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नप प्रशासन करता रहा इंतजार, चुपके से शहर का निरीक्षण कर लौट गई स्वच्छता सर्वेक्षण टीम

Mon, 28 Jan 2019 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jan 2019 12:15 AM IST
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नप प्रशासन करता रहा इंतजार, चुपके से शहर का निरीक्षण कर लौट गई स्वच्छता सर्वेक्षण टीम
अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। पिछले दो माह से स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों में जुटे नगर परिषद प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। नगर परिषद सूत्रों की मानें तो स्वच्छता सर्वेक्षण की विशेष टीम फतेहाबाद में आकर चुपके से शहर का निरीक्षण कर लौट गई है। हालांकि नगर परिषद प्रशासन ने इसकी पुष्टि अभी तक नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि सोमवार को नगर परिषद प्रशासन इस संदर्भ में औपचारिक एलान कर सकता है। केंद्रीय टीम द्वारा चुपके से आकर सर्वे करने से नगर परिषद प्रशासन को अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि शहर के किन इलाकों में स्वच्छता की जांच की गई है।
फतेहाबाद जिले में चार स्थानीय निकाय विभाग कार्यरत हैं। इसमें भूना और रतिया में नगर पालिका है जबकि टोहाना-फतेहाबाद में नगर परिषद शामिल हैं। पिछले दिनों रतिया और भूना में तो स्वच्छता सर्वे के लिए जब टीम पहुंची थी तो स्वच्छ भारत मिशन के स्थानीय अधिकारियों को सूचना मिल गई थी। लेकिन भूना में सर्वे के बाद अचानक से केंद्रीय टीम वापिस चली गई और ये कहा गया कि टोहाना-फतेहाबाद में निरीक्षण से पहले सूचित किया जाएगा। 31 जनवरी को स्वच्छता सर्वेक्षण की अंतिम तिथि है। स्वच्छता सर्वेक्षण के नियमानुसार एक शहर में सर्वे के लिए कम से कम पांच दिन का समय लगता है। ऐसे में सोमवार को 28 जनवरी है और अगर सोमवार को भी टीम पहुंचती है तो भी निर्धारित समयावधि में सर्वेक्षण का काम पूरा नहीं हो सकेगा।
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मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी ने संभाली थी तैयारियों की कमान, नप प्रशासन से नहीं मिला सहयोग
स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रियंका कंडोला ने इसकी तैयारियों की कमान संभाली थी लेकिन नगर परिषद अधिकारियों व कर्मचारियों के ढीले रवैये के चलते वो भी ऐन मौके पर इस अभियान से अलग हो गई। इसके बाद स्वच्छ भारत मिशन के इंचार्ज कुमार सौरभ ही अपनी टीम के साथ रतिया और भूना तक भागदौड़ करते रहे ताकि वहां हुए स्वच्छता सर्वे में रतिया-भूना को अच्छे नंबर मिल सकें। इसके बाद टोहाना-फतेहाबाद में हुए सर्वे की उन्हें भी भनक तक नहीं लगी।
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पिछले साल फतेहाबाद से बेहतर थी भूना की रैकिंग
स्वच्छता सर्वेक्षण में फतेहाबाद शहर की हालत कुछ खास अच्छी नहीं रही है। गुटबाजी व अन्य परेशानियों के चलते लाख प्रयासों के बावजूद प्रशासन शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं हो सकी है। इसी कारण से पिछले साल हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में फतेहाबाद को 191 वीं रैंकिंग मिली थी जबकि महज पहली बार नगर पालिका हासिल करने वाले भूना शहर की रैंकिंग फतेहाबाद से बेहतर 172 थी। जिले का तीसरा शहर 572वें नंबर पर था।

वर्जन
एक शहर के स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए कम से कम पांच दिन चाहिए। लेकिन अभी तक हमारी जानकारी में टीम का आना नहीं है। ऐसे में इस बात की आशंका से इंकार नहीं कर सकते कि स्वच्छता सर्वेक्षण करने आई टीम बिना सिी को बताए सर्वे करके लौट गई हो।
- कुमार सौरभ, इंचार्ज स्वच्छ भारत मिशन
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