{"_id":"5859de48a7a91d9068996d0fe3603f1d","slug":"a-sikh-person-married-another-after-change-their-religion-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्म परिवर्तन कर रचाया दूसरा विवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्म परिवर्तन कर रचाया दूसरा विवाह
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Fri, 06 Nov 2015 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिसमें इस्लाम कबूल करने वाले जट सिख परिवार को मनाने का प्रयास किया गया। पंचायत में मुस्लिम धर्म में अपनाई गई दूसरी पत्नी को घर से बेदखल करने का फरमान सुनाया गया।
लेकिन महापंचायत के बुवान कोठी में आने की सूचना के बाद गुरविन्द्रपाल सिंह और उसके पिता गुरदेव सिंह घर से गायब हो गए। महापंचायत में बुवान कोठी की पंचायत और पूरे गांव ने एक दिन का समय देने की मांग की है।
जिसके बाद अगर इस्लाम धर्म अपनाने वाले जट सिख ने बुवान कोठी वासियों की बात को अस्वीकार कर दिया तो उपरोक्त लोग भी पहली पीड़ित पत्नी का साथ देंगे। महापंचायत ने भूना थाने में भी पीड़ित महिला की शिकायत दर्ज करने के लिए भी ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
बुवान कोठी के निवासी एवं टोहाना अनाज मंडी में आढ़ती गुरदेव सिंह के इकलौते बेटे गुरविन्द्र पाल सिंह ने अपनी पहली शादी टोहाना के गांव गोबिन्द पुरा निवासी सुखविन्द्र कौर पुत्री कश्मीर सिंह के साथ करीब 18 साल पहले की थी। शादी के बाद दंपति ने दो बच्चों को जन्म दिया।
इनमें एक लड़की 16 वर्ष व बेटा 14 वर्ष अपने घर बुवान कोठी में वर्तमान में रहते हैं। जबकि विवाह से लेकर आज तक दंपति के बीच किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ।
लेकिन गुरविन्द्रपाल सिंह अमीर बाप का बेटा होने के कारण वह देश-विदेश में घूमता रहता था। पत्नी सुखविन्द्र कौर बुवान कोठी में अपने घर पर परिवार का पालन-पोषण करती थी।
40 गांव के लोग हुए शामिल
जट सिख से इस्लाम धर्म कबूल करके दूसरी शादी रचाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सैकड़ों लोग शुक्रवार को बुवान कोठी में पहुंचे। इनमें हजकां नेता कुलवंत सिंह बराड़, जथेदार बलदेव सिंह खालसा, जथेदार बलबीर सिंह, जिला परिषद सदस्य सनियाना कुलवन्त सिंह, नंबरदार सुखदेव सिंह, अमरीक सिंह कुलां, मनदीप सिंह अरहवां पंच, जगीर सिंह डूल्ट, सोहन सिंह कोठा, जगतार सिंह सरपंच रत्ताथेह आदि के अतिरिक्त डूल्ट, बुवान, चंदड़, घासवा, हिसार, रतिया, फतेहाबाद, जाखल, टोहाना, म्योंद कलां, पातड़ा, मूनक, सरदूलगढ़, पटियाला, चिम्मो, बादलगढ़, भूंदड़ा, दिगोह, भूना, घोटडू, दिवाना, धारसूल, कुलां, जमालपुरा शेखा, मामूपुर, बोस्ती, इंदाछोई सहित लगभग 40 गांवों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और धर्म परिवर्तन किए जाने की कठोर निंदा की।
महापंचायत में लोगों ने कहा कि पहली पत्नी ही इस घर की बहु मानी जाएगी। धर्म कबूल करने वाले लोग समाज के लिए निंदनीय हैं। महापंचायत में कोई भी फैसला न होने पर अब 7 नवंबर को आगामी बैठक होगी। जिसमें फैसला लिया जा सकता है।
नई दुल्हन आई तो रह गई दंग
बुवान कोठी में गुरविन्द्र पाल सिंह उर्फ गोरखा जब अपने घर करीब 22 वर्षीय नई दुल्हन लेकर आया तो पहली पत्नी सुखविन्द्र कौर के पैरों तले जमीन खिसक गई।
उसने अपनी पत्नी को साथ रखने के लिए प्रस्ताव रखा तो हंगामा खड़ा हो गया। जिसके बाद सुखविन्द्र कौर ने मामले की जानकारी अपने ससुर गुरदेव सिंह को दी लेकिन उन्होंने भी इस पर अनसुना कर दिया।
इसके बाद उसने अपने मायके वालों को पूरी घटना से अवगत करवा दिया। पहली पत्नी के विरोध करने पर उसे घर से भी निकाले जाने की धमकी दे डाली।
