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रोस्टर प्रणाली के विरोध में विद्यार्थियों ने फूंका केन्द्रीय मंत्री का पुतला
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रोस्टर प्रणाली के विरोध में विद्यार्थियों ने फूंका केंद्रीय मंत्री का पुतला
अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। आइसा के तत्वावधान में खालसा त्रिशताब्दी राजकीय महाविद्यालय के गेट पर रोस्टर प्रणाली को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया और केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का पुतला फूंका गया। इस दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए यूनियन नेता गुरप्रीत गोपी ने कहा कि सैकड़ों सालों से सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक रूप से दबे, कुचले, उपेक्षित समाज को न्याय और प्रतिनिधित्व कैसे मिल सके, इसके लिए संविधान सभा द्वारा लंबी चर्चा और तर्क-वितर्क के बाद आरक्षण देना उचित समझा गया था, ताकि स्वतंत्र भारत में हर वर्ग लोकतंत्र का भागीदार बन सके, लेकिन विडंबना यह है की आजादी के 72 साल बाद भी हाशिए के समाज को प्रतिनिधित्व और न्याय देने के मामले में हमारी हुकूमत की हालत लचर रही है। जिसके कारण आज का छात्र युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। विश्वविद्यालय में रोस्टर प्रणाली को लेकर विवाद का है। इस विवाद का कारण है कि बीएचयू के एक शोध छात्र के अपील पर इलाहाबाद की एकल बेंच ने 7 अप्रैल 2017 में विवेकानंद तिवारी विरुद्ध भारत सरकार मामले में एक फैसला सुनाया था, जिसमें 200 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को खत्म कर 13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को मान्यता दी गई थी, लेकिन अचानक से 200 प्वाइंट रोस्टर के स्थान पर 13 प्वाइंट रोस्टर लाने से किसको संभावित सहूलियत हो सकती है। 13 प्वाइंट रोस्टर के मुताबिक शिक्षकों की नियुक्ति में कॉलेज या विश्वविद्यालय को इकाई मानने के बजाय विभाग को एक इकाई मानकर आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नए नियम के तहत शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण लगभग समाप्त हो जाएगा, जिसका व्यावहारिक मायना यह है कि दबे कुचले शोषित समाज के लोग विश्वविद्यालय में पढ़ने से वंचित हो जाएंगे। इस दौरान उन्होंने आगामी 7 फरवरी को यंग इंडिया अधिकार मार्च के बैनर तले पूरे देश भर के हजारों छात्र दिल्ली में कूच करेंगे और इस दौरान यूनिवर्सिटी छात्र प्रतिनिधि समेत करीब 50 छात्र संगठन सड़कों और संघर्षों पर महागठबंधन बनाकर संविधान की मूल आत्मा को बचाने के लिए शिक्षा, सम्मानजनक रोजगार, आरक्षण पर सुनियोजित हमला, खाली पड़े 24 लाख सरकारी पदों की भर्ती के सवाल पर राजधानी में नए जंग का ऐलान करेंगे। इस अवसर पर छात्र नेता हैप्पी रतिया, अमन डुल्ट, गौरव, गगन, सोनू, सुनील कुमार, लवप्रीत सिंह, संदीप बैजलपुर व अन्य छात्र नेताओं ने भी अपने विचार रखे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। आइसा के तत्वावधान में खालसा त्रिशताब्दी राजकीय महाविद्यालय के गेट पर रोस्टर प्रणाली को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया और केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का पुतला फूंका गया। इस दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए यूनियन नेता गुरप्रीत गोपी ने कहा कि सैकड़ों सालों से सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक रूप से दबे, कुचले, उपेक्षित समाज को न्याय और प्रतिनिधित्व कैसे मिल सके, इसके लिए संविधान सभा द्वारा लंबी चर्चा और तर्क-वितर्क के बाद आरक्षण देना उचित समझा गया था, ताकि स्वतंत्र भारत में हर वर्ग लोकतंत्र का भागीदार बन सके, लेकिन विडंबना यह है की आजादी के 72 साल बाद भी हाशिए के समाज को प्रतिनिधित्व और न्याय देने के मामले में हमारी हुकूमत की हालत लचर रही है। जिसके कारण आज का छात्र युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। विश्वविद्यालय में रोस्टर प्रणाली को लेकर विवाद का है। इस विवाद का कारण है कि बीएचयू के एक शोध छात्र के अपील पर इलाहाबाद की एकल बेंच ने 7 अप्रैल 2017 में विवेकानंद तिवारी विरुद्ध भारत सरकार मामले में एक फैसला सुनाया था, जिसमें 200 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को खत्म कर 13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को मान्यता दी गई थी, लेकिन अचानक से 200 प्वाइंट रोस्टर के स्थान पर 13 प्वाइंट रोस्टर लाने से किसको संभावित सहूलियत हो सकती है। 13 प्वाइंट रोस्टर के मुताबिक शिक्षकों की नियुक्ति में कॉलेज या विश्वविद्यालय को इकाई मानने के बजाय विभाग को एक इकाई मानकर आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नए नियम के तहत शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण लगभग समाप्त हो जाएगा, जिसका व्यावहारिक मायना यह है कि दबे कुचले शोषित समाज के लोग विश्वविद्यालय में पढ़ने से वंचित हो जाएंगे। इस दौरान उन्होंने आगामी 7 फरवरी को यंग इंडिया अधिकार मार्च के बैनर तले पूरे देश भर के हजारों छात्र दिल्ली में कूच करेंगे और इस दौरान यूनिवर्सिटी छात्र प्रतिनिधि समेत करीब 50 छात्र संगठन सड़कों और संघर्षों पर महागठबंधन बनाकर संविधान की मूल आत्मा को बचाने के लिए शिक्षा, सम्मानजनक रोजगार, आरक्षण पर सुनियोजित हमला, खाली पड़े 24 लाख सरकारी पदों की भर्ती के सवाल पर राजधानी में नए जंग का ऐलान करेंगे। इस अवसर पर छात्र नेता हैप्पी रतिया, अमन डुल्ट, गौरव, गगन, सोनू, सुनील कुमार, लवप्रीत सिंह, संदीप बैजलपुर व अन्य छात्र नेताओं ने भी अपने विचार रखे।