{"_id":"690e38c874c430e19b0bf593","slug":"accident-victims-families-await-relief-fatehabad-news-c-127-1-ftb1003-143289-2025-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: हादसे के पीड़ित परिवारों को राहत का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: हादसे के पीड़ित परिवारों को राहत का इंतजार
Fri, 07 Nov 2025 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 07 Nov 2025 11:52 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद के लघु सचिवालय में मदद के लिए उपायुक्त से मिलने के लिए पहुंचे मृतकों के परिजन। संवाद
फतेहाबाद। जनवरी 2025 में सरदारेवाला गांव के पास हुए नहर एक क्रूजर गिर गई थी। इसमें सवार 14 लोगों में से 12 की मौत हो गई थी। उस समय सरकार और प्रशासन ने आश्रितों को आर्थिक सहायता, पेंशन और अन्य राहत सुविधाओं का आश्वासन दिया था। आश्रितों का आरोप है प्रशासन की ढिलाई से उन्हें कुछ भी सुविधा नहीं मिली।
शुक्रवार को फतेहाबाद के लघु सचिवालय में उपायुक्त से मिलने पहुंचे परिजनों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने मृतक परिवार को हर संभव सहायता देने का वादा किया। इसके तहत सरकार की ओर से प्रत्येक परिवार को 2 लाख रुपये आर्थिक मदद दी गई। इसके अलावा प्रशासन ने मृतक परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन 10 महीने बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ।
परिजन लगातार सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन राहत नहीं मिल पा रही। परिवार का कहना है कि प्रशासनिक देरी और अधूरी राहत से उनका दुख और बढ़ गया है। पीड़ितों का आरोप है कि समय पर सहायता और नौकरी नहीं मिलने के कारण वे आज भी आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।
विज्ञापन
-- --
विधवा पेंशन तक भी बनाकर नहीं दे रहा प्रशासन
हादसे में पति छिंद्र सिंह को गंवाने वाली गुरदीप कौर विधवा पेंशन बनवाने के लिए भी सरकारी विभागों के चक्कर काट रही है। गुरदीप कौर का कहना है कि उसके एक कागजात में नाम की दिक्कत है। जिस कारण उससे बार बार चक्कर कटवाए जा रहे हैं। पति की मौत के बाद से वह आर्थिक रूप से काफी परेशानी हो रही है। जब हादसा हुआ था तब कहा गया था कि परिजनों को कोई दिक्कत नहीं आने देंगे।
विज्ञापन
शुक्रवार को फतेहाबाद के लघु सचिवालय में उपायुक्त से मिलने पहुंचे परिजनों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने मृतक परिवार को हर संभव सहायता देने का वादा किया। इसके तहत सरकार की ओर से प्रत्येक परिवार को 2 लाख रुपये आर्थिक मदद दी गई। इसके अलावा प्रशासन ने मृतक परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन 10 महीने बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ।
विज्ञापन
परिजन लगातार सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन राहत नहीं मिल पा रही। परिवार का कहना है कि प्रशासनिक देरी और अधूरी राहत से उनका दुख और बढ़ गया है। पीड़ितों का आरोप है कि समय पर सहायता और नौकरी नहीं मिलने के कारण वे आज भी आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।
विज्ञापन
विधवा पेंशन तक भी बनाकर नहीं दे रहा प्रशासन
हादसे में पति छिंद्र सिंह को गंवाने वाली गुरदीप कौर विधवा पेंशन बनवाने के लिए भी सरकारी विभागों के चक्कर काट रही है। गुरदीप कौर का कहना है कि उसके एक कागजात में नाम की दिक्कत है। जिस कारण उससे बार बार चक्कर कटवाए जा रहे हैं। पति की मौत के बाद से वह आर्थिक रूप से काफी परेशानी हो रही है। जब हादसा हुआ था तब कहा गया था कि परिजनों को कोई दिक्कत नहीं आने देंगे।