{"_id":"5bb516c2867a55787b028722","slug":"61538594498-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसात में खराब हुई 115 गांवों के करीब 17 हजार किसानों ने करवाया आवेदन जमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसात में खराब हुई 115 गांवों के करीब 17 हजार किसानों ने करवाया आवेदन जमा
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- डीडीए का अनुरोध, फसल खराब हुई तो सभी को मिलेगा औसत मुआवजा, बिना वजह आवेदन देने से बचें किसान
सुरेन्द्र असीजा
फतेहाबाद। पिछले दिनों हुई बारिश से खराब हुई धान की फसल के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का आना बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को करीब 800 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन फार्म विभाग में जमा करवाए। इसके साथ ही आवेदन फार्म भरने वाले किसानों की संख्या बढ़कर 16 हजार 800 हो गई।
बता दें कि इसके लिए 48 घंटे का समय आवेदन देने का था, लेकिन उपायुक्त के आदेश थे कि किसी भी किसान को आवेदन फार्म लेने से मना न किया जाए। उधर, डीडीए ने किसानों से आग्रह किया है कि वह गैर जरूरी रूप से आवेदन फार्म जमा न करवाएं, अगर फसल खराब हुई है तो औसत रुप में सभी को मुआवजा मिलेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 से 24 सितंबर तक जिलाभर में तेज बरसात हुई थी। जिसके बाद नरमा व धान की फसल में पानी एकत्रित होने से फसल खराब हो गई थी। सरकार ने किसानों की फसल के मुआवजे के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश भी दिए थे। इस बीच बीमित किसान बीमा फार्म लेकर कृषि विभाग पहुंचना आरंभ हो गए और अब तक 16 हजार किसान अपने आवेदन दे चुके थे। सरकार द्वारा निर्धारित 48 घंटे का समय बीत जाने के बाद जब कृषि विभाग ने फार्म लेने से मना किया तो करीब 22 गांवों के किसानों ने लघु सचिवालय में हंगामा खड़ा कर दिया। उपायुक्त जेके आभीर व विभाग के निदेशक ने किसानों के फार्म लेने के आदेश जारी कर दिए। बुधवार को इनकी संख्या बढ़कर 16 हजार 800 हो गई। इनमें 115 गांवों के किसान शामिल हैं।
विज्ञापन
कृषि उपनिदेशक बलवंत सिंह सहारण ने कहा कि किसानों ने स्थानीय आपदा के तहत जमीन में जलभराव की शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि जिन गांवों की फसल खराब हुई है, वहां फसल कटाई प्रयोग हो रहा है, यह प्रयोग हर गांव में हो रहे हैं। जिससे गांव का औसत उत्पादन निकाला जाएगा। यदि इस साल का औसत उत्पादन पिछले सालों से कम हुआ तो सभी किसानों को बराबर का मुआवजा मिलेगा और इसकी क्लेम राशि किसान के बैंक खाते में आएगी। संबंधित बीमा कंपनी या कृषि विभाग को इसकी शिकायत देना जरूरी नहीं है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि अपने गांव में हो रही फसल कटाई प्रयोग पर ध्यान रखें या संबंधित कृषि विकास अधिकारी और खंड कृषि अधिकारी से संपर्क करें।
---------------------------------------
03 एफटीबीपी 09-बलवंत सहारण, कृषि उपनिदेशक फतेहाबाद
विज्ञापन
सुरेन्द्र असीजा
फतेहाबाद। पिछले दिनों हुई बारिश से खराब हुई धान की फसल के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का आना बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को करीब 800 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन फार्म विभाग में जमा करवाए। इसके साथ ही आवेदन फार्म भरने वाले किसानों की संख्या बढ़कर 16 हजार 800 हो गई।
बता दें कि इसके लिए 48 घंटे का समय आवेदन देने का था, लेकिन उपायुक्त के आदेश थे कि किसी भी किसान को आवेदन फार्म लेने से मना न किया जाए। उधर, डीडीए ने किसानों से आग्रह किया है कि वह गैर जरूरी रूप से आवेदन फार्म जमा न करवाएं, अगर फसल खराब हुई है तो औसत रुप में सभी को मुआवजा मिलेगा।
विज्ञापन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 से 24 सितंबर तक जिलाभर में तेज बरसात हुई थी। जिसके बाद नरमा व धान की फसल में पानी एकत्रित होने से फसल खराब हो गई थी। सरकार ने किसानों की फसल के मुआवजे के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश भी दिए थे। इस बीच बीमित किसान बीमा फार्म लेकर कृषि विभाग पहुंचना आरंभ हो गए और अब तक 16 हजार किसान अपने आवेदन दे चुके थे। सरकार द्वारा निर्धारित 48 घंटे का समय बीत जाने के बाद जब कृषि विभाग ने फार्म लेने से मना किया तो करीब 22 गांवों के किसानों ने लघु सचिवालय में हंगामा खड़ा कर दिया। उपायुक्त जेके आभीर व विभाग के निदेशक ने किसानों के फार्म लेने के आदेश जारी कर दिए। बुधवार को इनकी संख्या बढ़कर 16 हजार 800 हो गई। इनमें 115 गांवों के किसान शामिल हैं।
विज्ञापन
कृषि उपनिदेशक बलवंत सिंह सहारण ने कहा कि किसानों ने स्थानीय आपदा के तहत जमीन में जलभराव की शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि जिन गांवों की फसल खराब हुई है, वहां फसल कटाई प्रयोग हो रहा है, यह प्रयोग हर गांव में हो रहे हैं। जिससे गांव का औसत उत्पादन निकाला जाएगा। यदि इस साल का औसत उत्पादन पिछले सालों से कम हुआ तो सभी किसानों को बराबर का मुआवजा मिलेगा और इसकी क्लेम राशि किसान के बैंक खाते में आएगी। संबंधित बीमा कंपनी या कृषि विभाग को इसकी शिकायत देना जरूरी नहीं है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि अपने गांव में हो रही फसल कटाई प्रयोग पर ध्यान रखें या संबंधित कृषि विकास अधिकारी और खंड कृषि अधिकारी से संपर्क करें।
---------------------------------------
03 एफटीबीपी 09-बलवंत सहारण, कृषि उपनिदेशक फतेहाबाद