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राम रहीम को सजा : शुक्र है डेरा प्रेमियों ने संयम दिखाया, वर्ना कागजी ही थी पुलिस की तैयारी
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राम रहीम को सजा : शुक्र है डेरा प्रेमियों ने संयम दिखाया, वर्ना कागजी ही थी पुलिस की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। गनीमत है कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को छत्रपति हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने के बाद डेरा अनुयायियों ने संयम दिखाया। क्योंकि अगर डेरा अनुयायी संयम ना दिखाते तो शहर में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ना तो पुलिस मुस्तैद थी और ना पूरी तरह तैयार। हालांकि फतेहाबाद पुलिस कप्तान दीपक सहारण ने राम रहीम पर फैसले के मद्देनजर पांच सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती का दावा किया था। लेकिन ‘अमर उजाला’ की पड़ताल में ना केवल ये दावे खोखले निकले, बल्कि इतने गंभीर मामले में पुलिस की लापरवाही हैरान करने वाली थी।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर शुक्रवार को आने वाले फैसले को जिला प्रशासन व पुलिस ने जिले में धारा 144 लगाने के साथ-साथ हाई अलर्ट भी जारी किया हुआ था। सुरक्षा में तीन डीएसपी सहित कुल 500 पुलिसकर्मी लगाने का दावा किया था लेकिन शुक्रवार को जिले में कहीं भी अलर्ट नहीं देखने को मिला। हाई अलर्ट तो दूर की बात जहां संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बल तैनात करने के दावे जिला पुलिस ने किए थे वह भी नजर नहीं आए। शुक्रवार को शहर के बस स्टैंड, अस्पताल, डाकघर में जहां कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया वहीं विद्युत निगम में केवल एक ही पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई गई थी। इतना ही नहीं हिसार व सिरसा रोड पर लगाए गए नाकों पर आने जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग भी नहीं की गई। जबकि जिला प्रशासन का दावा था कि 9 ड्यूटी मजिस्ट्रेट सहित 500 पुलिसकर्मी सुरक्षा में लगाए गए हैं लेकिन कहीं भी अलर्ट देखने को नहीं मिला। ऐसे में अगर डेरा प्रेमी या कोई भी असामाजिक तत्व जरा सी भी शरारत कर देता तो कुछ भी हो सकता था।
समय : 3 बजकर 40 मिनट
स्थान : बस स्टैंड
हालात : जिला प्रशासन ने वीरवार को दावा किया था कि बस स्टैंड, नागरिक अस्पताल, डाकघर व बिजलीघर पर अधिक सुरक्षा बल लगाया जाएगा। लेकिन अमर उजाला की पड़ताल में दोपहर दो बजकर 23 मिनट पर बस स्टैंड पर कोई भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। इतना ही नहीं बस स्टैंड के बिल्कुल साथ बनी बस स्टैंड चौकी में भी केवल एक ही पुलिसकर्मी तैनात मिला। ऐसे में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लाजमी हैं।
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समय : शाम 4 बजकर 14 मिनट
स्थान : सिरसा रोड पुलिस नाका
हालात : सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा से फतेहाबाद की सीमा में प्रवेश के लिए यही सबसे पहला पुलिस नाका है। इस पुलिस नाके पर पुलिस तो तैनात मिली। लेकिन महज दिखावे के लिए। एक भी पुलिसकर्मी गाड़ियों को रोककर उनकी तलाशी तक लेते नहीं दिखा। इस दौरान सैकड़ों गाड़ियां आवागमन हो रहा था। लेकिन एक भी गाड़ी की जांच नहीं होने पर अपने आप में मुस्तैदी में लचर व्यवस्था की कहानी बयां करता है।
समय : दोपहर 2 बजकर 30 मिनट
स्थान : विद्युत निगम कार्यालय
हालात : जिला प्रशासन ने दावा किया था कि सभी जरूरी सेवाओं वाले विभागों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए हैं लेकिन दोपहर करीब ढाई बजे जब ‘अमर उजाला’ की टीम शहर के भट्टू रोड स्थित विद्युत निगम में पहुंची तो वहां सिर्फ एक ही पुलिसकर्मी तैनात था। विदित हो कि जब राम रहीम पर दुष्कर्म के मामले में फैसला आया था तो उस समय गुस्साए प्रेमियों ने प्रदेश में कई बिजलीघरों को आग लगा दी थी। ऐसे में विद्युत निगम में एक पुलिसकर्मी की तैनात सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है।
लापरवाही की हद, सुबह संगत घर पर तैनात था सिपाही, शाम को हुआ गायब
‘अमर उजाला’ की टीम ने शुक्रवार सुबह साढ़े 11 बजे जब फतेहाबाद के हिसार रोड स्थित डेरा सच्चा सौदा के संगत घर का जायजा लिया तो उस समय संगत घर के आगे एक पुलिसकर्मी तैनात था। लेकिन शाम को जब साढ़े चार बजे दोबारा पड़ताल की गई तो उस समय संगत घर के आगे से उक्त पुलिसकर्मी गायब था। इस दौरान संगत घर के अंदर किसी प्रकार की कोई हलचल नहीं दिखी। पिछली बार इसी संगत घर में डेरा पदाधिकारियों ने लगातार बैठकें की थी।
डेरा कैंटीन को जड़ा ताला, यहां भी सुरक्षा को एक ही कर्मी था तैनात
शहर के सिरसा रोड स्थित डेरा सच्चा सौदा की सच कैंटीन को जिला पुलिस ने सुबह ही ताला लगवा दिया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। लेकिन यहां भी सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन की लापरवाही साफ तौर पर दिखी। इतने संवेदनशील स्थान को पुलिस विभाग ने महज एक पुलिसकर्मी के सहारे ही छोड़ दिया था।
पुलिस प्रशासन इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर था। पुलिसकर्मियों को दो दिन से संवेदनशील जगहों पर तैनात कर दिया गया था। अगर कोई पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात नहीं था तो उसकी जांच करवाई जाएगी। लोगों ने इस मामले में बहुत संजीदगी का परिचय दिया है ऐसी ही संजीदगी की उम्मीद 17 जनवरी को भी रहेगी।
- धर्मवीर पूनियां, उप-पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद ।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। गनीमत है कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को छत्रपति हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने के बाद डेरा अनुयायियों ने संयम दिखाया। क्योंकि अगर डेरा अनुयायी संयम ना दिखाते तो शहर में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ना तो पुलिस मुस्तैद थी और ना पूरी तरह तैयार। हालांकि फतेहाबाद पुलिस कप्तान दीपक सहारण ने राम रहीम पर फैसले के मद्देनजर पांच सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती का दावा किया था। लेकिन ‘अमर उजाला’ की पड़ताल में ना केवल ये दावे खोखले निकले, बल्कि इतने गंभीर मामले में पुलिस की लापरवाही हैरान करने वाली थी।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर शुक्रवार को आने वाले फैसले को जिला प्रशासन व पुलिस ने जिले में धारा 144 लगाने के साथ-साथ हाई अलर्ट भी जारी किया हुआ था। सुरक्षा में तीन डीएसपी सहित कुल 500 पुलिसकर्मी लगाने का दावा किया था लेकिन शुक्रवार को जिले में कहीं भी अलर्ट नहीं देखने को मिला। हाई अलर्ट तो दूर की बात जहां संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बल तैनात करने के दावे जिला पुलिस ने किए थे वह भी नजर नहीं आए। शुक्रवार को शहर के बस स्टैंड, अस्पताल, डाकघर में जहां कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया वहीं विद्युत निगम में केवल एक ही पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई गई थी। इतना ही नहीं हिसार व सिरसा रोड पर लगाए गए नाकों पर आने जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग भी नहीं की गई। जबकि जिला प्रशासन का दावा था कि 9 ड्यूटी मजिस्ट्रेट सहित 500 पुलिसकर्मी सुरक्षा में लगाए गए हैं लेकिन कहीं भी अलर्ट देखने को नहीं मिला। ऐसे में अगर डेरा प्रेमी या कोई भी असामाजिक तत्व जरा सी भी शरारत कर देता तो कुछ भी हो सकता था।
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समय : 3 बजकर 40 मिनट
स्थान : बस स्टैंड
हालात : जिला प्रशासन ने वीरवार को दावा किया था कि बस स्टैंड, नागरिक अस्पताल, डाकघर व बिजलीघर पर अधिक सुरक्षा बल लगाया जाएगा। लेकिन अमर उजाला की पड़ताल में दोपहर दो बजकर 23 मिनट पर बस स्टैंड पर कोई भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। इतना ही नहीं बस स्टैंड के बिल्कुल साथ बनी बस स्टैंड चौकी में भी केवल एक ही पुलिसकर्मी तैनात मिला। ऐसे में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लाजमी हैं।
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समय : शाम 4 बजकर 14 मिनट
स्थान : सिरसा रोड पुलिस नाका
हालात : सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा से फतेहाबाद की सीमा में प्रवेश के लिए यही सबसे पहला पुलिस नाका है। इस पुलिस नाके पर पुलिस तो तैनात मिली। लेकिन महज दिखावे के लिए। एक भी पुलिसकर्मी गाड़ियों को रोककर उनकी तलाशी तक लेते नहीं दिखा। इस दौरान सैकड़ों गाड़ियां आवागमन हो रहा था। लेकिन एक भी गाड़ी की जांच नहीं होने पर अपने आप में मुस्तैदी में लचर व्यवस्था की कहानी बयां करता है।
समय : दोपहर 2 बजकर 30 मिनट
स्थान : विद्युत निगम कार्यालय
हालात : जिला प्रशासन ने दावा किया था कि सभी जरूरी सेवाओं वाले विभागों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए हैं लेकिन दोपहर करीब ढाई बजे जब ‘अमर उजाला’ की टीम शहर के भट्टू रोड स्थित विद्युत निगम में पहुंची तो वहां सिर्फ एक ही पुलिसकर्मी तैनात था। विदित हो कि जब राम रहीम पर दुष्कर्म के मामले में फैसला आया था तो उस समय गुस्साए प्रेमियों ने प्रदेश में कई बिजलीघरों को आग लगा दी थी। ऐसे में विद्युत निगम में एक पुलिसकर्मी की तैनात सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है।
लापरवाही की हद, सुबह संगत घर पर तैनात था सिपाही, शाम को हुआ गायब
‘अमर उजाला’ की टीम ने शुक्रवार सुबह साढ़े 11 बजे जब फतेहाबाद के हिसार रोड स्थित डेरा सच्चा सौदा के संगत घर का जायजा लिया तो उस समय संगत घर के आगे एक पुलिसकर्मी तैनात था। लेकिन शाम को जब साढ़े चार बजे दोबारा पड़ताल की गई तो उस समय संगत घर के आगे से उक्त पुलिसकर्मी गायब था। इस दौरान संगत घर के अंदर किसी प्रकार की कोई हलचल नहीं दिखी। पिछली बार इसी संगत घर में डेरा पदाधिकारियों ने लगातार बैठकें की थी।
डेरा कैंटीन को जड़ा ताला, यहां भी सुरक्षा को एक ही कर्मी था तैनात
शहर के सिरसा रोड स्थित डेरा सच्चा सौदा की सच कैंटीन को जिला पुलिस ने सुबह ही ताला लगवा दिया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। लेकिन यहां भी सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन की लापरवाही साफ तौर पर दिखी। इतने संवेदनशील स्थान को पुलिस विभाग ने महज एक पुलिसकर्मी के सहारे ही छोड़ दिया था।
पुलिस प्रशासन इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर था। पुलिसकर्मियों को दो दिन से संवेदनशील जगहों पर तैनात कर दिया गया था। अगर कोई पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात नहीं था तो उसकी जांच करवाई जाएगी। लोगों ने इस मामले में बहुत संजीदगी का परिचय दिया है ऐसी ही संजीदगी की उम्मीद 17 जनवरी को भी रहेगी।
- धर्मवीर पूनियां, उप-पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद ।