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Fatehabad News: 37 लाख रुपये की ठगी का आरोपी गिरफ्तार
Fri, 20 Jun 2025 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 20 Jun 2025 11:37 PM IST
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फतेहाबाद में यूके भेजने के नाम पर ठगी करने के मामले में पकड़ा गया आरोपीस्त्रोत पुलिस विभाग
फतेहाबाद। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने यूके का वीजा दिलवाने के नाम पर ठगी के आरोपी सतिंदर उर्फ साहिल निवासी कपिल विहार कॉलोनी, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी जयपुरिया अपार्टमेंट, गाजियाबाद को गिरफ्तार किया है।
प्रभारी निरीक्षक संदीप ने बताया कि अनिल कुमार निवासी आकांवाली तथा नवीन निवासी भोडिया खेड़ा की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायत के अनुसार आरोपी सतिंदर और उसके सहयोगी चंदन व एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने यूके वीजा दिलाने के नाम पर 37.80 लाख की ठगी की है।
शिकायतकर्ताओं ने अपने चार रिश्तेदारों के वीजा लगवाने के लिए प्रति व्यक्ति 20 लाख रुपये प्रति के हिसाब से सौदा तय हुआ था। आधी राशि वीजा से पहले तथा शेष वीजा लगने के बाद दी जानी थी।
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पुलिस के अनुसार आरोपी को तीन बार अलग-अलग स्थानों पर नकद भुगतान किया गया। पहली बार 8.50 लाख (बड़ोपल नहर के पास), दूसरी बार 10 लाख (अमरीक होटल, फतेहाबाद) और तीसरी बार 12.80 लाख (बाबा होटल, हिसार रोड) पर लिए गए थे।
इसके अतिरिक्त लगभग 6 लाख की राशि बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। आरोपी ने केवल एक पासपोर्ट लिया, जिसे बिना वीजा लगाए लौटा दिया गया। इसके बाद वह तकनीकी समस्याओं का हवाला देते हुए वीजा प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की बात करता रहा, लेकिन पैसा लौटाने से बचता रहा।
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प्रभारी निरीक्षक संदीप ने बताया कि अनिल कुमार निवासी आकांवाली तथा नवीन निवासी भोडिया खेड़ा की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायत के अनुसार आरोपी सतिंदर और उसके सहयोगी चंदन व एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने यूके वीजा दिलाने के नाम पर 37.80 लाख की ठगी की है।
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शिकायतकर्ताओं ने अपने चार रिश्तेदारों के वीजा लगवाने के लिए प्रति व्यक्ति 20 लाख रुपये प्रति के हिसाब से सौदा तय हुआ था। आधी राशि वीजा से पहले तथा शेष वीजा लगने के बाद दी जानी थी।
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पुलिस के अनुसार आरोपी को तीन बार अलग-अलग स्थानों पर नकद भुगतान किया गया। पहली बार 8.50 लाख (बड़ोपल नहर के पास), दूसरी बार 10 लाख (अमरीक होटल, फतेहाबाद) और तीसरी बार 12.80 लाख (बाबा होटल, हिसार रोड) पर लिए गए थे।
इसके अतिरिक्त लगभग 6 लाख की राशि बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। आरोपी ने केवल एक पासपोर्ट लिया, जिसे बिना वीजा लगाए लौटा दिया गया। इसके बाद वह तकनीकी समस्याओं का हवाला देते हुए वीजा प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की बात करता रहा, लेकिन पैसा लौटाने से बचता रहा।