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रतिया नगर पालिका रिश्वत कांड मामला: अब रिश्वत देने वाले भी नपेंगे

Wed, 06 Dec 2017 12:15 AM IST
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:15 AM IST
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रतिया नगर पालिका रिश्वत कांड मामला: अब रिश्वत देने वाले भी नपेंगे
रतिया नगर पालिका में ठेकेदारों को पेमेंट देने में चल रहा था कमीशन का खेल
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अमर उजाला ब्यूरो
रतिया(फतेहाबाद)।
नगर पालिका में कार्यरत महिला क्लर्क मनजीत कौर के खिलाफ सीएम फ्लाइंग द्वारा कार्रवाई करने के बाद उपायुक्त ने इस मामले में रिश्वत लेने के साथ-साथ देने वालों को भी बराबर का आरोपी मानते हुए सचिव को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
उपायुक्त द्वारा भेेजे गए आदेश पत्र के अन्तर्गत सचिव को लिखा है कि 24 मार्च 2015 को रतिया के 7 ठेकेदारों ने उप मंडलाधीश को शिकायत की थी, जिसके तहत विभागीय तौर पर विकास कार्य के लिए कुछ ठेकेदारों ने सामग्री की सप्लाई की थी, जिसके तहत कुछ ठेकेदारों को छोड़ कर सबको पूरी पेमेंट कर दी थी। शिकायतकर्ताओं ने आह्वान किया था कि जिन नियमों के तहत ठेकेदारों की पेमेंट हुई है, उन्हें भी उपरोक्त पेेमेंट दी जाए। अगर उन ठेकेदारों की पेमेंट सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से हुई है तो उसका उचित निरीक्षण कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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शिकायत देने वाले 7 ठेकेदारों ने उप मंडलाधीश के समक्ष सीडी भी पेश की थी, जिसमें यह अदायगी करने पर उनसे मोटा कमीशन लेने बारे बातचीत हुई थी। इस सीडी में पूर्व पार्षद विजय कुमार की नगर पालिका के लिपिक मनजीत कौर से बात हुई थी, जिसमें वर्णन है कि रतिया नगर पालिका में अदायगी के तौर पर कमीशन का लेन-देन होता है। किस-किस का क्या कमीशन है उसका हिसाब-किताब करना इसके ब्यानों में माना जाता है।
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भेजे गए आदेश पत्र के अनुसार महिला लिपिक ने 4 मई 2015 को अपने ब्यानों के आधार पर भी पूर्व पार्षद व ठेकेदार विजय कुमार से फोन पर कमीशन लेने की बातचीत को स्वीकार किया था और इसके साथ-साथ कमीशन से प्राप्त 1 लाख 86 हजार रुपये की प्राप्ति को भी स्वीकार करते हुए 1 लाख 15 हजार रुपये प्रधान, 14 हजार रुपये निवर्तमान सचिव, 57 हजार रुपये ऑडिट शाखा व लेखा शाखा के थे, जिसमें आरएओ के 35 हजार और 22 हजार रुपये महिला लिपिक के थे।
उपायुक्त ने सचिव को स्पष्ट तौर पर लिखा कि रिश्वत व लेना व देना दोनों ही अपराध की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने पत्र के तहत सर्वप्रथम उपरोक्त महिला पर विभाग की छवि धूमिल करने व गैर जिम्मेदार तथा अनुशासहीन होने की बात लिखी है और इसके साथ-साथ उपरोक्त कदाचार को दर्शाते हुए सरकारी सेवा में न रहने के लायक भी बताया है। इसके साथ-साथ सचिव को रिश्वत देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की हिदायतें दी हैं।

महिला क्लर्क पर हो चुकी है कार्रवाई
सीडी में रिश्वत मांगने व अन्य अधिकारियों के नाम उजागर करने के मामले को लेकर सीएम फ्लाइंग अपनी जांच के तहत महिला क्लर्क के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज कर चुकी है और इस मामले को लेकर उपरोक्त महिला क्लर्क पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय से जमानत ले चुकी है।

क्या कहते हैं सचिव
उपरोक्त उपायुक्त द्वारा लिखे गए पत्र के संदर्भ में जब नगर पालिका सचिव सुरेन्द्र कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि आज ही उन्हें संबंधित पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें रिश्वत देने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि उपायुक्त के आदेशों की शीघ्र पालना की जाएगी।
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