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Fatehabad News: भौतिक सत्यापन में राइस मिलों में कम मिला 300 क्विंटल परमल धान
Mon, 08 Dec 2025 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 08 Dec 2025 11:34 PM IST
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जिले में एक मिल की जांच करती टीम। फाइल फोटाे
फतेहाबाद। जिले की राइस मिलों में धान खरीद के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मुख्यालय के निर्देश पर पिछले 20 दिनों तक चली जांच में लगभग 300 क्विंटल धान की कमी और अन्य विसंगतियां पाई गई हैं।
मुख्यालय ने 5 टीमों के माध्यम से जिले की 261 राइस मिलों का भौतिक और रिकॉर्ड आधारित सत्यापन कराया। जांच में 25 मिलों में धान के स्टॉक में अंतर और मिलों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई। जांच टीमों ने स्टॉक, मिलों की स्थिति और दस्तावेजों का मिलान किया।
जिले में कुल 272 मिलों को धान खरीद के लिए अलॉट किया गया था, लेकिन 11 मिलों ने विभिन्न कारणों से खरीद प्रक्रिया में भाग नहीं लिया। शेष 261 मिलों का सत्यापन पूरा होने के बाद रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में स्टॉक की कमी और अन्य विसंगतियों का पूरा विवरण शामिल है। सूत्रों ने बताया कि यह गड़बड़ी मुख्य रूप से स्टॉक के भौतिक सत्यापन और रिकॉर्ड में पाए गए अंतर के कारण उजागर हुई है।
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मुख्यालय के आदेशों के बाद की जाएगी कार्रवाई
5 टीमाें को जांच में जो भी गड़बड़ी मिली है, उसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी गई है। गड़बड़ी साबित होने पर संबंधित राइस मिलों के खिलाफ न केवल आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है, बल्कि उनके लाइसेंस रद्द करने या उन्हें ब्लैकलिस्ट करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
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पिछले साल 74,31,940 क्विंटल, इस बार 1,10,26,170 क्विंटल धान की हुई खरीद
इस बार पिछले साल के मुकाबले डेढ़ गुना से अधिक परमल धान की आवक मंडियों में हुई। भूना व रतिया की अनाज मंडी में तो पिछले साल के मुकाबले दोगुना धान आया। पिछले साल पूरे सीजन में अनाज मंडियों में 74,31,940 क्विंटल धान आया था, जो इस बार 1,10,26,170 क्विंटल धान हो गया। इस बार जिले में धान के सीजन के दौरान करीब 272 राइस मिल अलॉट हुई है, जिसमें से 11 मिलों ने धान की खरीद नहीं की। जांच में 1,10,25,870 क्विंटल धान पाया गया है।
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अब एफसीआई के अधिकारी करेंगे जांच
जिले की 261 राइस मिलाें की जांच पूरी होने के बाद अब 2 प्रतिशत राइस मिलों की जांच एफसीआई के अधिकारी करेंगे। उसके बाद ही धान से चावल निकालने का काम शुरू होगा। इस सप्ताह या अगले सप्ताह में एफसीआई के अधिकारी इन मिलों की जांच करेंगे।
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जिले में राइस मिलाें का भौतिक सत्यापन का काम पूरा हो गया है, जिसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। रिपोर्ट में जो भी गड़बड़ी है, उसपर मुख्यालय की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
- विनीत जैन, डीएफएससी, फतेहाबाद।
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मुख्यालय ने 5 टीमों के माध्यम से जिले की 261 राइस मिलों का भौतिक और रिकॉर्ड आधारित सत्यापन कराया। जांच में 25 मिलों में धान के स्टॉक में अंतर और मिलों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई। जांच टीमों ने स्टॉक, मिलों की स्थिति और दस्तावेजों का मिलान किया।
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जिले में कुल 272 मिलों को धान खरीद के लिए अलॉट किया गया था, लेकिन 11 मिलों ने विभिन्न कारणों से खरीद प्रक्रिया में भाग नहीं लिया। शेष 261 मिलों का सत्यापन पूरा होने के बाद रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में स्टॉक की कमी और अन्य विसंगतियों का पूरा विवरण शामिल है। सूत्रों ने बताया कि यह गड़बड़ी मुख्य रूप से स्टॉक के भौतिक सत्यापन और रिकॉर्ड में पाए गए अंतर के कारण उजागर हुई है।
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मुख्यालय के आदेशों के बाद की जाएगी कार्रवाई
5 टीमाें को जांच में जो भी गड़बड़ी मिली है, उसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी गई है। गड़बड़ी साबित होने पर संबंधित राइस मिलों के खिलाफ न केवल आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है, बल्कि उनके लाइसेंस रद्द करने या उन्हें ब्लैकलिस्ट करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
पिछले साल 74,31,940 क्विंटल, इस बार 1,10,26,170 क्विंटल धान की हुई खरीद
इस बार पिछले साल के मुकाबले डेढ़ गुना से अधिक परमल धान की आवक मंडियों में हुई। भूना व रतिया की अनाज मंडी में तो पिछले साल के मुकाबले दोगुना धान आया। पिछले साल पूरे सीजन में अनाज मंडियों में 74,31,940 क्विंटल धान आया था, जो इस बार 1,10,26,170 क्विंटल धान हो गया। इस बार जिले में धान के सीजन के दौरान करीब 272 राइस मिल अलॉट हुई है, जिसमें से 11 मिलों ने धान की खरीद नहीं की। जांच में 1,10,25,870 क्विंटल धान पाया गया है।
अब एफसीआई के अधिकारी करेंगे जांच
जिले की 261 राइस मिलाें की जांच पूरी होने के बाद अब 2 प्रतिशत राइस मिलों की जांच एफसीआई के अधिकारी करेंगे। उसके बाद ही धान से चावल निकालने का काम शुरू होगा। इस सप्ताह या अगले सप्ताह में एफसीआई के अधिकारी इन मिलों की जांच करेंगे।
जिले में राइस मिलाें का भौतिक सत्यापन का काम पूरा हो गया है, जिसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। रिपोर्ट में जो भी गड़बड़ी है, उसपर मुख्यालय की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
- विनीत जैन, डीएफएससी, फतेहाबाद।