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नागरिक अस्पताल के चिकित्सक पर डिलीवरी के नाम पर रुपये मांगने का आरोप
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई गर्भवती महिला से सरकारी अस्पताल के चिकित्सक द्वारा उसकी रिश्तेदार के माध्यम से रुपये मांगने का मामला प्रकाश में आया है। इसकी शिकायत पीड़ित के परिजनों ने विधायक सुभाष बराला एवं एसएमओ डा. सतीश गर्ग को दी है। जिसके बाद एसएमओ ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, डा. सचिन ने आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया है।
एसएमओ को दी शिकायत में लोहाखेड़ा निवासी अमरीक सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी चरणजीत कौर गर्भवती है तथा उसे प्रसव पीड़ा होने पर वे उसे नागरिक अस्पताल में ले आए। जिसके बाद अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक डा. सचिन आए तथा कहा कि डेढ़ घंटे बाद आकर वे इलाज करेंगे। इस दौरान रतिया रोड पर निजी अस्पताल में कार्यरत डा. सचिन की बहन ईशा का फोन उनके साथ आई आशा वर्कर कविता के पास आया। जिसके बाद उसने आशा वर्कर के माध्यम से रुपये देने की बात कही। डा. सचिन लंबे समय तक नहंीं आए तथा आने के बाद उन्हें अग्रोहा मेडिकल रेफर करने की बात करने लगे। जब उन्होंने डा. से रेफर करने का कारण पूछा तो चिकित्सक ने उनसे बहस शुरू कर दी। वहां डा. सचिन की बहन भी मौके पर आ गई उसने भी आकर बहस करनी शुरू कर दी। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उक्त भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि गरीब मरीजों से होने वाली लूट से बचाया जा सके। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी डा. सचिन पर डिलीवरी करने के नाम पर अस्पताल कर्मी के माध्यम से हजारों रुपये वसूलने का आरोप लगा था। जिसकी जांच भी की गई थी।
इस बारे में डा. सतीश गर्ग ने बताया कि आपातकालीन में तैनात कर्मी को उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला के इलाज के लिए चिकित्सक को बुलाओ, लेकिन डा. नहीं आए। बाद में बाहर से चिकित्सक डा. सोनिया को बुलाया गया, जिसके बाद डिलीवरी हो पाई है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर लिखित में शिकायत दी गई है जिसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। उधर, डा. सचिन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए उनको फंसाने की साजिश का आरोप लगाया है।
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टोहाना।
नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई गर्भवती महिला से सरकारी अस्पताल के चिकित्सक द्वारा उसकी रिश्तेदार के माध्यम से रुपये मांगने का मामला प्रकाश में आया है। इसकी शिकायत पीड़ित के परिजनों ने विधायक सुभाष बराला एवं एसएमओ डा. सतीश गर्ग को दी है। जिसके बाद एसएमओ ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, डा. सचिन ने आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया है।
एसएमओ को दी शिकायत में लोहाखेड़ा निवासी अमरीक सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी चरणजीत कौर गर्भवती है तथा उसे प्रसव पीड़ा होने पर वे उसे नागरिक अस्पताल में ले आए। जिसके बाद अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक डा. सचिन आए तथा कहा कि डेढ़ घंटे बाद आकर वे इलाज करेंगे। इस दौरान रतिया रोड पर निजी अस्पताल में कार्यरत डा. सचिन की बहन ईशा का फोन उनके साथ आई आशा वर्कर कविता के पास आया। जिसके बाद उसने आशा वर्कर के माध्यम से रुपये देने की बात कही। डा. सचिन लंबे समय तक नहंीं आए तथा आने के बाद उन्हें अग्रोहा मेडिकल रेफर करने की बात करने लगे। जब उन्होंने डा. से रेफर करने का कारण पूछा तो चिकित्सक ने उनसे बहस शुरू कर दी। वहां डा. सचिन की बहन भी मौके पर आ गई उसने भी आकर बहस करनी शुरू कर दी। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उक्त भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि गरीब मरीजों से होने वाली लूट से बचाया जा सके। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी डा. सचिन पर डिलीवरी करने के नाम पर अस्पताल कर्मी के माध्यम से हजारों रुपये वसूलने का आरोप लगा था। जिसकी जांच भी की गई थी।
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इस बारे में डा. सतीश गर्ग ने बताया कि आपातकालीन में तैनात कर्मी को उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला के इलाज के लिए चिकित्सक को बुलाओ, लेकिन डा. नहीं आए। बाद में बाहर से चिकित्सक डा. सोनिया को बुलाया गया, जिसके बाद डिलीवरी हो पाई है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर लिखित में शिकायत दी गई है जिसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। उधर, डा. सचिन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए उनको फंसाने की साजिश का आरोप लगाया है।
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