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वित विकास निगम ने 172 परिवारों को उपलब्ध करवाए 1 करोड़ 16 लाख का लोन : डीसी
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172 परिवारों को उपलब्ध करवाए 1.16 करोड़ का लोन : डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य के अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को स्वयं रोजगार चलाने के लिए लघु व्यवसाय व अन्य योजनाओं के तहत ऋण प्रदान करता है जिसमें विशेष सब्सिडी व मार्जनमनी भी प्रदान की जाती है। उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि निगम चालू वित्त वर्ष में दिसंबर माह तक 172 व्यक्तियों को 1 करोड़ 16 लाख 30 हजार रुपये की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत बैंकों से ऋण उपलब्ध करवा कर रोजगार दिया गया है, जिसमें 10 लाख 17 हजार रुपये की सब्सिडी, 4 लाख एक हजार रुपये की मार्जनमनी और 83 लाख 62 हजार रुपये बैंक ऋण शामिल है।
डॉ. आभीर ने बताया कि निगम ने व्यवसायिक एवं वाणिज्य क्षेत्र में 54 लोगों को 39 लाख 30 हजार रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है, जिसमें 30 लाख 75 हजार रुपये बैंक लोन, 4 लाख 61 हजार रुपये सब्सिडी और 3 लाख 94 हजार रुपये मार्जनमनी शामिल है। उन्होंने बताया कि निगम ने 106 परिवारों को डेयरी फार्मिंग व कृषि क्षेत्र में विभिन्न कार्यों के लिए 55 लाख 40 हजार रुपये की धन राशि उपलब्ध करवाई गई है, जिसमें 50 लाख 24 हजार रुपये बैंक ऋण तथा 5 लाख 16 हजार रुपये सब्सिडी शामिल है।
लाभार्थी के पास ये होनी चाहिए योग्यता
उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा अनुसूचित जाति एवं वित्त विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के वित्तीय सहयोग से राज्य के अनुसूचित व्यक्तियों को स्वयं रोजगार के लिए लघु व्यवसाय के लिए समय-समय पर आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि ऋण प्रदान करने संबंधी आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए और अनुसूचित जाति से संबंध रखता हो उसकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा पारिवारिक वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 40 हजार रुपये तथा शहरी क्षेत्र में 55 हजार रुपये से अधिक नही होनी चाहिए। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे आवेदकों को ऋण में 10 हजार रुपये तक की अनुदान राशि दी जाती है। उन्होंने बताया कि आवेदक निगम व बैक का बकायादार न हो तथा पहले ऋण का दुरुपयोग न किया हो व एनएसएफडीसी स्कीमों के तहत ऋण प्राप्त न किया हो। आवेदक अपनाए जाने वाली स्कीम या व्यवसाय के लिए आवश्यक, शैक्षणिक योग्यता व अनुभव रखता हो। ऋण हेतु आवेदक के पास ऋण आवेदन की तिथि को कम से कम दो वर्ष पुराना ऑटो रिक्शा चलाने का लाइसेंस होना चाहिए।
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कहां करे आवेदन :
इस विभाग की विभिन्न स्कीमों के लिए इच्छुक आवेदनकर्ता संबंधित जिला कार्यालयों से संपर्क कर सकते है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए निगम के संबंधित जिला कार्यालय व मुख्यालय चंडीगढ़ से भी संपर्क कर सकते है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य के अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को स्वयं रोजगार चलाने के लिए लघु व्यवसाय व अन्य योजनाओं के तहत ऋण प्रदान करता है जिसमें विशेष सब्सिडी व मार्जनमनी भी प्रदान की जाती है। उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि निगम चालू वित्त वर्ष में दिसंबर माह तक 172 व्यक्तियों को 1 करोड़ 16 लाख 30 हजार रुपये की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत बैंकों से ऋण उपलब्ध करवा कर रोजगार दिया गया है, जिसमें 10 लाख 17 हजार रुपये की सब्सिडी, 4 लाख एक हजार रुपये की मार्जनमनी और 83 लाख 62 हजार रुपये बैंक ऋण शामिल है।
डॉ. आभीर ने बताया कि निगम ने व्यवसायिक एवं वाणिज्य क्षेत्र में 54 लोगों को 39 लाख 30 हजार रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है, जिसमें 30 लाख 75 हजार रुपये बैंक लोन, 4 लाख 61 हजार रुपये सब्सिडी और 3 लाख 94 हजार रुपये मार्जनमनी शामिल है। उन्होंने बताया कि निगम ने 106 परिवारों को डेयरी फार्मिंग व कृषि क्षेत्र में विभिन्न कार्यों के लिए 55 लाख 40 हजार रुपये की धन राशि उपलब्ध करवाई गई है, जिसमें 50 लाख 24 हजार रुपये बैंक ऋण तथा 5 लाख 16 हजार रुपये सब्सिडी शामिल है।
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लाभार्थी के पास ये होनी चाहिए योग्यता
उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा अनुसूचित जाति एवं वित्त विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के वित्तीय सहयोग से राज्य के अनुसूचित व्यक्तियों को स्वयं रोजगार के लिए लघु व्यवसाय के लिए समय-समय पर आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि ऋण प्रदान करने संबंधी आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए और अनुसूचित जाति से संबंध रखता हो उसकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा पारिवारिक वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 40 हजार रुपये तथा शहरी क्षेत्र में 55 हजार रुपये से अधिक नही होनी चाहिए। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे आवेदकों को ऋण में 10 हजार रुपये तक की अनुदान राशि दी जाती है। उन्होंने बताया कि आवेदक निगम व बैक का बकायादार न हो तथा पहले ऋण का दुरुपयोग न किया हो व एनएसएफडीसी स्कीमों के तहत ऋण प्राप्त न किया हो। आवेदक अपनाए जाने वाली स्कीम या व्यवसाय के लिए आवश्यक, शैक्षणिक योग्यता व अनुभव रखता हो। ऋण हेतु आवेदक के पास ऋण आवेदन की तिथि को कम से कम दो वर्ष पुराना ऑटो रिक्शा चलाने का लाइसेंस होना चाहिए।
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कहां करे आवेदन :
इस विभाग की विभिन्न स्कीमों के लिए इच्छुक आवेदनकर्ता संबंधित जिला कार्यालयों से संपर्क कर सकते है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए निगम के संबंधित जिला कार्यालय व मुख्यालय चंडीगढ़ से भी संपर्क कर सकते है।