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365 कर्मचारियों को हटाने के विरोध में 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे रोडवेज कर्मचारी
Updated Thu, 13 Dec 2018 11:23 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। हड़ताल में शामिल होने पर आऊटसोर्सिंग पॉलिसी-2 के तहत भर्ती किए गए 365 कर्मचारियों को हटाने के विरोध में वीरवार को तालमेल कमेटी के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारी 24 घंटे की हड़ताल पर रहे। बस स्टैंड परिसर में हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता सरबत पूनियां व मनोज कुंडू ने कहा कि सरकार ने हड़ताल में शामिल होने के लिए उक्त कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार युवाओं को नौकरी देने की बात करती है वहीं दूसरी तरफ नौकरी पर लगे कर्मचारियों को नौकरी से हटाकर उनके मुंह से निवाला छीन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार निजी बस संचालकों के साथ मिलकर रोडवेज का निजीकरण करना चाहती है जबकि कर्मचारी लगातार इसका विरोध कर रहे हैें। सरबत पूनियां ने कहा कि कर्मचारी लगातार 700 बसों के रोडवेज बेडे में शामिल करने, कर्मचारियों को नौकरी से हटाने व गांवों में बसों के रात्रि ठहराव को बंद करने का विरोध कर रहें। उन्होंने बताया कि आगामी 23 दिसंबर को करनाल में बड़ा सम्मेलन किया जा रहा है जिसमें कर्मचारी तालमेल कमेटी बड़े फैसले लेगी।
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फतेहाबाद। हड़ताल में शामिल होने पर आऊटसोर्सिंग पॉलिसी-2 के तहत भर्ती किए गए 365 कर्मचारियों को हटाने के विरोध में वीरवार को तालमेल कमेटी के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारी 24 घंटे की हड़ताल पर रहे। बस स्टैंड परिसर में हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता सरबत पूनियां व मनोज कुंडू ने कहा कि सरकार ने हड़ताल में शामिल होने के लिए उक्त कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार युवाओं को नौकरी देने की बात करती है वहीं दूसरी तरफ नौकरी पर लगे कर्मचारियों को नौकरी से हटाकर उनके मुंह से निवाला छीन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार निजी बस संचालकों के साथ मिलकर रोडवेज का निजीकरण करना चाहती है जबकि कर्मचारी लगातार इसका विरोध कर रहे हैें। सरबत पूनियां ने कहा कि कर्मचारी लगातार 700 बसों के रोडवेज बेडे में शामिल करने, कर्मचारियों को नौकरी से हटाने व गांवों में बसों के रात्रि ठहराव को बंद करने का विरोध कर रहें। उन्होंने बताया कि आगामी 23 दिसंबर को करनाल में बड़ा सम्मेलन किया जा रहा है जिसमें कर्मचारी तालमेल कमेटी बड़े फैसले लेगी।
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