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ग्राम पंचायत अयाल्की, भिरड़ाना, हांसपुर, महमड़ा, मढ़, रतनगढ़, ब्राहणवाला, हड़ौली तथा करनौली को नोटिस जारी

Wed, 21 Nov 2018 12:24 AM IST
Updated Wed, 21 Nov 2018 12:24 AM IST
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ग्राम पंचायत अयाल्की, भिरड़ाना, हांसपुर, महमड़ा, मढ़, रतनगढ़, ब्राहणवाला, हड़ौली तथा करनौली  को  नोटिस जारी
पराली जलाने वाले 9 गांवों की पंचायतों को नोटिस जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। फतेहाबाद में लगभग एक हजार किसान ऐसे हैं, जिन्होंने अपने खेतों में पराली को नहीं जलाया है, ऐसे में पराली जलाने वाले किसानों की यह बात स्वीकार नहीं की जा सकती की उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं हैं। उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने आज यहां एक बैठक में सभी उपमंडलाधीशों, तहसीलदारों, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सहित विभिन्न गांवों के पंच-सरपंचों व पटवारी आदि को नवंबर माह के दौरान पूरी सजगता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालय तथा राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण सहित अन्य एजेंसियां किसी भी सूरत में पराली जलाने की घटनाओं को स्वीकार नहीं करेंगी, चाहे इसके लिए कितने ही कड़े कदम क्यों न उठाने पड़े। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी व पंचायत प्रतिनिधि यह सुनिश्चित कर लें कि उनके क्षेत्रों में पराली जलाए जाने की घटनाएं न हों। उपायुक्त ने कहा कि हरसेक यानि सेटेलाइट से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न ग्राम पंचायतों को पराली जलाए जाने की घटनाओं में वृद्धि के कारण प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। इनके विरुद्ध हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें ग्राम पंचायत अयाल्की, भिरड़ाना, हांसपुर, महमड़ा, मढ़, रतनगढ़, ब्राहणवाला, हड़ौली तथा करनौली शामिल है।
उपायुक्त ने कहा कि पराली जलाने वाले सभी किसानों की सूची तैयार कर ली गई है और जल्द ही यह सूची जिला में कार्यरत सभी पटवारियों को उपलब्ध करवा दी जाएगी। भविष्य में किसी भी कार्य या योजना हेतु पटवारियों द्वारा की जाने वाली रिपोर्ट में पराली जलाने वाले किसानों का जिक्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के पास विकल्प न होने की बात को स्वीकार ही नहीं किया जा सकता, क्योंकि जिला में 135 से अधिक कस्टम हायरिंग सेंटर तथा 600 व्यक्तियों को व्यक्तिगत तौर पर उपकरण लेने हेतु सब्सिडी प्रदान की गई है। ऐसे में अब जबकि धान का काफी सीजन निकल चुका है, तो मशीनों की बिलकुल भी कमी नहीं हैं। अब किसानों को उनके क्षेत्रों के एकदम नजदीक ही पराली प्रबंधन की मशीनेें मिल सकती है।
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इस अवसर पर एडीसी सतबीर जांगु, एसडीएम देवीलाल सिहाग, डीआरडीए सीईओ डॉ. जयबीर यादव, सीएमजीजीए प्रियंका कंडोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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