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अलमारी में बंद होकर रह गईं 20 हजार किताबें, एक कमरे में सिमटी लाइब्रेरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 11:18 PM IST
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20 thousand books were left locked in the cupboard, library confined in one room
जिला पुस्तकालय में पढ़ते युवा। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। अफसरों और नेताओं की उदासीनता का शिकार जिला लाइब्रेरी से अब लोगों का भी मोहभंग हो रहा है। वजह यह है कि जिला लाइब्रेरी के पास खुद की जगह नहीं है, बीडीपीओ कार्यालय में उधार की जगह पर एक कमरे में चल रही है। वहीं अपनी खुद की जगह ने होने के कारण 20 हजार किताबें अलमारी व स्टोर में बंद होकर रह गई हैं। जिले लाइब्रेरी बनाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2017 में घोषणा की थी, लेकिन पांच साल बाद स्थिति ज्यों की त्यों है।
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बता दें कि जिला लाइब्रेरी के लिए पांच साल बाद भी जमीन ट्रांसफर नहीं हो पाई है। इसके लिए 2 कनाल 13 मरले जमीन अलॉट हो चुकी है, लेकिन मौजूदा स्थिति ये है कि ये जमीन जिला लाइब्रेरी के नाम नहीं हुई है। इसको लेकर अफसर और स्थानीय नेता भी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। हालात ये हो गए हैं कि किताबें पढ़ने के शौकीन जिला लाइब्रेरी से मुंह मोड़ने लगे हैं। हालात यह हैं कि जिला लाइब्रेरी में रोजाना सिर्फ 20 से 25 लोग ही आ रहे हैं। इसमें अधिकतर युवा हैं जो कि तैयारी करने के लिए आ रहे हैं। जिला लाइब्रेरी के एक हॉल और कमरे में चल रहा है। अधिकतर जगह में अलमारी ही है जिसमें किताबें रखी हुई हैं। बेहतर माहौल न मिल पाने के कारण जिला लाइब्रेरी में लोगों के आने की संख्या कम है।
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पुरानी कोर्ट परिसर की जगह पर बननी है लाइब्रेरी
जिला लाइब्रेरी पहले पुरानी कोर्ट परिसर में ही चल रही थी। लेकिन यह जगह पार्क, ब्राह्मण सभा, स्कूल को अलॉट होने के बाद पुरानी कोर्ट के भवन को तोड़ दिया गया। इसके चलते जिला लाइब्रेरी को बीडीपीओ कार्यालय में शिफ्ट कर दिया गया। जिला लाइब्रेरी के लिए सीएम घोषणा के तहत सरकार ने वर्ष 2017 में 2 कनाल 13 मरले जगह देने की घोषणा की। पांच साल हो चुके लेकिन आज तक जमीन ट्रांसफर नहीं हुई है। पिछले दिनों लाइब्रेरी के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये मंजूर भी हो गया लेकिन इसको लेकर नक्शा मांगा गया, इसके चलते ये प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया।
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कोट
जिला पुस्तकालय के लिए जगह अभी तक ट्रांसफर नहीं हुई है, इस वजह से प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ रहा है। बीडीपीओ कार्यालय में जिला पुस्तकालय चलाया जा रहा है, हमने अपने स्तर पर प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित किताबें यहां पर उपलब्ध करवाई है, काफी युवा यहां पर तैयारी करने के लिए आ रहे हैं।
-डॉ. राजेश मेहता, इंचार्ज, ई जिला पुस्तकालय
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