ऐसे रचाई शादी
गांव बुवान कोठी वासी गुरविन्द्र पाल सिंह उर्फ गोरखा ने सिख धर्म को छोड़कर एक युवती के साथ इस्लाम धर्म कबूल करके 26 अक्तूबर को शादी रचा ली तथा 27 अक्तूबर को फतेहाबाद में विवाह पंजीकरण भी करवा लिया था।
दोनों ने पंजाब के मुनक मस्जिद में मौलवी के सामने सिख धर्म को छोड़कर निकाह कर लिया। इनमें गोरखा ने अपना नाम खुशी मुहम्मद रख लिया जबकि लड़की का नाम भी बदल गया।
दोनों ने ही इस्लाम धर्म के नियमों के अनुसार निकाह भी कर लिया। मामले की सूचना गांव में पहुंची तो लोग हैरान रह गए।
गोरखा ने जिस लड़की के साथ शादी की है उसकी आयु मात्र 22 वर्ष बताई जा रही है, जबकि गोरखा की आयु 39 साल से भी अधिक बताई जा रही है। वहीं गोरखा की पहली पत्नी ने बताया कि उसके लगभग 16 साल की बेटी व 14 साल के बेटे की उम्र है।
पहली पत्नी के मायके के लोगों पर मामला दर्ज
भूना पुलिस ने खुशी मोहम्मद के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट करने पर दो महिलाओं सहित 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
खुशी मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने जट सिख धर्म को त्यागकर इस्लाम धर्म कबूल कर लिया और उसने एक युवती के साथ शादी कर ली। जिससे खफा होकर सुखविन्द्र कौर के परिजन गोबिंद पुरा के एक दर्जन लोगों ने उनके घर पर आकर मारपीट की।
क्या कहती है पुलिस
पुलिस बीट इंचार्ज सुखदेव सिंह ने बताया कि इस्लाम धर्म कबूल करके दोनों ने निकाह किया है।
खुशी मोहम्मद उर्फ गोरखा की शिकायत पर पहली पत्नी के पिता कशमीर सिंह गोबिन्द पुरा, मां हरमीत कौर, भाई उपकार सिंह व बलजीत सिंह, ताऊ कुलवंत सिंह, मौसा जरनैल सिंह व मौसी सुखविन्द्र कौर, फूफड़ हरपाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। धर्म में दूसरा विवाह करने पर कोई भी कानूनी अपराध नहीं है।
मामले को लेकर पहली पत्नी के पक्ष में सैकड़ों लोग शुक्रवार को गोरखा परिवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मिले थे। कानूनी विशेषज्ञों की राय लेकर आगामी पुलिस कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
लेकिन महापंचायत के बुवान कोठी में आने की सूचना के बाद गुरविन्द्रपाल सिंह और उसके पिता गुरदेव सिंह घर से गायब हो गए। महापंचायत में बुवान कोठी की पंचायत और पूरे गांव ने एक दिन का समय देने की मांग की है।
विज्ञापन
जिसके बाद अगर इस्लाम धर्म अपनाने वाले जट सिख ने बुवान कोठी वासियों की बात को अस्वीकार कर दिया तो उपरोक्त लोग भी पहली पीड़ित पत्नी का साथ देंगे। महापंचायत ने भूना थाने में भी पीड़ित महिला की शिकायत दर्ज करने के लिए भी ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
बुवान कोठी के निवासी एवं टोहाना अनाज मंडी में आढ़ती गुरदेव सिंह के इकलौते बेटे गुरविन्द्र पाल सिंह ने अपनी पहली शादी टोहाना के गांव गोबिन्द पुरा निवासी सुखविन्द्र कौर पुत्री कश्मीर सिंह के साथ करीब 18 साल पहले की थी। शादी के बाद दंपति ने दो बच्चों को जन्म दिया।
इनमें एक लड़की 16 वर्ष व बेटा 14 वर्ष अपने घर बुवान कोठी में वर्तमान में रहते हैं। जबकि विवाह से लेकर आज तक दंपति के बीच किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ।
लेकिन गुरविन्द्रपाल सिंह अमीर बाप का बेटा होने के कारण वह देश-विदेश में घूमता रहता था। पत्नी सुखविन्द्र कौर बुवान कोठी में अपने घर पर परिवार का पालन-पोषण करती थी।
40 गांव के लोग हुए शामिल
जट सिख से इस्लाम धर्म कबूल करके दूसरी शादी रचाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सैकड़ों लोग शुक्रवार को बुवान कोठी में पहुंचे। इनमें हजकां नेता कुलवंत सिंह बराड़, जथेदार बलदेव सिंह खालसा, जथेदार बलबीर सिंह, जिला परिषद सदस्य सनियाना कुलवन्त सिंह, नंबरदार सुखदेव सिंह, अमरीक सिंह कुलां, मनदीप सिंह अरहवां पंच, जगीर सिंह डूल्ट, सोहन सिंह कोठा, जगतार सिंह सरपंच रत्ताथेह आदि के अतिरिक्त डूल्ट, बुवान, चंदड़, घासवा, हिसार, रतिया, फतेहाबाद, जाखल, टोहाना, म्योंद कलां, पातड़ा, मूनक, सरदूलगढ़, पटियाला, चिम्मो, बादलगढ़, भूंदड़ा, दिगोह, भूना, घोटडू, दिवाना, धारसूल, कुलां, जमालपुरा शेखा, मामूपुर, बोस्ती, इंदाछोई सहित लगभग 40 गांवों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और धर्म परिवर्तन किए जाने की कठोर निंदा की।
महापंचायत में लोगों ने कहा कि पहली पत्नी ही इस घर की बहु मानी जाएगी। धर्म कबूल करने वाले लोग समाज के लिए निंदनीय हैं। महापंचायत में कोई भी फैसला न होने पर अब 7 नवंबर को आगामी बैठक होगी। जिसमें फैसला लिया जा सकता है।
नई दुल्हन आई तो रह गई दंग
बुवान कोठी में गुरविन्द्र पाल सिंह उर्फ गोरखा जब अपने घर करीब 22 वर्षीय नई दुल्हन लेकर आया तो पहली पत्नी सुखविन्द्र कौर के पैरों तले जमीन खिसक गई।
उसने अपनी पत्नी को साथ रखने के लिए प्रस्ताव रखा तो हंगामा खड़ा हो गया। जिसके बाद सुखविन्द्र कौर ने मामले की जानकारी अपने ससुर गुरदेव सिंह को दी लेकिन उन्होंने भी इस पर अनसुना कर दिया।
इसके बाद उसने अपने मायके वालों को पूरी घटना से अवगत करवा दिया। पहली पत्नी के विरोध करने पर उसे घर से भी निकाले जाने की धमकी दे डाली।
ऐसे रचाई शादी
गांव बुवान कोठी वासी गुरविन्द्र पाल सिंह उर्फ गोरखा ने सिख धर्म को छोड़कर एक युवती के साथ इस्लाम धर्म कबूल करके 26 अक्तूबर को शादी रचा ली तथा 27 अक्तूबर को फतेहाबाद में विवाह पंजीकरण भी करवा लिया था।
दोनों ने पंजाब के मुनक मस्जिद में मौलवी के सामने सिख धर्म को छोड़कर निकाह कर लिया। इनमें गोरखा ने अपना नाम खुशी मुहम्मद रख लिया जबकि लड़की का नाम भी बदल गया।
दोनों ने ही इस्लाम धर्म के नियमों के अनुसार निकाह भी कर लिया। मामले की सूचना गांव में पहुंची तो लोग हैरान रह गए।
गोरखा ने जिस लड़की के साथ शादी की है उसकी आयु मात्र 22 वर्ष बताई जा रही है, जबकि गोरखा की आयु 39 साल से भी अधिक बताई जा रही है। वहीं गोरखा की पहली पत्नी ने बताया कि उसके लगभग 16 साल की बेटी व 14 साल के बेटे की उम्र है।
पहली पत्नी के मायके के लोगों पर मामला दर्ज
भूना पुलिस ने खुशी मोहम्मद के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट करने पर दो महिलाओं सहित 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
खुशी मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने जट सिख धर्म को त्यागकर इस्लाम धर्म कबूल कर लिया और उसने एक युवती के साथ शादी कर ली। जिससे खफा होकर सुखविन्द्र कौर के परिजन गोबिंद पुरा के एक दर्जन लोगों ने उनके घर पर आकर मारपीट की।
क्या कहती है पुलिस
पुलिस बीट इंचार्ज सुखदेव सिंह ने बताया कि इस्लाम धर्म कबूल करके दोनों ने निकाह किया है।
खुशी मोहम्मद उर्फ गोरखा की शिकायत पर पहली पत्नी के पिता कशमीर सिंह गोबिन्द पुरा, मां हरमीत कौर, भाई उपकार सिंह व बलजीत सिंह, ताऊ कुलवंत सिंह, मौसा जरनैल सिंह व मौसी सुखविन्द्र कौर, फूफड़ हरपाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। धर्म में दूसरा विवाह करने पर कोई भी कानूनी अपराध नहीं है।
मामले को लेकर पहली पत्नी के पक्ष में सैकड़ों लोग शुक्रवार को गोरखा परिवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मिले थे। कानूनी विशेषज्ञों की राय लेकर आगामी पुलिस कार्रवाई करेगी।