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सीबीएसई से जुड़े 6 सरकारी स्कूल, 87 प्राइमरी में अंग्रेजी माध्यम हुआ शुरू
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तेहाबाद शहर में बनकर तैयार हुआ राजकीय प्राइमरी स्कूल।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। कोरोना महामारी के कारण 2020 की तरह वर्ष 2021 में शिक्षा पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है। सरकार ने ऑनलाइन शिक्षा पर फोकस करने का प्रयास किया लेकिन मैनुअल शिक्षा की बराबरी नहीं ले पाया, नतीजा ये निकला विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर नीचे चला गया है, खासकर जूनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों का। हालांकि इस साल शिक्षा के क्षेत्र में पहली बार बड़ा बदलाव भी हुआ है।
जिले के प्रत्येक खंड में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर 5 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को मॉडल संस्कृति बनाकर सीबीएसई से जोड़ दिया गया है, इसके अलावा 87 प्राइमरी स्कूलों को भी मॉडल संस्कृति बनाया गया है, यहां पर अंग्रेजी माध्यम शुरू किया गया है। इसके बाद दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि 20 हजार विद्यार्थी निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में आए है। 2019-20 में जिले के सरकारी स्कूलों में करीब 1 लाख 1 हजार विद्यार्थी पंजीकृत थे लेकिन अब 1 लाख 20 हजार के दाखिले हो चुके हैं।
प्राइमरी और हाई स्कूलों के नए भवन मिले
2021 में समग्र शिक्षा विभाग की तरफ से जिले के प्राइमरी और हाई स्कूलों को नए भवन मिले हैं। खासकर शहर फतेहाबाद और स्वामी नगर का प्राइमरी स्कूल है। लंबी लड़ाई के बाद इस साल भट्ठा कॉलोनी में चल रहा राजकीय प्राइमरी स्कूल ठाकर बस्ती को पुरानी कोर्ट परिसर में नए स्कूल की बिल्डिंग मिल गई है और विद्यार्थी भी शिफ्ट हो गए हैं। इसके अलावा स्वामी नगर की भी नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। इसके अलावा जाखल में राजकीय कन्या स्कूल, हसंगा में राजकीय स्कूल और बड़ोपल में नई लैब और कमरे बनकर तैयार हुए हैं।
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जिले में स्कूलों की स्थिति
स्कूल संख्या
सीनियर सेकेंडरी 74
हाई स्कूल 70
मिडल 86
प्राइमरी 386
आरोही 5
कस्तूरबा विद्यालय 5
जिले में राजकीय महाविद्यालयों की स्थिति।
राजकीय महिला महाविद्यालय भोडिया खेड़ा।
राजकीय महाविद्यालय भूना।
राजकीय महिला महाविद्यालय रतिया।
खालसा त्रिशताब्दी राजकीय महाविद्यालय रतिया।
राजकीय महाविद्यालय भट्टूकलां।
आईजी राजकीय महाविद्यालय टोहाना।
- 2021 में भी जिला मुख्यालय को नहीं मिला राजकीय महाविद्यालय
जिला मुख्यालय में राजकीय महाविद्यालय नहीं है, लंबे समय से इसकी मांग उठ रही है। लेकिन ये मांग अभी तक अधूरी है। वर्ष 2021 में भी ये सपना बनकर रह गया है। जिले में फिलहाल 6 सरकारी महाविद्यालय है। जिला मुख्यालय में छात्रों के लिए राजकीय महाविद्यालय न होने के कारण निजी में दाखिला लेना पड़ रहा है या फिर जिले से बाहर जा रहे है।
सुपर 100 की तर्ज पर शुरू हुई एनडीए परीक्षा
सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए सुपर 100 की तर्ज पर इस पर एनडीए की परीक्षा शुरू की गई है। कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की प्रथम स्क्रीनिंग परीक्षा भी आयोजित हो चुकी है। इसमें चयनित विद्यार्थियों को एनडीए की कोचिंग दी जाएगी। हालांकि प्रथम स्क्रीनिंग परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद योजना सिरे नहीं चढ़ी है।
आरोही स्कूलों में शिक्षकों की कमी बरकरार
जिले में पांच आरोही स्कूल है, शिक्षा विभाग ने इन्हें अपग्रेड करके कक्षा छठी से बारहवीं तक कर दिया है, लेकिन स्टाफ नहीं दिया है। हालात ये है कि कक्षा छठी से आठवीं तक इन स्कूलों में स्टाफ ही नहीं है, किसी भी विषय का स्टाफ पूरा नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि इसको लेकर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
