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सरसों की खरीद अव्यवस्था को लेकर किसान भड़के
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भट्टूकलां।
भट्टूमण्डी में हैफड द्वारा सरसों की खरीद व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को किसान अचानक आक्रोश में आ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसान मनीराम भादू, पालाराम खाबड़ा, अनिल लोयल, श्योसिंह, सोहन गोदारा, बिन्दू सांगा, प्रवीण, प्रक्षित सांगा, सतबीर, राजेश सहित अनेक किसानों ने बताया कि वीरवार को वे अपनी सरसों बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आए , परंतु कर्मचारियों ने कंप्यूटर व इंटरनेट व्यवस्था न होने के कारण उनका रजिस्ट्रेशन करने से इंकार कर दिया। वहीं बारदाना न होने की बात कह कर उनकी सरसों नहीं खरीदी जा रही। जिस कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने बताया कि एक दिन में केवल 50 के करीब रजिस्ट्रेशन ही किए जा रहे है। जबकि सरसों बेचने वाले किसानों की संख्या 150 से भी अधिक होती है। इसके अलावा पहले से बिकी सरसों भी उठाई नहीं जा रही। जिससे उनको शेड की बजाए सरसों खुले में उतारनी पड़ रही है। ऊपर से मौसम भी खराब है। इन बातों को लेकर किसान भड़क गए और उन्होंने संबधित विभाग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान हैफेड के जिला प्रबंधक राजेश हुड्डा भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना तथा उन्हें शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। तब जाकर किसान शांत हुए। किसान सभा के जिला सचिव विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि किसानों को सरसों खरीद में किसी भी प्रकार की समस्या आई तो वो आगामी 10 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।
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भट्टूकलां।
भट्टूमण्डी में हैफड द्वारा सरसों की खरीद व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को किसान अचानक आक्रोश में आ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसान मनीराम भादू, पालाराम खाबड़ा, अनिल लोयल, श्योसिंह, सोहन गोदारा, बिन्दू सांगा, प्रवीण, प्रक्षित सांगा, सतबीर, राजेश सहित अनेक किसानों ने बताया कि वीरवार को वे अपनी सरसों बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आए , परंतु कर्मचारियों ने कंप्यूटर व इंटरनेट व्यवस्था न होने के कारण उनका रजिस्ट्रेशन करने से इंकार कर दिया। वहीं बारदाना न होने की बात कह कर उनकी सरसों नहीं खरीदी जा रही। जिस कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने बताया कि एक दिन में केवल 50 के करीब रजिस्ट्रेशन ही किए जा रहे है। जबकि सरसों बेचने वाले किसानों की संख्या 150 से भी अधिक होती है। इसके अलावा पहले से बिकी सरसों भी उठाई नहीं जा रही। जिससे उनको शेड की बजाए सरसों खुले में उतारनी पड़ रही है। ऊपर से मौसम भी खराब है। इन बातों को लेकर किसान भड़क गए और उन्होंने संबधित विभाग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान हैफेड के जिला प्रबंधक राजेश हुड्डा भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना तथा उन्हें शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। तब जाकर किसान शांत हुए। किसान सभा के जिला सचिव विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि किसानों को सरसों खरीद में किसी भी प्रकार की समस्या आई तो वो आगामी 10 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।