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भूना नपा चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में नहीं पहुंचा एक भी पार्षद, एसडीएम ने निरस्त किया प्रस्ताव
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भूना।
नगरपालिका चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बुधवार को स्थानीय नपा कार्यालय में अधिकारी तो पहुंचे लेकिन अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने के लिए एक भी पार्षद नगर पालिका कार्यालय नहीं पहुंचा। बीते दिन बीजेपी जिलाध्यक्ष वेद फुलां की मध्यस्थता से भूना नपा चेयरपर्सन की खिलाफत कर रहे सभी पार्षदों ने बीजेपी समर्थित प्रधान में ही आस्था जाहिर कर दी थी जिसके चलते ये पहले से तय माना जा रहा था कि बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव बैठक में कोई पार्षद नहीं पहुंचेगा। बुधवार को उपायुक्त द्वारा नियुक्त प्राधिकारी एवं एसडीएम सतबीर सिंह जांगू ने भूना नपा कार्यालय में पहुंचकर पार्षदों की काफी देर तक इंतजार की।
अविश्वास प्रस्ताव के लिए गुप्त मतदान हेतु व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया था। किंतु निर्धारित समय से लेकर साढे़ 12 बजे तक अविश्वास प्रस्ताव बैठक में अधिकारी पार्षदों की इंतजार करते रहे। मगर भूना नगरपालिका के 15 पार्षदों में से एक भी बैठक में नहीं पहुंचा। जिसके बाद नियुक्त प्राधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव बैठक को निरस्त कर दिया। बैठक में ड्यूटी मजिस्टेट एवं तहसीलदार विजय कुमार, चुनाव कानूनगो सुशील कुमार रेवड़ी, नगरपालिका सचिव रविन्द्र सिंह कोहाड, जेई राजेश कुमार भांभू व रोहताश कुमार मिल भी मौजूद थे।
क्या है मामला
नगरपालिका भूना की चेयरपर्सन राखी वाल्मीकि के खिलाफ 19 जनवरी को 15 में से 14 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए उपायुक्त डाक्टर हरदीप सिंह को शपथ पत्र सौंपे थे। उपायुक्त ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए 20 जनवरी को एसडीएम फतेहाबाद को जांच करने के आदेश दे दिए थे। एसडीएम ने संबंधित पार्षदों को उपायुक्त के आदेशों की पालना करते हुए नोटिस जारी करके 7 फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने के लिए दिशा निर्देश दिए थे।
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इन्होंने सौंपे थे शपथपत्र
राखी वाल्मीकि को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव हेतू व्14 पार्षदों ने शपथ पत्र सौंपे थे। इनमें वार्ड नंबर 1 के नरेंद्र बागड़ी, वार्ड नंबर 2 के भूपेंद्र कौर, वार्ड नंबर 3 के एडवोकेट प्रवीन राणा, वार्ड नंबर 4 के मीना सरबटा, वार्ड नंबर 6 के ओमप्रकाश कंबोज, वार्ड नंबर 7 के डाक्टर कशमीरी लाल कंबोज, वार्ड नंबर 8 के अनिल कंबोज, वार्ड नंबर 9 के रिम्पी सोनी, वार्ड नंबर 10 के प्रवीन जैन, वार्ड नंबर 11 के सुदेश दहिया, वार्ड नंबर 12 से सुदेश ग्रोवर, वार्ड नंबर 13 से सरोज बाला, वार्ड नंबर 14 से नीलम गर्ग व वार्ड नंबर 15 से रहीश कुमार शामिल थे।
क्या कहते हैं एसडीएम
एसडीएम सतबीर जांगू ने बताया कि चेयरपर्सन के खिलाफ हरियाणा चुनाव नियमावाली 1978 के नियम 72 ए के अंतर्गत विशेष बैठक बुलाने हेतु मुझे अधिकृत किया गया था। चुनाव को लेकर सुबह 11 बजे से साढे 12 बजे तक पार्षदों का इंतजार किया। नगरपालिका कार्यालय से बाहर दो बार आवाज भी लगाई गई। मगर कोई भी पार्षद नहीं पहुंचा। इसलिए चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया।
