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बारिश के चलते चिल्ली के किनारे कई जगह से टूटे, आसपास के खेत जलमग्र
Updated Sat, 08 Jul 2017 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
बीती देर रात तक आई तेज बरसात के कारण चिल्ली के किनारे कई जगह से टूट गए और जिसके कारण चिल्ली के आसपास स्थित कई एकड़ खेतों में बरसाती पानी भर गया। खेतों में बरसाती पानी भरने से किसानों की धान की रोपाई तो प्रभावित हुई ही है, साथ ही उनके लिए चिल्ली का पानी खेत से बाहर निकलना भी मुसीबत बनता दिख रहा है। वीरवार सुबह संबंधित खेत के किसान ने आकर देखा तो उसने तुरंत कस्सी की मदद से चिल्ली के कटाव पर मिट्टी आदि डालकर उसे बंद किया। इसके बाद चिल्ली का पानी खेतों में जाना बंद हुआ। कहीं दोबारा चिल्ली का पानी खेतों में ना चला जाए, इससे बचने के लिए किसान ने अपनी चारपाई ही खेत और चिल्ली के नाके पर डाल ली है।
शहरी क्षेत्र के खेतों में हुआ नुकसान
वीरवार देर रात तक बारिश होती रही। इस कारण चिल्ली में पानी का स्तर बढ़ा, जिससे खेतों की ओर के कच्चे किनारे टूट गए। इसके बाद दूसरी जगह से भी किनारा टूटा और दोनों जगहों से पानी खेतों में जा घुसा। यह पानी आगे की तरफ खेतों की ओर चला गया। अगर कहीं सीवरेज पानी की तरह बैक मारता तो ये शहर और खासतौर पर जवाहर चौक के मुख्य बाजार तक आ सकता था।
मानसून के कारण अधर में लटकी चिल्ली की खुदाई
नगर परिषद ने चिल्ली के सौंदर्यीकरण के प्रयासों की दिशा में चिल्ली की खुदाई का काम शुरू कराया था। इससे चिल्ली में सालों से जमी गाद बाहर निकलती जो इसे दलदली बना रही थी। दूसरा, इसकी खुदाई होने से इसकी गहराई और बढ़ती, जिससे शहर का बारिश का पानी का निकास और तेजी से होता। इतना ही नहीं, गहरी होने के बाद ही चिल्ली के झील बनने की अवधारणा पूरी हो सकेगी। लेकिन नप प्रशासन ने मानसून से कुछ दिन पहले ही ट्रैक्टर की मदद से खुदाई शुरू कराई। इस बीच बारिश शुरू होने से काम ठप हो गया।
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मानसून के चलते खुदाई का काम धीमा हो गया है। जल्दी ही खुदाई काम तेजी से होगा। इससे जलनिकासी में भी तेजी आएगी।’
सुरेश कुमार, एमई, नप, फतेहाबाद
बारिश से चिल्ली के किनारे टूटे, आसपास के खेत जलमग्न
साथ लगते कई किसानों की जमीनों में आधा फुट तक जमा हुआ बारिश का पानी
चिल्ली की खुदाई का काम फिलहाल बंद, खुदाई हो गई होती तो नहीं आती परेशानी
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फतेहाबाद।
बीती देर रात तक आई तेज बरसात के कारण चिल्ली के किनारे कई जगह से टूट गए और जिसके कारण चिल्ली के आसपास स्थित कई एकड़ खेतों में बरसाती पानी भर गया। खेतों में बरसाती पानी भरने से किसानों की धान की रोपाई तो प्रभावित हुई ही है, साथ ही उनके लिए चिल्ली का पानी खेत से बाहर निकलना भी मुसीबत बनता दिख रहा है। वीरवार सुबह संबंधित खेत के किसान ने आकर देखा तो उसने तुरंत कस्सी की मदद से चिल्ली के कटाव पर मिट्टी आदि डालकर उसे बंद किया। इसके बाद चिल्ली का पानी खेतों में जाना बंद हुआ। कहीं दोबारा चिल्ली का पानी खेतों में ना चला जाए, इससे बचने के लिए किसान ने अपनी चारपाई ही खेत और चिल्ली के नाके पर डाल ली है।
शहरी क्षेत्र के खेतों में हुआ नुकसान
वीरवार देर रात तक बारिश होती रही। इस कारण चिल्ली में पानी का स्तर बढ़ा, जिससे खेतों की ओर के कच्चे किनारे टूट गए। इसके बाद दूसरी जगह से भी किनारा टूटा और दोनों जगहों से पानी खेतों में जा घुसा। यह पानी आगे की तरफ खेतों की ओर चला गया। अगर कहीं सीवरेज पानी की तरह बैक मारता तो ये शहर और खासतौर पर जवाहर चौक के मुख्य बाजार तक आ सकता था।
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मानसून के कारण अधर में लटकी चिल्ली की खुदाई
नगर परिषद ने चिल्ली के सौंदर्यीकरण के प्रयासों की दिशा में चिल्ली की खुदाई का काम शुरू कराया था। इससे चिल्ली में सालों से जमी गाद बाहर निकलती जो इसे दलदली बना रही थी। दूसरा, इसकी खुदाई होने से इसकी गहराई और बढ़ती, जिससे शहर का बारिश का पानी का निकास और तेजी से होता। इतना ही नहीं, गहरी होने के बाद ही चिल्ली के झील बनने की अवधारणा पूरी हो सकेगी। लेकिन नप प्रशासन ने मानसून से कुछ दिन पहले ही ट्रैक्टर की मदद से खुदाई शुरू कराई। इस बीच बारिश शुरू होने से काम ठप हो गया।
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मानसून के चलते खुदाई का काम धीमा हो गया है। जल्दी ही खुदाई काम तेजी से होगा। इससे जलनिकासी में भी तेजी आएगी।’
सुरेश कुमार, एमई, नप, फतेहाबाद
बारिश से चिल्ली के किनारे टूटे, आसपास के खेत जलमग्न
साथ लगते कई किसानों की जमीनों में आधा फुट तक जमा हुआ बारिश का पानी
चिल्ली की खुदाई का काम फिलहाल बंद, खुदाई हो गई होती तो नहीं आती परेशानी