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हरसैक ने भेजी 452 पराली जलाने की लोकेशन, कृषि विभाग ने जांच में 197 को झूठा पाया
Thu, 29 Oct 2020 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहाबाद (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहाबाद (हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2020 11:48 PM IST
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खेतों में जली पराली से उठता धुआं।
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार व कृषि विभाग द्वारा किसानों को अनुदान पर पराली प्रबंधन के यंत्र देने बावजूद भी पराली जलाने के मामले कम होने की बजाय लगातोर बढ़ रहे हैं। गुरुवार को जिला में 35 किसानों द्वारा पराली जलाने के मामले सामने आए हैं।
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यह मामले हरसैक द्वारा सेटेलाइट से प्राप्त लोकेशन के आधार पर कृषि विभाग को भेजे गए हैं। कृषि विभाग ने गुरुवार को 15 किसानों मुकदमा दर्ज करवाया है। उधर गुरुवार को फतेहाबाद औसत एक्यूआई 490 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह से लेकर दोपहर तक टोहाना, रतिया व फतेहाबाद में स्मॉग छाने से धुएं जैसा माहौल बना रहा।
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गुरुवार को हरसैक से 35 किसानों की सूचना प्राप्त होने पर कृषि विभाग ने नोडल अधिकारी, पटवारी व ग्राम सचिव पर आधारित टीम को लोकेशन सर्च करने के लिए भेजा है। किसानों द्वारा धान की पराली जलाने के मामले फसल के अवशेषों को आग लगाने के कारण जिले में जहरीला धुआं लगातार तेजी से फैल रहा है। जिसके चलते जिले में प्रदूषण का स्तर खतरनाक होता जा रहा है। सोमवार को एक ही दिन में प्रदूषण का स्तर 402 से बढ़कर 490 तक पहुंच गया। जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
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कृषि एवं कल्याण विभाग को सोमवार को हरसैक से आगजनी की 35 नई लोकेशन मिली है जिसके साथ ही आगजनी की लोकेशन बढ़कर 452 हो गई। जबकि 35 लोगों ने अपने स्तर पर गांव में आग लगने की सूचना दे रखी है।
विभाग की जांच में 197 आगजनी के मामले झूठे पाए गए। जबकि 144 किसानों पर विभाग ने पॉल्यूशन एक्ट के तहत केस दर्ज करवा दिया है। टोहाना व फतेहाबाद के खेतों में धुआं शहरों की ओर आया हो तो ऐसा लगा कि कहीं आगजनी की घटना हुई है लेकिन वास्तव में यह धुआं पराली जलने से उत्पन्न हुआ था। रतिया व टोहाना में स्मॉग का प्रकोप रहा। लोगों को आंखों की जलन व सांस लेने में भी परेशानी आई।
जिला प्रशासन व विभाग पराली जलाने के मामले पर नजर रखे हुए है। बीते वर्ष 471 किसानों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। अब इस वर्ष अब तक 144 किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है। सरपंचों व ग्राम सचिवों के खिलाफ भी नोटिस जारी किया गया है। -डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए फतेहाबाद।