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भूना।
नगरपालिका चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बुधवार को स्थानीय नपा कार्यालय में अधिकारी तो पहुंचे लेकिन अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने के लिए एक भी पार्षद नगर पालिका कार्यालय नहीं पहुंचा। बीते दिन बीजेपी जिलाध्यक्ष वेद फुलां की मध्यस्थता से भूना नपा चेयरपर्सन की खिलाफत कर रहे सभी पार्षदों ने बीजेपी समर्थित प्रधान में ही आस्था जाहिर कर दी थी जिसके चलते ये पहले से तय माना जा रहा था कि बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव बैठक में कोई पार्षद नहीं पहुंचेगा। बुधवार को उपायुक्त द्वारा नियुक्त प्राधिकारी एवं एसडीएम सतबीर सिंह जांगू ने भूना नपा कार्यालय में पहुंचकर पार्षदों की काफी देर तक इंतजार की।
अविश्वास प्रस्ताव के लिए गुप्त मतदान हेतु व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया था। किंतु निर्धारित समय से लेकर साढे़ 12 बजे तक अविश्वास प्रस्ताव बैठक में अधिकारी पार्षदों की इंतजार करते रहे। मगर भूना नगरपालिका के 15 पार्षदों में से एक भी बैठक में नहीं पहुंचा। जिसके बाद नियुक्त प्राधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव बैठक को निरस्त कर दिया। बैठक में ड्यूटी मजिस्टेट एवं तहसीलदार विजय कुमार, चुनाव कानूनगो सुशील कुमार रेवड़ी, नगरपालिका सचिव रविन्द्र सिंह कोहाड, जेई राजेश कुमार भांभू व रोहताश कुमार मिल भी मौजूद थे।
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क्या है मामला
नगरपालिका भूना की चेयरपर्सन राखी वाल्मीकि के खिलाफ 19 जनवरी को 15 में से 14 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए उपायुक्त डाक्टर हरदीप सिंह को शपथ पत्र सौंपे थे। उपायुक्त ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए 20 जनवरी को एसडीएम फतेहाबाद को जांच करने के आदेश दे दिए थे। एसडीएम ने संबंधित पार्षदों को उपायुक्त के आदेशों की पालना करते हुए नोटिस जारी करके 7 फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने के लिए दिशा निर्देश दिए थे।
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इन्होंने सौंपे थे शपथपत्र
राखी वाल्मीकि को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव हेतू व्14 पार्षदों ने शपथ पत्र सौंपे थे। इनमें वार्ड नंबर 1 के नरेंद्र बागड़ी, वार्ड नंबर 2 के भूपेंद्र कौर, वार्ड नंबर 3 के एडवोकेट प्रवीन राणा, वार्ड नंबर 4 के मीना सरबटा, वार्ड नंबर 6 के ओमप्रकाश कंबोज, वार्ड नंबर 7 के डाक्टर कशमीरी लाल कंबोज, वार्ड नंबर 8 के अनिल कंबोज, वार्ड नंबर 9 के रिम्पी सोनी, वार्ड नंबर 10 के प्रवीन जैन, वार्ड नंबर 11 के सुदेश दहिया, वार्ड नंबर 12 से सुदेश ग्रोवर, वार्ड नंबर 13 से सरोज बाला, वार्ड नंबर 14 से नीलम गर्ग व वार्ड नंबर 15 से रहीश कुमार शामिल थे।
क्या कहते हैं एसडीएम
एसडीएम सतबीर जांगू ने बताया कि चेयरपर्सन के खिलाफ हरियाणा चुनाव नियमावाली 1978 के नियम 72 ए के अंतर्गत विशेष बैठक बुलाने हेतु मुझे अधिकृत किया गया था। चुनाव को लेकर सुबह 11 बजे से साढे 12 बजे तक पार्षदों का इंतजार किया। नगरपालिका कार्यालय से बाहर दो बार आवाज भी लगाई गई। मगर कोई भी पार्षद नहीं पहुंचा। इसलिए चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया।