{"_id":"62f3f18aed927a3d012aef86","slug":"86-cases-of-lumpy-skin-disease-reported-in-the-district-70-are-undergoing-treatment-fatehabad-news-hsr6389480150","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में लंपी स्किन बीमारी के 86 केस आए सामने, 70 का चल रहा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में लंपी स्किन बीमारी के 86 केस आए सामने, 70 का चल रहा इलाज
विज्ञापन
रतिया में लंपी स्किन डिजिज से ग्रसित गाय।
- फोटो : Fatehabad
रतिया। जिले में सबसे अधिक लंपी स्किन बीमारी के केस रतिया में आए हैं। यहां की गुरु नानक गोशाला में दस गाय संक्रमित हो गई हैं। इन गायों का पशुपालन एवं डेयरी विभाग के पशु चिकित्सकों की निगरानी में दवाओं के साथ-साथ देसी नुस्खों से भी इलाज हो रहा है। हल्दी के घोल, फिटकरी आदि के प्रयोग से संक्रमण का असर कम हो रहा है।
पशुपालन विभाग के अनुसार जिले में अब तक लंपी स्किन बीमारी के 86 केस आए हैं। इनमें से 70 का ट्रीटमेंट जारी है जबकि 16 पशु रिकवर हो चुके हैं। अकेले रतिया क्षेत्र में 60 पशु लंपी स्किन बीमारी से ग्रसित हैं।
गुरु नानक गोशाला के मैनेजर राजू ने बताया कि उनकी गोशाला में 10 गाय लंपी स्किन बीमारी से मिली संक्रमित हैं। इन गायों को पशुपालन विभाग के निर्देशानुसार दवाओं के अलावा हल्दी के घोल व फिटकरी से इलाज दिया जा रहा है। इससे संक्रमण कम हो रहा है। हालांकि, दो दिन पहले गोशाला में एक गाय की मौत भी हो गई है। मगर अन्य संक्रमित गायों में रिकवरी दिखाई दे रही है। संक्रमित गायों को अन्य गायों से दूर रखा हुआ है।
विज्ञापन
पशुपालन विभाग ने जागरूकता पर दिया जोर
पशुपालन विभाग ने इस बीमारी के संबंध में पशुपालकों को जागरूक करने पर जोर दिया है। विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुखविंद्र सिंह ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को गांवों में जाकर पशुपालकों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। बीमारी की रोकथाम में कारगर उपाय भी बताए जाएंगे।
भ्रमित न हों पशुपालक : बिश्नोई
रतिया के वेटरनरी सर्जन डॉ. सुनील बिश्नोई का कहना है कि इस बीमारी के प्रति पशुपालकों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। ग्रसित पशु को आइसोलेट करके पशुपालन विभाग के चिकित्सकों से संपर्क करके इलाज शुरू करवाएं। कई पशुपालक झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवा रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का डर है। उन्होंने बताया कि कई पशुपालक झोलाछाप डॉक्टरों के माध्यम से बाजार से बिना किसी सर्जन की पर्ची से महंगे दामों में वैक्सीन खरीद कर लगवा रहे हैं। इससे स्थिति और ज्यादा खराब हो रही है।
दवा विक्रेताओं की दुकानों पर करेंगे जांच : ड्रग इंस्पेक्टर
ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश राणा ने कहा कि पशु चिकित्सकों से शिकायत मिल रही है कि दवा विक्रेता बिना डॉक्टर की पर्ची के पशुपालकों को दवा बेच रहे हैं। थोक दवा विक्रेता बिना लिखित डिमांड के रिटेल दवा विक्रेताओं को बेच रहे हैं। दवा विक्रेताओं की दुकानों की जांच की जाएगी व खरीद-बेच रिकॉर्ड जांचा जाएगा। लापरवाही पाए जाने पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
श्रीकृष्ण गोशाला के मैनेजर सुरेश कुमार ने बताया कि उनकी गोशाला में लंपी बीमारी से ग्रसित 18 गोवंश चिन्हित किए गए थे। सभी को आइसोलेट करके हल्दी और एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। इससे रिकवरी होना शुरू हो गई है।
पशुओं की हालत स्थिर : श्रवण
पशुपालक श्रवण ने बताया कि उनकी गायों को लगातार बुखार आ रहा था। गायों ने दूध देना भी कम कर दिया था। लेकिन चिकित्सकों की सलाह के साथ साथ हल्दी और अन्य देसी उपचार के बाद पशुओं की हालत अब स्थिर है।
पशुओं के बैठने के स्थान पर डाल रहे चूना : पुरुषोत्तम
कमाना के पशुपालक पुरुषोत्तम ने बताया कि अपने पशुओं को रखने के स्थान के नीचे चूना डालकर उनका बचाव कर रहे हैं, जिसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। उपचार के बाद अब उनके पशुओं की हालत में काफी सुधार है।
टोहाना में गोशालाओं का किया दौरा, रतिया में जागरूकता सेमिनार किया
पशुपालन विभाग के टोहाना के उपमंडल अधिकारी ने अपनी टीम के साथ गोशालाओं का दौरा किया। इस दौरान गोशाला प्रबंधकों को लंपी स्किन बीमारी से पशुओं को बचाने के उपाय बताए गए। इसके अलावा रतिया में वेटरनरी सर्जन डॉ. सुनील बिश्नोई ने कंबोज धर्मशाला में सेमिनार का आयोजन किया। इसमें लंपी स्किन बीमारी के लक्षणों से लेकर बचाव के उपाय बताए गए।
फॉगिंग व दवाओं के छिड़काव के लिए आए निर्देश
पशुपालन विभाग के पास मुख्यालय से फॉगिंग करवाने और अन्य कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए बजट आ गया है। उपनिदेशक के अनुसार कुछ गोशालाओं में वीरवार से फॉगिंग करवाई जाएगी। बाकी जिला स्तर पर शुक्रवार से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करवाने का अभियान तेज किया जाएगा।
लंपी स्किन बीमारी के जिले में 86 केस हैं। इनमें से 16 की रिकवरी हो चुकी है। 70 पशुओं का ट्रीटमेंट चल रहा है। विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है।
-डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग
विज्ञापन
पशुपालन विभाग के अनुसार जिले में अब तक लंपी स्किन बीमारी के 86 केस आए हैं। इनमें से 70 का ट्रीटमेंट जारी है जबकि 16 पशु रिकवर हो चुके हैं। अकेले रतिया क्षेत्र में 60 पशु लंपी स्किन बीमारी से ग्रसित हैं।
विज्ञापन
गुरु नानक गोशाला के मैनेजर राजू ने बताया कि उनकी गोशाला में 10 गाय लंपी स्किन बीमारी से मिली संक्रमित हैं। इन गायों को पशुपालन विभाग के निर्देशानुसार दवाओं के अलावा हल्दी के घोल व फिटकरी से इलाज दिया जा रहा है। इससे संक्रमण कम हो रहा है। हालांकि, दो दिन पहले गोशाला में एक गाय की मौत भी हो गई है। मगर अन्य संक्रमित गायों में रिकवरी दिखाई दे रही है। संक्रमित गायों को अन्य गायों से दूर रखा हुआ है।
विज्ञापन
पशुपालन विभाग ने जागरूकता पर दिया जोर
पशुपालन विभाग ने इस बीमारी के संबंध में पशुपालकों को जागरूक करने पर जोर दिया है। विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुखविंद्र सिंह ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को गांवों में जाकर पशुपालकों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। बीमारी की रोकथाम में कारगर उपाय भी बताए जाएंगे।
भ्रमित न हों पशुपालक : बिश्नोई
रतिया के वेटरनरी सर्जन डॉ. सुनील बिश्नोई का कहना है कि इस बीमारी के प्रति पशुपालकों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। ग्रसित पशु को आइसोलेट करके पशुपालन विभाग के चिकित्सकों से संपर्क करके इलाज शुरू करवाएं। कई पशुपालक झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवा रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का डर है। उन्होंने बताया कि कई पशुपालक झोलाछाप डॉक्टरों के माध्यम से बाजार से बिना किसी सर्जन की पर्ची से महंगे दामों में वैक्सीन खरीद कर लगवा रहे हैं। इससे स्थिति और ज्यादा खराब हो रही है।
दवा विक्रेताओं की दुकानों पर करेंगे जांच : ड्रग इंस्पेक्टर
ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश राणा ने कहा कि पशु चिकित्सकों से शिकायत मिल रही है कि दवा विक्रेता बिना डॉक्टर की पर्ची के पशुपालकों को दवा बेच रहे हैं। थोक दवा विक्रेता बिना लिखित डिमांड के रिटेल दवा विक्रेताओं को बेच रहे हैं। दवा विक्रेताओं की दुकानों की जांच की जाएगी व खरीद-बेच रिकॉर्ड जांचा जाएगा। लापरवाही पाए जाने पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
श्रीकृष्ण गोशाला के मैनेजर सुरेश कुमार ने बताया कि उनकी गोशाला में लंपी बीमारी से ग्रसित 18 गोवंश चिन्हित किए गए थे। सभी को आइसोलेट करके हल्दी और एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। इससे रिकवरी होना शुरू हो गई है।
पशुओं की हालत स्थिर : श्रवण
पशुपालक श्रवण ने बताया कि उनकी गायों को लगातार बुखार आ रहा था। गायों ने दूध देना भी कम कर दिया था। लेकिन चिकित्सकों की सलाह के साथ साथ हल्दी और अन्य देसी उपचार के बाद पशुओं की हालत अब स्थिर है।
पशुओं के बैठने के स्थान पर डाल रहे चूना : पुरुषोत्तम
कमाना के पशुपालक पुरुषोत्तम ने बताया कि अपने पशुओं को रखने के स्थान के नीचे चूना डालकर उनका बचाव कर रहे हैं, जिसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। उपचार के बाद अब उनके पशुओं की हालत में काफी सुधार है।
टोहाना में गोशालाओं का किया दौरा, रतिया में जागरूकता सेमिनार किया
पशुपालन विभाग के टोहाना के उपमंडल अधिकारी ने अपनी टीम के साथ गोशालाओं का दौरा किया। इस दौरान गोशाला प्रबंधकों को लंपी स्किन बीमारी से पशुओं को बचाने के उपाय बताए गए। इसके अलावा रतिया में वेटरनरी सर्जन डॉ. सुनील बिश्नोई ने कंबोज धर्मशाला में सेमिनार का आयोजन किया। इसमें लंपी स्किन बीमारी के लक्षणों से लेकर बचाव के उपाय बताए गए।
फॉगिंग व दवाओं के छिड़काव के लिए आए निर्देश
पशुपालन विभाग के पास मुख्यालय से फॉगिंग करवाने और अन्य कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए बजट आ गया है। उपनिदेशक के अनुसार कुछ गोशालाओं में वीरवार से फॉगिंग करवाई जाएगी। बाकी जिला स्तर पर शुक्रवार से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करवाने का अभियान तेज किया जाएगा।
लंपी स्किन बीमारी के जिले में 86 केस हैं। इनमें से 16 की रिकवरी हो चुकी है। 70 पशुओं का ट्रीटमेंट चल रहा है। विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है।
-डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग