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Fatehabad News: हसंगा में 33 केवी सब स्टेशन बनने पर 7़,000 की आबादी को होगा फायदा
Sat, 19 Oct 2024 02:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 19 Oct 2024 02:55 AM IST
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भूना। गांव हसंगा में पौने दो एकड़ में बन रहे 33 केवी बिजलीघर का काम आठ महीने में पूरा हो जाएगा। इसका निर्माण कार्य इसी वर्ष अगस्त में शुरू हुआ था।
बिजली निगम की निर्माण विंग के अधिकारियों की देखरेख में निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बनने से गांव की सात हजार की आबादी को बिजली कटों से निजात मिल जाएगी। गांव में करीब दो हजार बिजली कनेक्शन हैं।
वर्तमान में गांव हसंगा के बिजली उपभोक्ता 33 केवी बिजली घर भूथनकलां, दिगोह, रायपुर ढाणी व नाढोड़ी सहित अलग-अलग चार बिजली घरों के फीडर से जुड़े हुए हैं। इनमें घरेलू बिजली सप्लाई 220 केवी बिजलीघर भूथनकलां से चल रही है। हसंगा और भूथनकलां की दूरी लगभग पांच किलोमीटर है। इस कारण बारिश या तूफान के समय में कई-कई घंटे बिजली प्रभावित भी रहती है। प्रदेश सरकार ने गांव हसंगा की समस्या को गंभीरता से लेते हुए 33 केवी बिजलीघर गांव में बनाने की कुछ महीनों पहले ही स्वीकृति दी थी।
जगमग योजना में शामिल होने पर 24 घंटे मिलेगी बिजली
फिलहाल उपभोक्ताओं को गांव में करीब 12 से 16 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जब गांव में 33 केवी बिजलीघर बनाकर तैयार हो जाएगा तो उपभोक्ताओं को 20 से 24 घंटे तक बिजली मिल पाएगी। वहीं, नई लाइन बिछाने से ब्रेक डाउन की समस्या से भी निजात मिलेगी। जगमग योजना के तहत जुड़ने वाले गांवों में सरकार के लक्ष्य के मुताबिक 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। गांव में 7 एमवीए तक का ट्यूबवेल व घरेलू बिजली कनेक्शन का वर्तमान में लोड है। इसलिए बिजली निगम ने हसंगा के 33 केवी सब स्टेशन में 10 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर रखा जाएगा।
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गांव हसंगा में ही बिजलीघर बनने से घरेलू, गैर घरेलू व ट्यूबवेल उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलेगा। बिजली लाइन में खराबी आने के बाद ग्रामीणों को ठीक करवाने के लिए भूथन कलां, दिगोह, रायपुर ढाणी और नाढोड़ी बिजली घरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
-धर्मबीर खलेरी, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि, गांव हसंगा
प्रदेश सरकार ने गांव हसंगा में वर्षों पुरानी बिजली समस्या का समाधान कर दिया है। गांव में 33 केवी बिजली घर बनने से बार-बार लगने वाले कटों से निजात मिलेगी। ग्रामीण मुख्यमंत्री नायब सैनी व पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला के आभारी हैं। -सुरेंद्र लांबा, पूर्व सरपंच, गांव हसंगा
गांव हसंगा के बिजली उपभोक्ता अलग-अलग चार बिजलीघरों से जुड़े हुए हैं। मगर अब गांव में 33 केवी बिजलीघर निर्माणाधीन है। जल्दी ही बिजली समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। -वकील सहारण, सरपंच, गांव हसंगा
गांव में ही बिजलीघर बनने से ग्रामीणों को बड़ा लाभ मिलेगा। 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा सकती है। फाल्ट आदि आने पर समाधान जल्दी हो सकेगा। -राय सिंह खलेरी, समाजसेवी, गांव हसंगा
अनाज खरीद केंद्र के सामने भूना-फतेहाबाद रोड पर गांव हसंगा में 33 केवी सब स्टेशन बनाने का काम जोरों पर हैं। लगभग आठ महीने में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके पूरा होने पर ग्रामीणों को काफी फायदा मिलेगा। -अमित सिंह, एसडीओ, बिजली निगम।
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बिजली निगम की निर्माण विंग के अधिकारियों की देखरेख में निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बनने से गांव की सात हजार की आबादी को बिजली कटों से निजात मिल जाएगी। गांव में करीब दो हजार बिजली कनेक्शन हैं।
वर्तमान में गांव हसंगा के बिजली उपभोक्ता 33 केवी बिजली घर भूथनकलां, दिगोह, रायपुर ढाणी व नाढोड़ी सहित अलग-अलग चार बिजली घरों के फीडर से जुड़े हुए हैं। इनमें घरेलू बिजली सप्लाई 220 केवी बिजलीघर भूथनकलां से चल रही है। हसंगा और भूथनकलां की दूरी लगभग पांच किलोमीटर है। इस कारण बारिश या तूफान के समय में कई-कई घंटे बिजली प्रभावित भी रहती है। प्रदेश सरकार ने गांव हसंगा की समस्या को गंभीरता से लेते हुए 33 केवी बिजलीघर गांव में बनाने की कुछ महीनों पहले ही स्वीकृति दी थी।
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जगमग योजना में शामिल होने पर 24 घंटे मिलेगी बिजली
फिलहाल उपभोक्ताओं को गांव में करीब 12 से 16 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जब गांव में 33 केवी बिजलीघर बनाकर तैयार हो जाएगा तो उपभोक्ताओं को 20 से 24 घंटे तक बिजली मिल पाएगी। वहीं, नई लाइन बिछाने से ब्रेक डाउन की समस्या से भी निजात मिलेगी। जगमग योजना के तहत जुड़ने वाले गांवों में सरकार के लक्ष्य के मुताबिक 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। गांव में 7 एमवीए तक का ट्यूबवेल व घरेलू बिजली कनेक्शन का वर्तमान में लोड है। इसलिए बिजली निगम ने हसंगा के 33 केवी सब स्टेशन में 10 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर रखा जाएगा।
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गांव हसंगा में ही बिजलीघर बनने से घरेलू, गैर घरेलू व ट्यूबवेल उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलेगा। बिजली लाइन में खराबी आने के बाद ग्रामीणों को ठीक करवाने के लिए भूथन कलां, दिगोह, रायपुर ढाणी और नाढोड़ी बिजली घरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
-धर्मबीर खलेरी, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि, गांव हसंगा
प्रदेश सरकार ने गांव हसंगा में वर्षों पुरानी बिजली समस्या का समाधान कर दिया है। गांव में 33 केवी बिजली घर बनने से बार-बार लगने वाले कटों से निजात मिलेगी। ग्रामीण मुख्यमंत्री नायब सैनी व पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला के आभारी हैं। -सुरेंद्र लांबा, पूर्व सरपंच, गांव हसंगा
गांव हसंगा के बिजली उपभोक्ता अलग-अलग चार बिजलीघरों से जुड़े हुए हैं। मगर अब गांव में 33 केवी बिजलीघर निर्माणाधीन है। जल्दी ही बिजली समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। -वकील सहारण, सरपंच, गांव हसंगा
गांव में ही बिजलीघर बनने से ग्रामीणों को बड़ा लाभ मिलेगा। 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा सकती है। फाल्ट आदि आने पर समाधान जल्दी हो सकेगा। -राय सिंह खलेरी, समाजसेवी, गांव हसंगा
अनाज खरीद केंद्र के सामने भूना-फतेहाबाद रोड पर गांव हसंगा में 33 केवी सब स्टेशन बनाने का काम जोरों पर हैं। लगभग आठ महीने में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके पूरा होने पर ग्रामीणों को काफी फायदा मिलेगा। -अमित सिंह, एसडीओ, बिजली निगम।