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हैलीपेड से पहले खाली गुजारा 13 गाडिय़ों का काफिला, छह मिनट बाद फिर महज तीन गाडिय़ों में आए राष्ट्रपति और राज्यपाल
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:26 AM IST
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अमित रूखाया
फतेहाबाद। सुरक्षा एजेंसियों ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भोड़ियाखेड़ा स्टेडियम में हेलीपैड पर उतरते ही सुरक्षा प्रबंधों के मद्देनजर चंद मिनटों के बाद पूरे ताम-झाम से 13 गाड़ियों से घिरे राष्ट्रपति के औपचारिक वाहन को गुजारा। लेकिन उस काफिले में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी थे ही नहीं। सुरक्षा एजेंसियों ने सिक्योरिटी रीजन्स के चलते पहले खाली काफिले को ही हेलीपैड से समारोह स्थल की ओर रवाना कर दिया गया। इसके पांच मिनट के बाद महज दो गाड़ियों की सुरक्षा में एक बुलेटप्रू्फ सफारी गाड़ी में राष्ट्रपति और राज्यपाल को सवार कर समारोह स्थल की ओर रवाना किया गया। ऐसा किसी भी शरारती तत्व और अन्य आपराधिक गतिविधियों को चकमा देने के लिए किया गया था। ‘अमर उजाला’ के पास राष्ट्रपति के दोनों काफिलों की वीडियो है जिसमें राष्ट्रपति का मुख्य काफिला निकलने के बाद महज तीन गाड़ियों के काफिले में जाते हुए दिख रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर डीसी हरदीप सिंह ने टिप्पणी करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि उनकी डबल ड्यूटी थी, जिसके चलते राष्ट्रपति का स्वागत करने के तुरंत बाद वे और एसपी दीपक सहारण समारोह स्थल की ओर रवाना हो गए थे। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में नहीं है कि राष्ट्रपति के काफिले में बदलाव किया गया।
दोनों काफिलों में रहा छह मिनट का अंतराल
राष्ट्रपति का हवाई काफिला आने से पहले हेलीपैड से लेकर अनाजमंडी स्थित समारोह स्थल तक के सभी रास्ते और गलियों के मोड़ तक ब्लॉक कर दिए गए थे। इसके लिए रविवार अलसुबह से ही पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई। इसके बाद सुबह दस बजकर 17 मिनट पर पहला खाली काफिला निकाला गया और उसके महज 6 मिनट बाद राष्ट्रपति का असली काफिला तीन गाड़ियों के साथ सुबह दस बजकर 23 मिनट पर मिनी बाईपास से गुजरा। 13 गाड़ियों का पहला काफिला निकलने के बाद भी ब्लॉक किए गए रास्ते नहीं खोले गए। इसको लेकर खुद सुरक्षाकर्मी भी हैरान थे कि आखिर काफिला निकलने के बाद भी रास्ते खोलने का आदेश क्यों नहीं आ रहा। जब बाद में दूसरे काफिले का सायरन शुरू हुआ, तब जाकर सुरक्षाकर्मियों को पता चला कि एक और काफिला आ रहा है।
हेलीपैड पर भी प्री-पोन शेड्यूल से भी आधा घंटा पहले पहुंचे
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सुरक्षा को लेकर अलर्ट चल रही सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले दो दिन में तीन बार राष्ट्रपति के कार्यक्रम में बदलाव किया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति का कार्यक्रम सुबह साढ़े 11 बजे भोड़ियाखेड़ा हेलीपैड पर पहुंचने का था। लेकिन कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति कार्यालय से सूचना आ गई कि राष्ट्रपति अब कार्यक्रम में एक घंटा पहले अर्थात हेलीपैड पर 10 बजकर 35 मिनट पर पहुंचेंगे। लेकिन रविवार को कार्यक्रम वाले दिन फिर एक बार राष्ट्रपति के कार्यक्रम में बदलाव देखने को मिला। राष्ट्रपति का हवाई काफिला एक घंटा प्री-पोन होने के बावजूद इससे भी आधा घंटा पहले सुबह दस बजकर 9 मिनट पर ही हेलीपैड पर लैंड हो गया।
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फतेहाबाद। सुरक्षा एजेंसियों ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भोड़ियाखेड़ा स्टेडियम में हेलीपैड पर उतरते ही सुरक्षा प्रबंधों के मद्देनजर चंद मिनटों के बाद पूरे ताम-झाम से 13 गाड़ियों से घिरे राष्ट्रपति के औपचारिक वाहन को गुजारा। लेकिन उस काफिले में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी थे ही नहीं। सुरक्षा एजेंसियों ने सिक्योरिटी रीजन्स के चलते पहले खाली काफिले को ही हेलीपैड से समारोह स्थल की ओर रवाना कर दिया गया। इसके पांच मिनट के बाद महज दो गाड़ियों की सुरक्षा में एक बुलेटप्रू्फ सफारी गाड़ी में राष्ट्रपति और राज्यपाल को सवार कर समारोह स्थल की ओर रवाना किया गया। ऐसा किसी भी शरारती तत्व और अन्य आपराधिक गतिविधियों को चकमा देने के लिए किया गया था। ‘अमर उजाला’ के पास राष्ट्रपति के दोनों काफिलों की वीडियो है जिसमें राष्ट्रपति का मुख्य काफिला निकलने के बाद महज तीन गाड़ियों के काफिले में जाते हुए दिख रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर डीसी हरदीप सिंह ने टिप्पणी करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि उनकी डबल ड्यूटी थी, जिसके चलते राष्ट्रपति का स्वागत करने के तुरंत बाद वे और एसपी दीपक सहारण समारोह स्थल की ओर रवाना हो गए थे। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में नहीं है कि राष्ट्रपति के काफिले में बदलाव किया गया।
दोनों काफिलों में रहा छह मिनट का अंतराल
राष्ट्रपति का हवाई काफिला आने से पहले हेलीपैड से लेकर अनाजमंडी स्थित समारोह स्थल तक के सभी रास्ते और गलियों के मोड़ तक ब्लॉक कर दिए गए थे। इसके लिए रविवार अलसुबह से ही पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई। इसके बाद सुबह दस बजकर 17 मिनट पर पहला खाली काफिला निकाला गया और उसके महज 6 मिनट बाद राष्ट्रपति का असली काफिला तीन गाड़ियों के साथ सुबह दस बजकर 23 मिनट पर मिनी बाईपास से गुजरा। 13 गाड़ियों का पहला काफिला निकलने के बाद भी ब्लॉक किए गए रास्ते नहीं खोले गए। इसको लेकर खुद सुरक्षाकर्मी भी हैरान थे कि आखिर काफिला निकलने के बाद भी रास्ते खोलने का आदेश क्यों नहीं आ रहा। जब बाद में दूसरे काफिले का सायरन शुरू हुआ, तब जाकर सुरक्षाकर्मियों को पता चला कि एक और काफिला आ रहा है।
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हेलीपैड पर भी प्री-पोन शेड्यूल से भी आधा घंटा पहले पहुंचे
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सुरक्षा को लेकर अलर्ट चल रही सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले दो दिन में तीन बार राष्ट्रपति के कार्यक्रम में बदलाव किया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति का कार्यक्रम सुबह साढ़े 11 बजे भोड़ियाखेड़ा हेलीपैड पर पहुंचने का था। लेकिन कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति कार्यालय से सूचना आ गई कि राष्ट्रपति अब कार्यक्रम में एक घंटा पहले अर्थात हेलीपैड पर 10 बजकर 35 मिनट पर पहुंचेंगे। लेकिन रविवार को कार्यक्रम वाले दिन फिर एक बार राष्ट्रपति के कार्यक्रम में बदलाव देखने को मिला। राष्ट्रपति का हवाई काफिला एक घंटा प्री-पोन होने के बावजूद इससे भी आधा घंटा पहले सुबह दस बजकर 9 मिनट पर ही हेलीपैड पर लैंड हो गया।
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