फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   आशा वर्करों को एक बार फिर आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है सरकार : सुरेखा

आशा वर्करों को एक बार फिर आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है सरकार : सुरेखा

Sun, 09 Dec 2018 12:15 AM IST
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:15 AM IST
विज्ञापन
आशा वर्करों को एक बार फिर आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है सरकार : सुरेखा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद। फतेहाबाद के सीटू कार्यालय में शनिवार को आशा वर्कर्स यूनियन का चौथा जिला सम्मेलन आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता शीला शक्करपुरा ने की। सम्मेलन में पिछले 2 सालों की रिपोर्ट पेश की गई, जिस पर चर्चा करते हुए 19 सदस्यीय नई जिला कमेटी का चुनाव किया गया। इसमें शीला शक्करपुरा को जिला प्रधान, सुमन धारनियां को सचिव, सुनीता लहरियां को कोषाध्यक्ष, ब्रह्मी देवी सरवरपुर व अनिता इंदाछुई को उपप्रधान, कांता पिरथला व उषा जांडवाला सोत्र को सहसचिव व रमेश जाण्डली को सलाहकार चुना गया। सुनीता भोजराज, सविता भूना, राजबाला एमपी रोही, सुदेश नहला, रीना टोहाना, सुलोचना अकांवाली, सरीना पीलीमंदौरी, सोमवति शेखुपुर, पासो सहनाल को कमेटी सदस्य चुना गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए यूनियन की राज्य महासचिव सुरेखा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात में आशा वर्करों के 1000 मानदेय की घोषणा को हरियाणा सरकार द्वारा अस्वीकार करने, अप्रैल 2018 से मानदेय और प्रोत्साहन राशियों को न दिए जाने और आशा वर्करों के शोषण के खिलाफ 17-18 दिसंबर को भिवानी राज्य सम्मेलन में चर्चा करके आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी। राज्य महासचिव सुरेखा, सीटू जिला उपप्रधान रमेश जाण्डली, जिला प्रधान जगतार सिंह, शीला शक्करपुरा व सुमन धारनियां ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा आशाओं को 1 हजार रुपये प्रतिमाह फिक्स देने की फाइल को राज्य सरकार द्वारा वापस भेजने से भाजपा का घोर आशा विरोधी, महिला व गरीब विरोधी चरित्र उजागर हुआ है जिसके खिलाफ एक बार फिर आशा वर्करों को विवश होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदेशभर की चुनी हुई आशा प्रतिनिधि 17-18 दिसंबर को भिवानी में राज्य सम्मेलन आयोजित करके भावी रणनीति का ऐलान करेगी। उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश में भाजपा अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए जनता में नफरत पैदा करके फूट डालने की कोशिश कर रही है परंतु मेहनतकश जनता अपनी एकता को मजबूत करके रोजी रोटी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए अपने आंदोलनों को तेज कर रही है। उन्होंने कहा कि 5 सिमम्बर को दिल्ली में लाखों किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों की रैली, उसके बाद 29-30 नवम्बर को दिल्ली में किसानों, मजदूरों की लाखों की संख्या में दिल्ली प्रदर्शन जनता में भाजपा के खिलाफ गुस्से का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि आने वाली 8-9 जनवरी को मुख्य ट्रेड यूनियनों द्वारा 2 दिवसीय राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल भाजपा को सत्ता से बाहर करने का काम करेगी और संघर्ष तेज होगा। आज भाजपा जनता की आवाज को सुनने की बजाय आंदोलनों पर दमनकारी नीति अपनाकर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। सम्मेलन में अनिता बड़ोपल, गीता भूना, मंजू पारता, राजबाला दहमान, निर्मला भूथन, नीलम सनियाना, सुमन किरढाण, राजबाला सहित सैंकड़ों आशा वर्कर शामिल थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed