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ग्राम सचिवालयों में ब्रॉडबैंड सिस्टम चालू ही नहीं,पंचायतों को थमा दिए पांच-पांच हजार रूपए के बिल
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:33 AM IST
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ग्राम सचिवालयों में ब्रॉडबैंड सिस्टम चालू ही नहीं, पंचायतों को थमा दिए पांच-पांच हजार रुपये के बिल
अमर उजाला ब्यूरो
भूना।
भारत संचार निगम द्वारा ग्राम सचिवालयों में लगाए गए इंटरनेट सेवा हेतु ब्रॉडबैंड सिस्टम प्रणाली चालू ही नहीं हुई और पांच-पांच हजार रुपये के बिल ग्राम पंचायतों को थोप दिए गए हैं। जिसको लेकर सरपंचों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने ने कहा कि जो सुविधा गांव में मिली ही नहीं उसके बिल गलत तरीके से वसूले जा रहे हैं। जबकि ऐसी ब्रॉडबैंड सेवा की कोई डिमांड भी नहीं रखी गई थी। सरपंचों ने कहा कि उनके द्वारा अदा किया गया बिल रिफंड किया जाए और ब्रॉडबैंड सेवा चालू की जाए। निगम के एसडीओ ने भी इस गलती को स्वीकार किया है।
क्या है मामला
ग्राम पंचायतों में करीब एक साल पहले ग्राम सचिवालयों में ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करने के लिए भारत संचार निगम ने सिस्टम तो लगा दिया। मगर इंटरनेट सेवाएं शुरू नहीं की है। जिसको लेकर ग्राम पंचायतों में इंटरनेट के बिल भी वसूले जा रहे हैं। ढाणी गोपाल की सरपंच सुदेश पूनियां, ढाणी भोजराज के सरपंच साधुराम महला, ढाणी सांचला के सरपंच साधुराम टाक, बुवान के सरपंच हीरा लाल व भूथन खुर्द के सरपंच सुरजीत सिंह आदि ने बताया कि उनके ग्राम सचिवालयों में निगम द्वारा ब्रॉडबैंड से संबंधित सिस्टम तो लगा दिया। मगर उसकी सेवाएं शुरू नहीं की गई। लेकिन निगम द्वारा बार-बार पांच-पांच हजार रुपये के बिल भी भेजे जा रहे हैं। जो गलत तरीके से पंचायतों से पैसा वसूला जा रहा है। इसको लेकर संबंधित सरपंचों ने निगम के अधिकारियों को भी दर्जनों बार अवगत करवाया जा चुका है। किंतु समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा। जिसको लेकर सरपंचों ने बिल की अदायगी करने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि भूना खंड के एक भी ग्राम सचिवालयों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं चालू नहीं है।
यहां-यहां हैं ग्राम सचिवालय
लोगों की सुविधा के लिए गांव में ही हर प्रकार के फार्म व अन्य दस्तावेज ऑन लाइन करने के लिए भारत सरकार ने ग्राम सचिवालयों में ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू करने के लिए सिस्टम लगाया था। लेकिन सिस्टम तो लग गया लेकिन सेवाएं बहाल नहीं हुई। इनमें ग्राम सचिवालय ढाणी सांचला, ढाणी गोपाल, बुवान, दिगोह, धौलू, भूथनखुर्द, चंद्रावल, जांडली कलां, गोरखपुर, नहला, दहमान, रहनखेड़ी, सिंथला, नाढ़ोडी व भूंदड़ा शामिल हैं। उपरोक्त ग्राम पंचायतों ने निगम द्वारा भेजे जा रहे बिलों का विरोध किया है।
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क्या कहते हैं बीडीपीओ
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रविन्द्र कुमार दलाल ने इस संबंध में बताया है कि दूरसंचार निगम द्वारा ग्राम सचिवालयों में ब्रॉडबैंड सिस्टम तो लगा दिए मगर सेवाएं चालू नहीं है। इसलिए बिल का कोई औचित्य नहीं बनता। मामले को लेकर उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।
क्या कहते हैं बीएसएनएल के एसडीओ
