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Fatehabad News: 3.40 लाख पशुओं का होगा टीकाकरण, 54 डाॅक्टर्स की टीम बनाई
Thu, 23 Oct 2025 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 23 Oct 2025 10:51 PM IST
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फतेहाबाद। पशुओं को मुंहखुर एवं गलघोटू से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। यह टीका साल में दो बार लगाया जाता है। इस अभियान के तहत जिले में 3.40 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा।
जिला में 54 पशु चिकित्सकों की देखरेख में टीम गठित की गई है जोकि पशुपालकों के घर द्वार पर जाकर सभी पशुओं को टीके लगाएगी। इसी कड़ी में पशु अस्पताल शेखूपुर दडौली के अंतर्गत गोशाला में टीकाकरण अभियान की शुरुआत पशु चिकित्सक डॉ. रामनिवास बिश्नोई की अगुवाई में की गई।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि मुंहखुर एवं गलघोटू रोग एक खतरनाक बीमारी है। मुंहखुर बीमारी में मुंह और खुर में छाले पड़ जाते हैं जिसकी वजह से पशु को चारा खाने व चलने में दिक्कत होती है जबकि गलघोटू रोग में तेज बुखार, गला सूजना, सांस न ले पाना आदि दिक्कतें होती है जिसकी वजह से पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसमें पशुपालक को इलाज के रूप में काफी आर्थिक हानि होती है।
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इसके तहत प्रत्येक पशुपालक के पशुओं को पशुपालन विभाग की टीम उनके घर जाकर मुफ्त में टीकाकरण का कार्य करेगी। टीकाकरण के साथ-साथ सभी पशुओं की टैगिंग करके भारत पशुधन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। संवाद
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जिला में 54 पशु चिकित्सकों की देखरेख में टीम गठित की गई है जोकि पशुपालकों के घर द्वार पर जाकर सभी पशुओं को टीके लगाएगी। इसी कड़ी में पशु अस्पताल शेखूपुर दडौली के अंतर्गत गोशाला में टीकाकरण अभियान की शुरुआत पशु चिकित्सक डॉ. रामनिवास बिश्नोई की अगुवाई में की गई।
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पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि मुंहखुर एवं गलघोटू रोग एक खतरनाक बीमारी है। मुंहखुर बीमारी में मुंह और खुर में छाले पड़ जाते हैं जिसकी वजह से पशु को चारा खाने व चलने में दिक्कत होती है जबकि गलघोटू रोग में तेज बुखार, गला सूजना, सांस न ले पाना आदि दिक्कतें होती है जिसकी वजह से पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसमें पशुपालक को इलाज के रूप में काफी आर्थिक हानि होती है।
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इसके तहत प्रत्येक पशुपालक के पशुओं को पशुपालन विभाग की टीम उनके घर जाकर मुफ्त में टीकाकरण का कार्य करेगी। टीकाकरण के साथ-साथ सभी पशुओं की टैगिंग करके भारत पशुधन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। संवाद