ दौरा किया गया है। अधिकारियों से कहा कि पिछली साल आई बाढ़ से सबक लें और जहां कमी महसूस की गई थी, उन्हें अब समय रहते दूर कर लिया जाए। इस काम में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-राहुल नरवाल, डीसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed