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अनोखी पहल: बेटी की शादी में नहीं लिया शगुन, रखा गौशाला का दानपात्र, लोगों ने किया दान

Sat, 31 Mar 2018 12:29 AM IST
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:29 AM IST
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अनोखी पहल: बेटी की शादी में नहीं लिया शगुन, रखा गौशाला का दानपात्र, लोगों ने किया दान
सुरेंद्र असीजा
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फतेहाबाद।
शादी समारोह में अक्सर देखा जाता है कि वर व वधू के लिए उनके रिश्तेदार शगुन देते हैं, लेकिन फतेहाबाद के गांव बड़ोपल में भाटिया परिवार ने अपनी बेटी की शादी में शगुन लेने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने बेटी की शादी में शगुन देने वालों के लिए गोशाला की दान पेटी लगा दी, जिसमें ग्रामीणों व रिश्तेदारों ने अपना दान किया। भाटिया परिवार द्वारा किया गया यह अनूठा कार्य, पूरे क्षेत्र में सराहा जा रहा है। लोगों का कहना है कि गोमाता के लिए किया गया यह प्रयास अनुकरणीय है और अन्य लोगों को भी इसमें ऐसी भागीदारी देनी चाहिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव बड़ोपल निवासी राजेंद्र भाटिया जोकि स्वयं श्रीकृष्ण गोशाला बड़ोपल के उपप्रधान हैं ने अपनी बेटी दीक्षा का विवाह बुढ़लाडा के हरीश चुघ के पुत्र गौरव से तय किया हुआ है। दीक्षा और गौरव शनिवार को फतेहाबाद के एक मैरिज पैलेस में परिणय सूत्र में बंधेंगे। इस शादी के उपलक्ष्य में राजेंद्र भाटिया ने शुक्रवार को गांव में ग्रामीणों व अपने सगे संबंधियों के लिए भोजन का प्रबंध किया था। शादी समारोह में अनेक रिश्तेदार व ग्रामीणों ने भागीदारी दी।
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हैरान रह गए शगुन देने वाले
ग्रामीण व रिश्तेदार जब राजेन्द्र भाटिया की बेटी के विवाह में भोजन के लिए पहुंचे तो वह शगुन देते समय हैरान रह गए। शगुन लेने के लिए वहां पर कोई व्यक्ति नहीं बैठा था, बल्कि गोशाला का दानपात्र लगा हुआ था। राजेंद्र भाटिया ने इसी दानपात्र को शगुन मान लिया था। भोजन करने के लिए आए लोगों ने भी जमकर दानपात्र में गोमाता के लिए शगुन डाला।
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50 हजार रुपये हुए एकत्रित
शगुन की जगह गौशाला के लिए लगाए दान पात्र में देर शाम तक 50 हजार रुपये एकत्रित हो गए थे। हालांकि अभी भी राजेन्द्र भाटिया के घर लोगों आना जाना लगा हुआ था। जिससे गौशाला कचे लिए अच्छी खासी धनराशि एकत्रित होने की उम्मीद थी।
गोमाता की सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं: भाटिया
इस बारे में गोशाला के उपप्रधान एवं बेटी के पिता राजेन्द्र भाटिया ने बताया कि शगुन लेन देन तो अलग ही होता है, लेकिन गौमाता की सेवा से बड़ा कोई शगुन नहीं। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बात करके ही यह दानपात्र रखा था, ताकि गोमाता की सेवा अच्छे प्रकार से हो पाए। उन्होंने कहा कि अन्य लोग भी यह कदम उठाएं तो गोमाता कभी भी भूखी नहीं रहेगी। श्रीकृष्ण गोशाला बड़ोपल के प्रधान जगदीश कुमार ने बताया कि राजेंद्र भाटिया ने विवाह समारोह में शगुन न लेकर गोशाला के लिए दानपात्र लगाकर एक अनूठी पहल की है।

प्रेरणास्त्रोत बना भाटिया परिवार: सरपंच प्रतिनिधि
गांव के सरपंच प्रतिनिधि जोगेंद्र पूनिया ने इस बारे में कहा कि भाटिया परिवार ने गौमाता की सेवा के लिए जो कदम उठाया है, उससे यह परिवार अन्य लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गया है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, वह कम है।
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