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Fatehabad News: विशेष लोक अदालत में 48 परिवारों को बिखरने से बचाया
Sat, 14 Oct 2023 10:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 14 Oct 2023 10:21 PM IST
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फतेहाबाद में आयोजित लोक अदालत में सुलह के बाद मिठाई खाती मूकबधिर दंपति।
फतेहाबाद। हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण, पंचकूला के दिशा निर्देशानुसार शनिवार को जिला न्यायालय, फतेहाबाद में विशेष लोक अदालत (पारिवारिक वाद मामले) का आयोजन किया। इस विशेष लोक अदालत में 148 केस रखे गए और 48 केसों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी समप्रीत कौर ने बताया कि विशेष अदालत में कुछ केस ऐसे भी थे, जिसमें पति-पत्नी में काफी अनबन चल रही थी। जिनकी काउंसिलिंग करवाई गई। अदालत में एक दंपति ऐसा था, जो मूक बधिर था और उनके मनमुटाव हो गया था। यह दंपति पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत में गई थी और अदालत ने दोनों का मनमुटाव दूर करवाने के आदेश दिए थे। शुक्रवार को दोनों की काउंसिलिंग गई और दोनों एक साथ रहने को राजी हो गए। इसके बाद उन्होंने प्रधान न्यायाधीश नताशा शर्मा व सीजेएम समप्रीत कौर को मिठाई खिलाकर धन्यवाद करते हुए खुशहाली ने नया जीवन शुरू करने का संकल्प लिया। इसके अलावा एक ही परिवार में विवाहित दो बहनों व उनके पतियों में भी चार साल से विवाद चल रहा था, जिसे भी निपटाया गया। इसके अलावा अदालत परिसर में तैनात एसपीओ व उसकी पत्नी का विवाद भी आपसी रजामंदी से सुलझाया गया।
सीजेएम समप्रीत कौर ने कहा कि लोक अदालत की यही पुकार, न किसी की जीत-न किसी की हार के नारे को चरितार्थ करते हुए लोक अदालतों में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामलों का निपटारा किया जाता है। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया कि वे कोर्ट में अपने लंबित मामलों का निपटारा लोक अदालतों के माध्यम से करवाएं, ताकि उनके समय व धन की बचत हो सके।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी समप्रीत कौर ने बताया कि विशेष अदालत में कुछ केस ऐसे भी थे, जिसमें पति-पत्नी में काफी अनबन चल रही थी। जिनकी काउंसिलिंग करवाई गई। अदालत में एक दंपति ऐसा था, जो मूक बधिर था और उनके मनमुटाव हो गया था। यह दंपति पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत में गई थी और अदालत ने दोनों का मनमुटाव दूर करवाने के आदेश दिए थे। शुक्रवार को दोनों की काउंसिलिंग गई और दोनों एक साथ रहने को राजी हो गए। इसके बाद उन्होंने प्रधान न्यायाधीश नताशा शर्मा व सीजेएम समप्रीत कौर को मिठाई खिलाकर धन्यवाद करते हुए खुशहाली ने नया जीवन शुरू करने का संकल्प लिया। इसके अलावा एक ही परिवार में विवाहित दो बहनों व उनके पतियों में भी चार साल से विवाद चल रहा था, जिसे भी निपटाया गया। इसके अलावा अदालत परिसर में तैनात एसपीओ व उसकी पत्नी का विवाद भी आपसी रजामंदी से सुलझाया गया।
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सीजेएम समप्रीत कौर ने कहा कि लोक अदालत की यही पुकार, न किसी की जीत-न किसी की हार के नारे को चरितार्थ करते हुए लोक अदालतों में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामलों का निपटारा किया जाता है। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया कि वे कोर्ट में अपने लंबित मामलों का निपटारा लोक अदालतों के माध्यम से करवाएं, ताकि उनके समय व धन की बचत हो सके।
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