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अब कॉलेज के विद्यार्थी भी अध्यापकों को देंगे पढ़ाने के नंबर
Updated Sun, 19 Nov 2017 10:58 PM IST
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अब कॉलेज के विद्यार्थी भी अध्यापकों को देंगे पढ़ाने के नंबर
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
आमतौर पर कॉलेजों में प्रोफेसर साल भर पढ़ाई के बाद विद्यार्थियों को मार्किंग तय करते हैं। अब प्रोफेसरों की पूरे साल पढ़ाने के बाद मार्किंग तय होगी। यह मार्किंग कोई और नहीं बल्कि उनके विद्यार्थी ही तय करेंगे। प्रदेश के उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक पत्र की मानें तो अगले सत्र से विद्यार्थी अध्यापकों को पूरे साल में उनके द्वारा पढ़ाई गई थ्योरी के आधार पर उन्हें नंबर देंगे। एक विशेष मोबाइल एप के जरिये कक्षा के अंदर मौजूद सभी विद्यार्थी अध्यापकों को नंबर देंगे। इसकी एक रिपोर्ट उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भी पहुंचेगी।
उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार सरकारी और निजी कॉलेजों में पढ़ाने वाले प्रोफेसर्स को अगले सत्र से पूरे सेमेस्टर की कार्ययोजना पहले ही कॉलेज पोर्टल के माध्यम से अपलोड करनी होगी। इस पोर्टल से प्रतिदिन पढ़ाए जाने वाले लेक्चर की डिटेल और समय भी नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा। इसके बाद उच्चतर शिक्षा विभाग इस पोर्टल से डिटेल को मोबाइल एप पर अपलोड कर देगा। इससे कॉलेज विद्यार्थियों को मोबाइल एप के माध्यम से पहले ही पता होगा कि आज कॉलेज में उन्हें क्या पढ़ाया जाना है। ऐसे में वो उस पाठ की घर से भी तैयारी करके जाएंगे और टीचर से संबंधित विषय पर अपने सवाल भी पूछ सकेंगे।
अगले सत्र के लिए 25 दिसंबर से पहले जमा करवानी है कार्ययोजना
अगले सत्र के प्रथम सैमेस्टर को लेकर अध्यापकों की प्लानिंग उन्हें 25 दिसंबर से पहले अपने-अपने कालेज के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसमें अध्यापकों को बकायदा प्रतिदिन के लिहाज से पढ़ाये जाने वाले लेक्चर्स की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा अगले सत्र यानी जनवरी के पहले हफ्ते में जारी होने वाले मोबाइल एप से ये कार्ययोजना कनेक्ट की जाएगी और सत्र के आखिर में इसी मोबाइल एप से विद्यार्थी अपने प्रोफेसर्स को नंबर भी देंगे।
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पिछले दिनों उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी कालेजों के प्राचार्यों की बैठक ली थी। इस नये कॉन्सेप्ट के बारे में बताया गया था। इस बारे में औपचारिक पत्र भी आ गया और अगले सत्र से नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
केके कथूरिया , कार्यकारी प्राचार्य, इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय, टोहाना ।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
आमतौर पर कॉलेजों में प्रोफेसर साल भर पढ़ाई के बाद विद्यार्थियों को मार्किंग तय करते हैं। अब प्रोफेसरों की पूरे साल पढ़ाने के बाद मार्किंग तय होगी। यह मार्किंग कोई और नहीं बल्कि उनके विद्यार्थी ही तय करेंगे। प्रदेश के उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक पत्र की मानें तो अगले सत्र से विद्यार्थी अध्यापकों को पूरे साल में उनके द्वारा पढ़ाई गई थ्योरी के आधार पर उन्हें नंबर देंगे। एक विशेष मोबाइल एप के जरिये कक्षा के अंदर मौजूद सभी विद्यार्थी अध्यापकों को नंबर देंगे। इसकी एक रिपोर्ट उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भी पहुंचेगी।
उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार सरकारी और निजी कॉलेजों में पढ़ाने वाले प्रोफेसर्स को अगले सत्र से पूरे सेमेस्टर की कार्ययोजना पहले ही कॉलेज पोर्टल के माध्यम से अपलोड करनी होगी। इस पोर्टल से प्रतिदिन पढ़ाए जाने वाले लेक्चर की डिटेल और समय भी नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा। इसके बाद उच्चतर शिक्षा विभाग इस पोर्टल से डिटेल को मोबाइल एप पर अपलोड कर देगा। इससे कॉलेज विद्यार्थियों को मोबाइल एप के माध्यम से पहले ही पता होगा कि आज कॉलेज में उन्हें क्या पढ़ाया जाना है। ऐसे में वो उस पाठ की घर से भी तैयारी करके जाएंगे और टीचर से संबंधित विषय पर अपने सवाल भी पूछ सकेंगे।
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अगले सत्र के लिए 25 दिसंबर से पहले जमा करवानी है कार्ययोजना
अगले सत्र के प्रथम सैमेस्टर को लेकर अध्यापकों की प्लानिंग उन्हें 25 दिसंबर से पहले अपने-अपने कालेज के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसमें अध्यापकों को बकायदा प्रतिदिन के लिहाज से पढ़ाये जाने वाले लेक्चर्स की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा अगले सत्र यानी जनवरी के पहले हफ्ते में जारी होने वाले मोबाइल एप से ये कार्ययोजना कनेक्ट की जाएगी और सत्र के आखिर में इसी मोबाइल एप से विद्यार्थी अपने प्रोफेसर्स को नंबर भी देंगे।
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पिछले दिनों उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी कालेजों के प्राचार्यों की बैठक ली थी। इस नये कॉन्सेप्ट के बारे में बताया गया था। इस बारे में औपचारिक पत्र भी आ गया और अगले सत्र से नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
केके कथूरिया , कार्यकारी प्राचार्य, इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय, टोहाना ।