फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   5 thousand white poplar plants of the forest department submerged, on the verge of destruction.

Fatehabad News: वन विभाग के 5 हजार सफेदे के पौधे जलमग्न, नष्ट होने के कगार पर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Sep 2025 11:03 PM IST
विज्ञापन
5 thousand white poplar plants of the forest department submerged, on the verge of destruction.
खेतों में लगाए सफेदे के पौधों के बीच भरा बारिश का पानी। 
फतेहाबाद। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों पर संकट गहरा गया है। खासतौर पर गांव रामसरा, दैयड़ और खाराखेड़ी में लगभग 5 हजार सफेदे के पौधे पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। यदि जलभराव जल्द नहीं हटा तो पौधे पूरी तरह नष्ट हो सकते हैं।
विज्ञापन


वन विभाग ने वर्ष 2025 में अब तक जिले में 10 लाख पौधों का रोपण कार्य पूरा किया है। इनमें से करीब 3 लाख पौधे नहरों और सड़कों के किनारे लगाए गए हैं। लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के चलते कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे पौधों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
विज्ञापन


वन विभाग की जमीन भी प्रभावित

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के कारण सड़कों पर कटाव और जलभराव से न सिर्फ लगाए गए पौधों, बल्कि वन विभाग की अपनी भूमि पर भी नुकसान की संभावना है। हालांकि, टीमें मौके पर भेजी गई हैं, लेकिन लगातार बारिश के चलते वास्तविक नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव की उचित निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण खेतों और खाली जमीनों में पानी भर गया है। जिससे न केवल वन विभाग के पौधे, बल्कि कृषि भूमि भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पर्यावरणविदों की चेतावनी

पर्यावरण विशेषज्ञों ने कहा है कि सिर्फ पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, देखभाल और जलनिकासी जैसी व्यवस्थाएं भी समान रूप से जरूरी हैं। यदि यह सिलसिला यूं ही चलता रहा, तो पौधारोपण अभियान का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।


---

जिले में अधिक बारिश होने और कई दिनों तक जलभराव रहने की स्थिति में पौधों के नष्ट होने की संभावना है। अभी तक नुकसान का स्पष्ट आकलन नहीं हो पाया है, लेकिन अगर जलभराव जल्द नहीं हटा, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। - राजेश लीलड़, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed