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डेंगू ने छीन ली चार मासूमों की मां
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Fri, 06 Nov 2015 12:43 AM IST
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घटना की सूचना मिलते ही वीरवार की सुबह हिसार रोड के दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर शोक व्यक्त किया। गुड़गांव से आने के बाद वीरवार की दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के अनुसार लोहा व्यापारी सुभाष बंसल बरवालिया की 51 वर्षीय निर्मल रानी बंसल को गत शुक्रवार को बुखार आने परन एक निजी अस्पताल में दाखिल किया गया।
हालत गंभीर होने के कारण उसे हिसार के निजी अस्पताल में दाखिल किया, जहां रक्त जांच के बाद निर्मल रानी को डेंगू बुखार की पुष्टि कर दी गई थी। पुष्टि होने के बाद निर्मल को मेदांता अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
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जहां उपचार के दौरान बुधवार की रात्रि को निर्मल रानी ने दम तोड़ दिया। गोशाला समिति के कोषाध्यक्ष एवं मृतका के देवर सुरेश बरवालिया ने कहा कि भूना में स्वास्थ्य विभाग नींद में सोया हुआ है।
जबकि डेंगू व मलेरिया का प्रकोप पांव पसारे है। उन्होंने कहा कि डेंगू के लार्वा की जांच व फॉगिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से की जानी चाहिए थी।
मगर ऐसा न होने के कारण एक के बाद एक कई मरीज डेंगू व मलेरिया से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से गुहार लगाई है कि भूना में डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों को आदेश दिया जाए।
चार बच्चों की मां थी निर्मल
सुभाष चंद्र के घर अचानक निर्मल रानी को आई बुखार के बाद मात्र 6 दिन में ही दिवाली की खुशियों को ग्रहण लग गया। डेंगू से हुई निर्मल रानी की मौत के बाद परिवार सदमे में है। निर्मल के चार बच्चे हैं जिनमें दो लड़की व दो लड़के शामिल है।
क्या कहते हैं इंचार्ज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना की इंचार्ज वरिष्ठ डाक्टर सुषमा बिश्नोई ने बताया कि निर्मल रानी की मृत्यु होने से संबंधित सूचना मिली है। डेंगू से संबंधित दस्तावेज जांच के बाद ही बताया जा सकता है। उनके पास बहरहाल डेंगू मौत से संबंधित कोई रिकार्ड एवं तथ्य नहीं आए हैं।
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जानकारी के अनुसार लोहा व्यापारी सुभाष बंसल बरवालिया की 51 वर्षीय निर्मल रानी बंसल को गत शुक्रवार को बुखार आने परन एक निजी अस्पताल में दाखिल किया गया।
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हालत गंभीर होने के कारण उसे हिसार के निजी अस्पताल में दाखिल किया, जहां रक्त जांच के बाद निर्मल रानी को डेंगू बुखार की पुष्टि कर दी गई थी। पुष्टि होने के बाद निर्मल को मेदांता अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
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जहां उपचार के दौरान बुधवार की रात्रि को निर्मल रानी ने दम तोड़ दिया। गोशाला समिति के कोषाध्यक्ष एवं मृतका के देवर सुरेश बरवालिया ने कहा कि भूना में स्वास्थ्य विभाग नींद में सोया हुआ है।
जबकि डेंगू व मलेरिया का प्रकोप पांव पसारे है। उन्होंने कहा कि डेंगू के लार्वा की जांच व फॉगिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से की जानी चाहिए थी।
मगर ऐसा न होने के कारण एक के बाद एक कई मरीज डेंगू व मलेरिया से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से गुहार लगाई है कि भूना में डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों को आदेश दिया जाए।
चार बच्चों की मां थी निर्मल
सुभाष चंद्र के घर अचानक निर्मल रानी को आई बुखार के बाद मात्र 6 दिन में ही दिवाली की खुशियों को ग्रहण लग गया। डेंगू से हुई निर्मल रानी की मौत के बाद परिवार सदमे में है। निर्मल के चार बच्चे हैं जिनमें दो लड़की व दो लड़के शामिल है।
क्या कहते हैं इंचार्ज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना की इंचार्ज वरिष्ठ डाक्टर सुषमा बिश्नोई ने बताया कि निर्मल रानी की मृत्यु होने से संबंधित सूचना मिली है। डेंगू से संबंधित दस्तावेज जांच के बाद ही बताया जा सकता है। उनके पास बहरहाल डेंगू मौत से संबंधित कोई रिकार्ड एवं तथ्य नहीं आए हैं।