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Fatehabad News: हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सहित 28 लोगों पर हत्या का आरोप
Sun, 17 Nov 2024 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 17 Nov 2024 11:37 PM IST
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फतेहाबाद/समैन। गांव समैन में एक दिन पहले ट्रैक्टर से कुचल कर मारे गए शमशेर सिंह उर्फ शेरा की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने मृतक के बेटे कृष्ण की शिकायत पर गांव समैन के सरपंच एवं हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रणबीर गिल, खाप नेता सूबे सिंह समैन और इन्हीं के परिवार के सदस्यों सहित 28 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
आरोपियों में सरपंच रणबीर गिल, खाप नेता सूबे सिंह समैन, सूबे सिंह के बेटे युद्धवीर, कुलवीर के अतिरिक्त रामनिवास, रामनिवास के बेटे सोमबीर व मंदीप, रामनिवास के भाई कृष्ण, कृष्ण के बेटे संदीप व प्रदीप, दूसरे भाई नरेश, विनोद, सुरेंद्र, दीपेंद्र, लोकेंद्र, बलराज, कर्म सिंह, कर्म सिंह के बेटे ईश्वर व रोहताश, बलराज के बेटे सुरेश, हरपाल, तेजबीर, करनैल सिंह और उनके बेटे तलवीर व प्रदीप, शमशेर, उसके भाई गुरदेव और बेटे सोहन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 190, 191(3), 351(3) के तहत केस दर्ज किया गया है।
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पुलिस को ये दी शिकायत
पुलिस को दी शिकायत में मृतक के बेटे कृष्ण ने बताया है कि वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ 15 नवंबर को अपनी ससुराल जा रहा था। गांव से निकलते ही उसे सूबे सिंह समैण व सरपंच रणबीर ने रुकवाया। उन्होंने कहा कि तुम पुलिस वालों को तो पैसे देकर बाहर आ सकते हो, हमसे नहीं बच सकते, तुम्हारे पूरे परिवार को खत्म करेंगे। इससे पहले कि वो हाथापाई पर उतरते पत्नी के कहने पर वहां से निकल गए और ससुराल पहुंच गए। अगले दिन 16 नवंबर को अपनी पत्नी और उसका परिवार भिवानी किसी निजी कार्य से जा रहे थे। उसी समय उसके पिता शमशेर सिंह उर्फ शेरा का फोन आया। वह बोले कि खेत से आते समय रास्ते में लोकेंद्र व दीपेंद्र ने धमकी दी कि आज इसको हमारे चाचा रघुबीर को मारने का मजा चखाते हैं और इतना कहते ही सुरेंद्र ने उनकी बाइक को टक्कर मारकर उनके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। लोकेंद्र, नरेश उर्फ बंदा, रामनिवास, मनदीप, सोमबीर, विनोद, कृष्ण, संदीप, प्रदीप, दीपेंद्र व अन्य ने लाठी डंडों से उन्हें चोटें मारी और तेजधार हथियार से हमला किया है। इसके बाद सुरेंद्र ने जान से मारने की नीयत से ट्रैक्टर के पीछे जुड़े क्लटीवेटर में उलझा कर घसीटा। इसके बाद वे उन्हें मृत समझकर छोड़कर भाग गए। उसके पिता ने कहा कि मैं तो अब नहीं बचुंगा, तुम संभलकर रहना। इससे पहले कि वह कुछ और पूछ पाता, फोन कट गया। इसके बाद उसने पड़ोसी प्रदीप को फोन किया और अपने अन्य रिश्तेदारों को सूचना दी। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि पुलिस व एंबुलेंस मौके पर आई हुई है। उसके पिता की इन चोटों से मौत हो चुकी है। उसने बताया कि उसकी बुआ का बेटा सुनील उर्फ सीनू करीब एक महीने से घर रह रहा है, वह भी मौके पहुंचा। डर के मारे मेरी पत्नी व उसके परिवार के सदस्य उसे धनाना छोड़कर सरकारी अस्पताल टोहाना पहुंचे। पत्नी दीपशिखा ने गांव आकर अपने तौर पर तसल्ली कि, जिसमें पाया गया कि ये वही लोग हैं, जो हमारे साथ कई सालों से रंजिश रखे हुए हैं। यह सब मेरे काका (बलराज) ने अपनी आखों से देखा, जो उसके पिता के पीछे-पीछे ही आ रहा था।
