{"_id":"5b6de56b4f1c1ba13e8b62c3","slug":"181533928811-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दमनात्मक कार्यवाही के विरोध में सड़कों पर उतरे रोडवेज कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दमनात्मक कार्यवाही के विरोध में सड़कों पर उतरे रोडवेज कर्मचारी
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। रोडवेज कर्मचारियों द्वारा 7 अगस्त की हड़ताल के दौरान चालक और अन्य कर्मचारियों को दिए गए सेवा भंग के नोटिस वापस करवाने और अन्य उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने आज नेशनल हाइवे पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार की दमनात्मक कार्यवाही के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने महाप्रबंधक के माध्यम से महानिदेशक को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन का नेतृत्व डिपो प्रधान सूरजभान चोपड़ा व मनोज ने संयुक्त रूप से किया।
कर्मचारियों को संबोधित करते हुए संयुक्त संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेता सरबत सिंह पूनियां एवं दीपक बल्हारा ने कहा कि राष्ट्रव्यापी सफल हड़ताल के दबाव में केन्द्र सरकार मोटर व्हीकल संशोधित बिल को राज्यसभा में पास नहीं करवा पाई। उन्होंने कहा कि यह कर्मचारियों के आंदोलन और सफल हड़ताल की जीत है। उन्होंने प्रदेशभर में 1628 हड़ताली चालकों को हड़ताल के दौरान दिए गए सेवा भंग नोटिस तुरंत वापस लेने व अन्य कर्मचारी नेताओं पर उत्पीड़न की कार्यवाही वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ दमनात्मक कार्यवाही की गई तो उसी समय प्रदेश में हड़ताल करके पूर्ण चक्का जाम कर दिया जाएगा। कर्मचारियों को संघर्ष समिति नेता शिवकुमार श्योराण, सुरेंद्र मलिक, रामदिया, सतबीर सिंह, बलजीत सिंह, जगदीश, राजेश सेलवाल, नंदलाल नैन, वेदप्रकाश सहित अनेक रोडवेज नेताओं ने संबोधित किया। डिपो प्रधान सूरजभान चोपड़ा ने कहा कि सरकार 700 प्राइवेट बसें ठेके पर लेने का निर्णय रद्द करे और विभाग में 14 हजार सरकारी बसें शामिल करें ताकि 84 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिलने के साथ-साथ जनता को बेहतर परिवहन सेवा मिल सके। उन्होंने कर्मशाला सहित विभाग में खाली पदों पर पक्की भर्ती करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, जोखिम भत्ता देने, खाली पदों पर पदोन्नति करने, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को भी तुरंत पूरा करने की मांग की।
विज्ञापन
फतेहाबाद। रोडवेज कर्मचारियों द्वारा 7 अगस्त की हड़ताल के दौरान चालक और अन्य कर्मचारियों को दिए गए सेवा भंग के नोटिस वापस करवाने और अन्य उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने आज नेशनल हाइवे पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार की दमनात्मक कार्यवाही के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने महाप्रबंधक के माध्यम से महानिदेशक को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन का नेतृत्व डिपो प्रधान सूरजभान चोपड़ा व मनोज ने संयुक्त रूप से किया।
कर्मचारियों को संबोधित करते हुए संयुक्त संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेता सरबत सिंह पूनियां एवं दीपक बल्हारा ने कहा कि राष्ट्रव्यापी सफल हड़ताल के दबाव में केन्द्र सरकार मोटर व्हीकल संशोधित बिल को राज्यसभा में पास नहीं करवा पाई। उन्होंने कहा कि यह कर्मचारियों के आंदोलन और सफल हड़ताल की जीत है। उन्होंने प्रदेशभर में 1628 हड़ताली चालकों को हड़ताल के दौरान दिए गए सेवा भंग नोटिस तुरंत वापस लेने व अन्य कर्मचारी नेताओं पर उत्पीड़न की कार्यवाही वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ दमनात्मक कार्यवाही की गई तो उसी समय प्रदेश में हड़ताल करके पूर्ण चक्का जाम कर दिया जाएगा। कर्मचारियों को संघर्ष समिति नेता शिवकुमार श्योराण, सुरेंद्र मलिक, रामदिया, सतबीर सिंह, बलजीत सिंह, जगदीश, राजेश सेलवाल, नंदलाल नैन, वेदप्रकाश सहित अनेक रोडवेज नेताओं ने संबोधित किया। डिपो प्रधान सूरजभान चोपड़ा ने कहा कि सरकार 700 प्राइवेट बसें ठेके पर लेने का निर्णय रद्द करे और विभाग में 14 हजार सरकारी बसें शामिल करें ताकि 84 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिलने के साथ-साथ जनता को बेहतर परिवहन सेवा मिल सके। उन्होंने कर्मशाला सहित विभाग में खाली पदों पर पक्की भर्ती करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, जोखिम भत्ता देने, खाली पदों पर पदोन्नति करने, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को भी तुरंत पूरा करने की मांग की।
विज्ञापन