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पहले परिवार के साथ खाया खाना, दस मिनट बाद छत से लटकी मिली महिला
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
बीघड़ रोड पर स्थित रतिया कॉलोनी में मंगलवार को एक महिला ने लंबी बीमारी से परेशान होकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालजीत यादव निवासी रतिया कालोनी बिजली निगम में लाइनमैन के पद पर कार्यरत है। बताया गया है कि उसकी 43 वर्षीय पत्नी सुरजी देवी बीमारी से पीड़ित थी और मानसिक रुप से परेशान रहती थी।
नागरिक अस्पताल में परिजनों ने बताया कि मंगलवार को वह सुबह साढ़े 10 बजे के करीब खाना खाकर अपने कमरे में चली गई। दस मिनट के बाद परिजन किसी काम से कमरे के अंदर जाने लगे तो दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने सुरजी देवी को दरवाजा खोलने के लिए कई बार आवाज लगाई लेकिन जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया न हुई तो उन्हें किसी अनिष्ट की आशंका हुई। इस पर उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। जैसे ही वे अंदर घुसे तो सुरजी देवी कमरे की छत से फांसी लगाकर लटकी हुई थी। आननफानन में परिजनों ने सुरजी देवी को नीचे उतारा और पार्षद वजीर जाखड़ को बुलाकर उनकी गाड़ी में ही नागरिक अस्पताल पहुंचाया लेकिन अस्पताल में सुरजी देवी की नब्ज देखते ही चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के तीन बेटे व बेटियां हैं। शहर पुलिस के कांस्टेबल विनोद कुमार ने बताया कि परिजनों के बयानों के आधार पर धारा 174 के तहत कार्यवाही कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
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फतेहाबाद।
बीघड़ रोड पर स्थित रतिया कॉलोनी में मंगलवार को एक महिला ने लंबी बीमारी से परेशान होकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालजीत यादव निवासी रतिया कालोनी बिजली निगम में लाइनमैन के पद पर कार्यरत है। बताया गया है कि उसकी 43 वर्षीय पत्नी सुरजी देवी बीमारी से पीड़ित थी और मानसिक रुप से परेशान रहती थी।
नागरिक अस्पताल में परिजनों ने बताया कि मंगलवार को वह सुबह साढ़े 10 बजे के करीब खाना खाकर अपने कमरे में चली गई। दस मिनट के बाद परिजन किसी काम से कमरे के अंदर जाने लगे तो दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने सुरजी देवी को दरवाजा खोलने के लिए कई बार आवाज लगाई लेकिन जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया न हुई तो उन्हें किसी अनिष्ट की आशंका हुई। इस पर उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। जैसे ही वे अंदर घुसे तो सुरजी देवी कमरे की छत से फांसी लगाकर लटकी हुई थी। आननफानन में परिजनों ने सुरजी देवी को नीचे उतारा और पार्षद वजीर जाखड़ को बुलाकर उनकी गाड़ी में ही नागरिक अस्पताल पहुंचाया लेकिन अस्पताल में सुरजी देवी की नब्ज देखते ही चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के तीन बेटे व बेटियां हैं। शहर पुलिस के कांस्टेबल विनोद कुमार ने बताया कि परिजनों के बयानों के आधार पर धारा 174 के तहत कार्यवाही कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
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