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यह रंजिश की वजह
कृष्ण ने बताया कि इस रंजिश की वजह है कि उसके चचेरे भाई परमजीत की प्यारेलाल व मनोज ने 10 मार्च 2020 को गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसमें वह भी गवाह था। इसके बाद उसे और उसके बड़े भाई को भी झूठे केस में गिरफ्तार करवा दिया। गिरफ्तार करवाने से पहले उन्होंने कई बार मुझ पर गवाही से मुकरने का दबाव बनाया एवं कई बार जानलेवा हमला भी किया। वह अपने चचेरे भाई को न्याय दिलवाना चाहता था और यही आगे चलकर इस रंजिश का मुख्य कारण बना है। इस रंजिश का शिकार उसके पिता बने हैं।
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मृतक व उसके दो बेटों पर भी दर्ज है हत्या के आरोप में केस
सितंबर महीने में मृतक शमशेर सिंह उर्फ शेरा और उसके दो बेटे मनोज व कृष्ण के खिलाफ भी हत्या के आरोप में केस दर्ज किया गया था। उन पर हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष एवं गांव समैन के सरपंच रणबीर गिल के चाचा रघुबीर सिंह की हत्या का आरोप लगा था। आरोप था कि 24 सितंबर की रात को रघुबीर सिंह की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप खेत पड़ोसी मनोज, उसके भाई कृष्ण और उनके पिता शमशेर सिंह उर्फ शेरा पर लगा था। पुलिस ने मृतक रघुबीर सिंह के भतीजे लोकेंद्र के बयान पर तीनों बाप-बेटों पर हत्या का केस दर्ज किया था। हत्या की वह वारदात डीजे बजाने को लेकर विवाद के कारण हुई थी।
आज होगा शव का पोस्टमार्टम
हमले में जान गंवाने शमशेर उर्फ शेरा के शव का रविवार को भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है। अब सोमवार को उनके शव का पोस्टमार्टम होगा। वहीं मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
गांव समैन निवासी शमशेर सिंह उर्फ शेरा की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। मृतक के बेटे कृष्ण की शिकायत पर गांव समैन के सरपंच सहित 28 लोगों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 190, 191(3), 351(3) के तहत केस दर्ज हुआ है। अभी जांच की जा रही है और किसी की गिरफ्तारी नहीं है।
-शमशेर सिंह, डीएसपी, टोहाना
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आरोपियों में सरपंच रणबीर गिल, खाप नेता सूबे सिंह समैन, सूबे सिंह के बेटे युद्धवीर, कुलवीर के अतिरिक्त रामनिवास, रामनिवास के बेटे सोमबीर व मंदीप, रामनिवास के भाई कृष्ण, कृष्ण के बेटे संदीप व प्रदीप, दूसरे भाई नरेश, विनोद, सुरेंद्र, दीपेंद्र, लोकेंद्र, बलराज, कर्म सिंह, कर्म सिंह के बेटे ईश्वर व रोहताश, बलराज के बेटे सुरेश, हरपाल, तेजबीर, करनैल सिंह और उनके बेटे तलवीर व प्रदीप, शमशेर, उसके भाई गुरदेव और बेटे सोहन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 190, 191(3), 351(3) के तहत केस दर्ज किया गया है।
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पुलिस को ये दी शिकायत
पुलिस को दी शिकायत में मृतक के बेटे कृष्ण ने बताया है कि वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ 15 नवंबर को अपनी ससुराल जा रहा था। गांव से निकलते ही उसे सूबे सिंह समैण व सरपंच रणबीर ने रुकवाया। उन्होंने कहा कि तुम पुलिस वालों को तो पैसे देकर बाहर आ सकते हो, हमसे नहीं बच सकते, तुम्हारे पूरे परिवार को खत्म करेंगे। इससे पहले कि वो हाथापाई पर उतरते पत्नी के कहने पर वहां से निकल गए और ससुराल पहुंच गए। अगले दिन 16 नवंबर को अपनी पत्नी और उसका परिवार भिवानी किसी निजी कार्य से जा रहे थे। उसी समय उसके पिता शमशेर सिंह उर्फ शेरा का फोन आया। वह बोले कि खेत से आते समय रास्ते में लोकेंद्र व दीपेंद्र ने धमकी दी कि आज इसको हमारे चाचा रघुबीर को मारने का मजा चखाते हैं और इतना कहते ही सुरेंद्र ने उनकी बाइक को टक्कर मारकर उनके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। लोकेंद्र, नरेश उर्फ बंदा, रामनिवास, मनदीप, सोमबीर, विनोद, कृष्ण, संदीप, प्रदीप, दीपेंद्र व अन्य ने लाठी डंडों से उन्हें चोटें मारी और तेजधार हथियार से हमला किया है। इसके बाद सुरेंद्र ने जान से मारने की नीयत से ट्रैक्टर के पीछे जुड़े क्लटीवेटर में उलझा कर घसीटा। इसके बाद वे उन्हें मृत समझकर छोड़कर भाग गए। उसके पिता ने कहा कि मैं तो अब नहीं बचुंगा, तुम संभलकर रहना। इससे पहले कि वह कुछ और पूछ पाता, फोन कट गया। इसके बाद उसने पड़ोसी प्रदीप को फोन किया और अपने अन्य रिश्तेदारों को सूचना दी। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि पुलिस व एंबुलेंस मौके पर आई हुई है। उसके पिता की इन चोटों से मौत हो चुकी है। उसने बताया कि उसकी बुआ का बेटा सुनील उर्फ सीनू करीब एक महीने से घर रह रहा है, वह भी मौके पहुंचा। डर के मारे मेरी पत्नी व उसके परिवार के सदस्य उसे धनाना छोड़कर सरकारी अस्पताल टोहाना पहुंचे। पत्नी दीपशिखा ने गांव आकर अपने तौर पर तसल्ली कि, जिसमें पाया गया कि ये वही लोग हैं, जो हमारे साथ कई सालों से रंजिश रखे हुए हैं। यह सब मेरे काका (बलराज) ने अपनी आखों से देखा, जो उसके पिता के पीछे-पीछे ही आ रहा था।
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यह रंजिश की वजह
कृष्ण ने बताया कि इस रंजिश की वजह है कि उसके चचेरे भाई परमजीत की प्यारेलाल व मनोज ने 10 मार्च 2020 को गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसमें वह भी गवाह था। इसके बाद उसे और उसके बड़े भाई को भी झूठे केस में गिरफ्तार करवा दिया। गिरफ्तार करवाने से पहले उन्होंने कई बार मुझ पर गवाही से मुकरने का दबाव बनाया एवं कई बार जानलेवा हमला भी किया। वह अपने चचेरे भाई को न्याय दिलवाना चाहता था और यही आगे चलकर इस रंजिश का मुख्य कारण बना है। इस रंजिश का शिकार उसके पिता बने हैं।
मृतक व उसके दो बेटों पर भी दर्ज है हत्या के आरोप में केस
सितंबर महीने में मृतक शमशेर सिंह उर्फ शेरा और उसके दो बेटे मनोज व कृष्ण के खिलाफ भी हत्या के आरोप में केस दर्ज किया गया था। उन पर हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष एवं गांव समैन के सरपंच रणबीर गिल के चाचा रघुबीर सिंह की हत्या का आरोप लगा था। आरोप था कि 24 सितंबर की रात को रघुबीर सिंह की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप खेत पड़ोसी मनोज, उसके भाई कृष्ण और उनके पिता शमशेर सिंह उर्फ शेरा पर लगा था। पुलिस ने मृतक रघुबीर सिंह के भतीजे लोकेंद्र के बयान पर तीनों बाप-बेटों पर हत्या का केस दर्ज किया था। हत्या की वह वारदात डीजे बजाने को लेकर विवाद के कारण हुई थी।
आज होगा शव का पोस्टमार्टम
हमले में जान गंवाने शमशेर उर्फ शेरा के शव का रविवार को भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है। अब सोमवार को उनके शव का पोस्टमार्टम होगा। वहीं मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
गांव समैन निवासी शमशेर सिंह उर्फ शेरा की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। मृतक के बेटे कृष्ण की शिकायत पर गांव समैन के सरपंच सहित 28 लोगों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 190, 191(3), 351(3) के तहत केस दर्ज हुआ है। अभी जांच की जा रही है और किसी की गिरफ्तारी नहीं है।
-शमशेर सिंह, डीएसपी, टोहाना