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ई-ट्रेडिंग के विरोध में व्यापार मंडल ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। ई-ट्रेडिंग को लागू न किए जाने की मांग को लेकर व्यापार मंडल अनाजमंडी के पदाधिकारियों व मंडी आढ़तियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त डा. हरदीप सिंह को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में व्यापारियों ने बताया कि 13 सितंबर 2017 को मांग पत्र देकर सूचित करवाया गया था कि सरकार के द्वारा लागू की जा रही ई-ट्रेडिंग प्रणाली से सभी आढ़तियों, मुनीमों व किसानों का रोजगार समाप्त हो रहा है। इस पर 20 सितम्बर को मुख्यमंत्री ने मीटिंग में सबके सामने यह कहा था कि यह प्रणाली केवल इच्छुक किसानों के लिए ही लागू की जाएगी, बाकी सब व्यापार पहले की तरह ही रहेगा। सरकार की इस व्यवस्था से किसान भाई भी खुश नहीं हैं, क्योंकि आढ़ती ही किसान का एटीएम है, अगर किसान को रात के समय भी पैसों की आवश्यकता होती है तो वह आढ़ती के पास ही जाता है। उन्होंने कहा की किसानों ने भी कभी सीधे भुगतान व ई-टे्रडिंग की मांग नहीं की। इसके बावजूद भी सरकार इसको लागू कर किसानों व व्यापारियों की आवाज का दमन कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो पूरे हरियाणा में इसकी विरोध होगा और मंडियां बंद रखी जाएंगी।
इस मौके पर व्यापारियों ने उपायुक्त से मांग की है कि सिरसा रोड़ पर बनी नई अनाजमंडी अथवा पुरानी अनाजमंडी में व्यापार मंडल के कार्यालय के लिए सरकार द्वारा जमीन अलॉट की जाए। इस मौके पर रमेश नागपाल, संतलाल मैहता, संजय कुमार, ओमप्रकाश नंबरदार, रविंद्र दलबीर कम्बोज, मक्खन जिंदल, सुरेश बुढलाडिया, गुलशन अरोड़ा, विजय कक्कड़ सहित अनेक व्यापारी मौजूद थे।
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फतेहाबाद। ई-ट्रेडिंग को लागू न किए जाने की मांग को लेकर व्यापार मंडल अनाजमंडी के पदाधिकारियों व मंडी आढ़तियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त डा. हरदीप सिंह को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में व्यापारियों ने बताया कि 13 सितंबर 2017 को मांग पत्र देकर सूचित करवाया गया था कि सरकार के द्वारा लागू की जा रही ई-ट्रेडिंग प्रणाली से सभी आढ़तियों, मुनीमों व किसानों का रोजगार समाप्त हो रहा है। इस पर 20 सितम्बर को मुख्यमंत्री ने मीटिंग में सबके सामने यह कहा था कि यह प्रणाली केवल इच्छुक किसानों के लिए ही लागू की जाएगी, बाकी सब व्यापार पहले की तरह ही रहेगा। सरकार की इस व्यवस्था से किसान भाई भी खुश नहीं हैं, क्योंकि आढ़ती ही किसान का एटीएम है, अगर किसान को रात के समय भी पैसों की आवश्यकता होती है तो वह आढ़ती के पास ही जाता है। उन्होंने कहा की किसानों ने भी कभी सीधे भुगतान व ई-टे्रडिंग की मांग नहीं की। इसके बावजूद भी सरकार इसको लागू कर किसानों व व्यापारियों की आवाज का दमन कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो पूरे हरियाणा में इसकी विरोध होगा और मंडियां बंद रखी जाएंगी।
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इस मौके पर व्यापारियों ने उपायुक्त से मांग की है कि सिरसा रोड़ पर बनी नई अनाजमंडी अथवा पुरानी अनाजमंडी में व्यापार मंडल के कार्यालय के लिए सरकार द्वारा जमीन अलॉट की जाए। इस मौके पर रमेश नागपाल, संतलाल मैहता, संजय कुमार, ओमप्रकाश नंबरदार, रविंद्र दलबीर कम्बोज, मक्खन जिंदल, सुरेश बुढलाडिया, गुलशन अरोड़ा, विजय कक्कड़ सहित अनेक व्यापारी मौजूद थे।
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