{"_id":"688d2af8201a6bac010d84505642b582","slug":"accident-between-bus-and-and-bike-2-dead-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस-बाइक की भिड़ंत, दो की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस-बाइक की भिड़ंत, दो की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Tue, 08 Dec 2015 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने ब्यान पर कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिए। पुलिस ने आरोपी बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक धांगड़ निवासी 42 वर्षीय सुग्रीव पुत्र श्रीराम व 40 वर्षीय विनोद पुत्र रामस्वरूप सुबह साढ़े सात बजे ढ़ाणी माजरा के पास खेत में पानी लगाने के लिए एक ही मोटरसाइकिल पर निकले।
इसी मार्ग पर माइनर के पास ढाणी माजरा से भिरड़ाना की ओर जा रही फतेहाबाद डिपो की बस के साथ मोटरसाइकिल की आमने सामने से भिड़ंत हो गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पर सवार दोनों लोग काफी दूर जा गिरे और सिर पर गहरी चोट लग गई। सुग्रीव ने मौके पर ही जबकि थोड़ी देर बाद विनोद की भी मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलते ही गांव धांगड में कोहराम मच गया और काफी संख्या में ग्रामीण सिविल अस्पताल पहुंच गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया।
विज्ञापन
पुलिस ने परिजनों के ब्यान पर आरोपी बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शवों को पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
चार बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
मृतक सुग्रीव व विनोद खेत पड़ोसी थे। सुग्रीव का का एक लड़का है जबकि विनोद की चार लड़कियां है। जिनकी उम्र दो से आठ साल के बीच है। दोनों की मौत के बाद परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट गया है।
हेल्मेट बस के बोनट पर लटका
धांगड-ढ़ाणी माजरा मार्ग पर जिस समय घटना हुई उस समय मोटरसाइकिल सुग्रीव चला रहा था। सुग्रीव ने हेल्मेट डाला हुआ था। टक्कर के बाद हेल्मेट टूटकर बस के बोनट पर लटक गया। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना दर्दनाक था।
धुंध में वाहन चलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
वाहन की हेडलाइट्स को हाई बीम पर न रखें। ऐसा करने से कोहरे में रोशनी बिखर जाती है और सामने कुछ नजर नहीं आता। हेडलाइट्स लो बीम पर रखें। इससे देखने में आसानी होगी और सामने वाले को भी गाड़ी की सही स्थिति का पता चल सकेगा।
घने कोहरे में सड़क के बाएं किनारे को देखकर गाड़ी चलाएं, जिससे आपकी गाड़ी एक सीधी दिशा में बिना इधर-उधर भटके चलती रहेगी।
हाईवे पर सड़कों के किनारे पर बनी पीली लाइन को फॉलो करके चलाते हुए हादसों से बचा जा सकता है।
कोहरे में सड़क पर सुरक्षित चलने का अच्छा तरीका है कि आगे वाले वाहन से अपनी गाड़ी निश्चित दूरी पर चलाएं।
मुड़ना है तो काफी पहले से इंडिकेटर दे दें, जिससे दूसरी गाड़ियों को टाइम मिल सके।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक धांगड़ निवासी 42 वर्षीय सुग्रीव पुत्र श्रीराम व 40 वर्षीय विनोद पुत्र रामस्वरूप सुबह साढ़े सात बजे ढ़ाणी माजरा के पास खेत में पानी लगाने के लिए एक ही मोटरसाइकिल पर निकले।
इसी मार्ग पर माइनर के पास ढाणी माजरा से भिरड़ाना की ओर जा रही फतेहाबाद डिपो की बस के साथ मोटरसाइकिल की आमने सामने से भिड़ंत हो गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पर सवार दोनों लोग काफी दूर जा गिरे और सिर पर गहरी चोट लग गई। सुग्रीव ने मौके पर ही जबकि थोड़ी देर बाद विनोद की भी मौत हो गई।
विज्ञापन
मौत की सूचना मिलते ही गांव धांगड में कोहराम मच गया और काफी संख्या में ग्रामीण सिविल अस्पताल पहुंच गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया।
विज्ञापन
पुलिस ने परिजनों के ब्यान पर आरोपी बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शवों को पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
चार बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
मृतक सुग्रीव व विनोद खेत पड़ोसी थे। सुग्रीव का का एक लड़का है जबकि विनोद की चार लड़कियां है। जिनकी उम्र दो से आठ साल के बीच है। दोनों की मौत के बाद परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट गया है।
हेल्मेट बस के बोनट पर लटका
धांगड-ढ़ाणी माजरा मार्ग पर जिस समय घटना हुई उस समय मोटरसाइकिल सुग्रीव चला रहा था। सुग्रीव ने हेल्मेट डाला हुआ था। टक्कर के बाद हेल्मेट टूटकर बस के बोनट पर लटक गया। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना दर्दनाक था।
धुंध में वाहन चलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
वाहन की हेडलाइट्स को हाई बीम पर न रखें। ऐसा करने से कोहरे में रोशनी बिखर जाती है और सामने कुछ नजर नहीं आता। हेडलाइट्स लो बीम पर रखें। इससे देखने में आसानी होगी और सामने वाले को भी गाड़ी की सही स्थिति का पता चल सकेगा।
घने कोहरे में सड़क के बाएं किनारे को देखकर गाड़ी चलाएं, जिससे आपकी गाड़ी एक सीधी दिशा में बिना इधर-उधर भटके चलती रहेगी।
हाईवे पर सड़कों के किनारे पर बनी पीली लाइन को फॉलो करके चलाते हुए हादसों से बचा जा सकता है।
कोहरे में सड़क पर सुरक्षित चलने का अच्छा तरीका है कि आगे वाले वाहन से अपनी गाड़ी निश्चित दूरी पर चलाएं।
मुड़ना है तो काफी पहले से इंडिकेटर दे दें, जिससे दूसरी गाड़ियों को टाइम मिल सके।