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69 ग्राम सचिवों की देखरेख में 259 गांव, बीडीपीओ के 7 में 4 पद खाली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 10:57 PM IST
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259 villages under the supervision of 69 village secretaries, 4 posts vacant in 7 of BDPO
यह गांव एमपी सोत्तर के जलघर पर कुछ लोगों ने अपनी मर्जी से ईंट भट्ठे का बंजर मलबा लाकर डाल दिया। इसम - फोटो : Fatehabad
पिछले छह महीने से ग्रामीण इलाकों की समस्याओं का निवारण नहीं हो पा रहा। जिले की लगभग दो तिहाई आबादी गांवों में बसी है। इसलिए सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इतनी आबादी की कई समस्याएं भी हैं। मगर फिलहाल समस्याओं को सुना जा रहा है, लेकिन निवारण नहीं हो पा रहा। वजह ये है कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल छह माह पहले खत्म हो चुका है। सरपंचों के बाद गांवों की देखरेख की सारी जिम्मेदारी ग्राम सचिवों पर होती है। मगर जिले में 259 ग्राम पंचायतों पर सिर्फ 69 ग्राम सचिव कार्यरत हैं। इसलिए सचिव भी काम नहीं कर पा रहे।
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लोग अक्सर अपनी समस्याएं लेकर बीडीपीओ यानी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के पास जाते हैं। मगर लंबे समय से बीडीपीओ के भी 7 में से 4 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में ग्रामीणों के सामने संकट यही है कि वे शिकायत लेकर किसके पास जाएं। गांवों में गलियों की सफाई, मरम्मत, जोहड़ की सफाई, पानी की निकासी जैसी शिकायतें होती है, जिनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। पंचायत विभाग की कमजोरी का फायदा कब्जाधारी उठा रहे हैं। जोहड़ों व पंचायती जमीनों पर कब्जे किए जा रहे हैं। कोई रोकने वाला नहीं है।
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बीडीपीओ 3, खंड सात
जिले में सात खंड हैं, लेकिन खंड पंचायत अधिकारी सिर्फ तीन हैं। इनको अन्य खंडों का अतिरिक्त कार्यभार दिया है। भूना व भट्टूकलां खंड अधिकारी विनय प्रताप के अधीन हैं। फतेहाबाद, रतिया व नागपुर खंड बीडीपीओ संदीप भारद्वाज को दिए गए हैं। जाखल व टोहाना खंड का जिम्मा नरेंद्र कुमार के पास है।
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चार गांवों पर एक सचिव
इस समय ग्राम सचिवों की जबरदस्त कमी बनी हुई है। 359 ग्राम पंचायतों पर 69 ग्राम सचिव हैं, इसलिए एक ग्राम सचिव को चार-चार गांव दिए हुए हैं। ग्राम सचिवों के पास इतना काम हो जाता है कि वे गांवों में जा नहीं पाते। ग्राम सचिवों को निजी कारणों से अवकाश पर भी जाना पड़ता है। तब सारा काम ठप हो जाता है। पिछले दिनों ग्राम सचिवों को फसल बुकिंग कार्य पर लगा दिया गया। हालांकि यह काम पटवारियों का था। इससे पंचायतों का काम प्रभावित रहा।

तहसील गांव
फतेहाबाद 96
टोहाना 86
रतिया 67
कुल : 259
जिले में आबादी
कुल आबादी : 10 लाख 12 हजार
ग्रामीण आबादी : 6 लाख 60 हजार
कोट
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद बहुत दिक्कत आ रही है। सरपंचों व पंचों की सारी जिम्मेदारी ग्राम सचिवों के कंधे पर आ गई। ग्राम सचिवों की संख्या भी गांवों के हिसाब से काफी कम है। पंचायती राज के काफी काफी होते हैं। ग्राम पंचायतों के गठन के बाद राहत मिलेगी।
-बलजीत चहल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, फतेहाबाद।
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