भारत दूरसंचार निगम फतेहाबाद उपमण्डल के अधिकारी साधुराम ने बताया कि उनके संज्ञान में मामला आया है। मामले की जांच की जाएगी। ऐसी गलती कहां से हुई है इसको लेकर सब ठीक किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
भूना।
भारत संचार निगम द्वारा ग्राम सचिवालयों में लगाए गए इंटरनेट सेवा हेतु ब्रॉडबैंड सिस्टम प्रणाली चालू ही नहीं हुई और पांच-पांच हजार रुपये के बिल ग्राम पंचायतों को थोप दिए गए हैं। जिसको लेकर सरपंचों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने ने कहा कि जो सुविधा गांव में मिली ही नहीं उसके बिल गलत तरीके से वसूले जा रहे हैं। जबकि ऐसी ब्रॉडबैंड सेवा की कोई डिमांड भी नहीं रखी गई थी। सरपंचों ने कहा कि उनके द्वारा अदा किया गया बिल रिफंड किया जाए और ब्रॉडबैंड सेवा चालू की जाए। निगम के एसडीओ ने भी इस गलती को स्वीकार किया है।
क्या है मामला
ग्राम पंचायतों में करीब एक साल पहले ग्राम सचिवालयों में ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करने के लिए भारत संचार निगम ने सिस्टम तो लगा दिया। मगर इंटरनेट सेवाएं शुरू नहीं की है। जिसको लेकर ग्राम पंचायतों में इंटरनेट के बिल भी वसूले जा रहे हैं। ढाणी गोपाल की सरपंच सुदेश पूनियां, ढाणी भोजराज के सरपंच साधुराम महला, ढाणी सांचला के सरपंच साधुराम टाक, बुवान के सरपंच हीरा लाल व भूथन खुर्द के सरपंच सुरजीत सिंह आदि ने बताया कि उनके ग्राम सचिवालयों में निगम द्वारा ब्रॉडबैंड से संबंधित सिस्टम तो लगा दिया। मगर उसकी सेवाएं शुरू नहीं की गई। लेकिन निगम द्वारा बार-बार पांच-पांच हजार रुपये के बिल भी भेजे जा रहे हैं। जो गलत तरीके से पंचायतों से पैसा वसूला जा रहा है। इसको लेकर संबंधित सरपंचों ने निगम के अधिकारियों को भी दर्जनों बार अवगत करवाया जा चुका है। किंतु समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा। जिसको लेकर सरपंचों ने बिल की अदायगी करने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि भूना खंड के एक भी ग्राम सचिवालयों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं चालू नहीं है।
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यहां-यहां हैं ग्राम सचिवालय
लोगों की सुविधा के लिए गांव में ही हर प्रकार के फार्म व अन्य दस्तावेज ऑन लाइन करने के लिए भारत सरकार ने ग्राम सचिवालयों में ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू करने के लिए सिस्टम लगाया था। लेकिन सिस्टम तो लग गया लेकिन सेवाएं बहाल नहीं हुई। इनमें ग्राम सचिवालय ढाणी सांचला, ढाणी गोपाल, बुवान, दिगोह, धौलू, भूथनखुर्द, चंद्रावल, जांडली कलां, गोरखपुर, नहला, दहमान, रहनखेड़ी, सिंथला, नाढ़ोडी व भूंदड़ा शामिल हैं। उपरोक्त ग्राम पंचायतों ने निगम द्वारा भेजे जा रहे बिलों का विरोध किया है।
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क्या कहते हैं बीडीपीओ
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रविन्द्र कुमार दलाल ने इस संबंध में बताया है कि दूरसंचार निगम द्वारा ग्राम सचिवालयों में ब्रॉडबैंड सिस्टम तो लगा दिए मगर सेवाएं चालू नहीं है। इसलिए बिल का कोई औचित्य नहीं बनता। मामले को लेकर उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।
क्या कहते हैं बीएसएनएल के एसडीओ
भारत दूरसंचार निगम फतेहाबाद उपमण्डल के अधिकारी साधुराम ने बताया कि उनके संज्ञान में मामला आया है। मामले की जांच की जाएगी। ऐसी गलती कहां से हुई है इसको लेकर सब ठीक किया जाएगा।