कोट
2021 में प्रत्येक खंड में एक राजकीय स्कूल को मॉडल संस्कृति से जोड़कर सीबीएसई से जोड़ा गया है। इसके अलावा कई स्कूलों के नए भवन बनकर तैयार हुए हैं। खास बात यह है कि 20 हजार नए विद्यार्थी निजी को छोड़कर सरकारी स्कूलों से जुड़े हैं।
- दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी
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जिले के प्रत्येक खंड में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर 5 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को मॉडल संस्कृति बनाकर सीबीएसई से जोड़ दिया गया है, इसके अलावा 87 प्राइमरी स्कूलों को भी मॉडल संस्कृति बनाया गया है, यहां पर अंग्रेजी माध्यम शुरू किया गया है। इसके बाद दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि 20 हजार विद्यार्थी निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में आए है। 2019-20 में जिले के सरकारी स्कूलों में करीब 1 लाख 1 हजार विद्यार्थी पंजीकृत थे लेकिन अब 1 लाख 20 हजार के दाखिले हो चुके हैं।
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प्राइमरी और हाई स्कूलों के नए भवन मिले
2021 में समग्र शिक्षा विभाग की तरफ से जिले के प्राइमरी और हाई स्कूलों को नए भवन मिले हैं। खासकर शहर फतेहाबाद और स्वामी नगर का प्राइमरी स्कूल है। लंबी लड़ाई के बाद इस साल भट्ठा कॉलोनी में चल रहा राजकीय प्राइमरी स्कूल ठाकर बस्ती को पुरानी कोर्ट परिसर में नए स्कूल की बिल्डिंग मिल गई है और विद्यार्थी भी शिफ्ट हो गए हैं। इसके अलावा स्वामी नगर की भी नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। इसके अलावा जाखल में राजकीय कन्या स्कूल, हसंगा में राजकीय स्कूल और बड़ोपल में नई लैब और कमरे बनकर तैयार हुए हैं।
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जिले में स्कूलों की स्थिति
स्कूल संख्या
सीनियर सेकेंडरी 74
हाई स्कूल 70
मिडल 86
प्राइमरी 386
आरोही 5
कस्तूरबा विद्यालय 5
जिले में राजकीय महाविद्यालयों की स्थिति।
राजकीय महिला महाविद्यालय भोडिया खेड़ा।
राजकीय महाविद्यालय भूना।
राजकीय महिला महाविद्यालय रतिया।
खालसा त्रिशताब्दी राजकीय महाविद्यालय रतिया।
राजकीय महाविद्यालय भट्टूकलां।
आईजी राजकीय महाविद्यालय टोहाना।
- 2021 में भी जिला मुख्यालय को नहीं मिला राजकीय महाविद्यालय
जिला मुख्यालय में राजकीय महाविद्यालय नहीं है, लंबे समय से इसकी मांग उठ रही है। लेकिन ये मांग अभी तक अधूरी है। वर्ष 2021 में भी ये सपना बनकर रह गया है। जिले में फिलहाल 6 सरकारी महाविद्यालय है। जिला मुख्यालय में छात्रों के लिए राजकीय महाविद्यालय न होने के कारण निजी में दाखिला लेना पड़ रहा है या फिर जिले से बाहर जा रहे है।
सुपर 100 की तर्ज पर शुरू हुई एनडीए परीक्षा
सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए सुपर 100 की तर्ज पर इस पर एनडीए की परीक्षा शुरू की गई है। कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की प्रथम स्क्रीनिंग परीक्षा भी आयोजित हो चुकी है। इसमें चयनित विद्यार्थियों को एनडीए की कोचिंग दी जाएगी। हालांकि प्रथम स्क्रीनिंग परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद योजना सिरे नहीं चढ़ी है।
आरोही स्कूलों में शिक्षकों की कमी बरकरार
जिले में पांच आरोही स्कूल है, शिक्षा विभाग ने इन्हें अपग्रेड करके कक्षा छठी से बारहवीं तक कर दिया है, लेकिन स्टाफ नहीं दिया है। हालात ये है कि कक्षा छठी से आठवीं तक इन स्कूलों में स्टाफ ही नहीं है, किसी भी विषय का स्टाफ पूरा नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि इसको लेकर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
कोट
2021 में प्रत्येक खंड में एक राजकीय स्कूल को मॉडल संस्कृति से जोड़कर सीबीएसई से जोड़ा गया है। इसके अलावा कई स्कूलों के नए भवन बनकर तैयार हुए हैं। खास बात यह है कि 20 हजार नए विद्यार्थी निजी को छोड़कर सरकारी स्कूलों से जुड़े हैं।
- दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी